अनजाने नायकः फैमिली डॉक्टर्स
डॉ. शमनाद कहते हैं, ''नफे-नुक्सान की हमें परवाह नही हैं. हम मरीजों को मुस्कराते हुए जाते देखना चाहते हैं''

केरल में गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पांच साल के कार्यकाल के बाद, चार युवा डॉक्टरों ने अपनी नौकरी छोडऩे का फैसला किया. चार दोस्तों—मोहम्मद शमनाद, डीएस मिधुन, रोजन जोसफ और प्रसून प्रकाशन ने 'फैमिली डॉक्टर' कॉन्सेप्ट को एक नए सिरे से परिभाषित करने का फैसला किया और ऑर फैमिली क्लिनिक (ओएफसी) की एक चेन के माध्यम से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सस्ती पर अच्छी सेवा प्रदान करनी शुरू की. उन्होंने एक सामाजिक सेवा/व्यवसाय उद्यम के रूप में संचालित करने के लिए मार्च 2015 में 89.25 लाख रुपए की पूंजी के साथ सतक्रिया हेल्थकेयर इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड की नींव रखी.
आज, ओएफसी के केरल में विशेष क्लिनिक, फार्मेसी, लैबोरेट्रीज और कॉल पर 24&7 उपलब्ध डॉक्टरों के साथ 11 केंद्र हैं. ओएफसी के सीईओ डॉ. शमनाद कहते हैं, ''हमने फैमिली क्लिनिकों की चेन के माध्यम से एक अभिनव परिवार और रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा मॉडल तैयार किया है. यह भारत में निजी स्वास्थ्य प्रणाली में क्रांति लाने वाला कदम है, जिसमें एक ज्यादा संगठित डिलिवरी मॉडल के जरिए किफायती मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की कोशिश हुई है.''
सभी ओएफसी अर्ध-शहरी क्षेत्रों में 250 रुपए से कम और दूरदराज के गांवों में 200 रुपए से कम शुल्क पर दवाओं सहित डॉक्टरी परामर्श प्रदान करते हैं. उन्हें क्लिनिक में रोजाना लगभग 1,000 मरीज मिलते हैं. ओएफसी के पास एक मानकीकृत रोगी-केंद्रित उपचार प्रोटोकॉल है और स्टाफ जिसमें डॉक्टर भी शामिल हैं, को 10 दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद ही ओएफसी में शामिल किया जाता है. ओएफसी के सह-संस्थापक और सीएफओ डॉ. रोजन जोसफ कहते हैं, ''हमने स्थानीय समुदाय के बीच विश्वास पैदा करके इस ब्रांड का निर्माण किया है. काम शुरू करने के तीन महीने के भीतर क्लिनिक कर्जमुक्त हो गए हैं.''
एरणाकुलम जिले के एक तटीय इलाके वायपिन में, स्थानीय मछुआरा समुदाय ओएफसी की सेवाओं से काफी खुश है. एक स्थानीय मछुआरे थॉमस विन्सेंट कहते हैं, ''हम एक न्यूनतम लागत पर गुणवत्तापूर्ण सेवा प्राप्त करते हैं. पहले हमें निजी अस्पताल में जाना पड़ता था और मामूली बीमारी के लिए भी 500 रुपए खर्च करने पड़ते थे. यहां फीस बहुत कम है.''
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