विचार प्रमुख
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को राष्ट्रीय सुलह के मुद्दे के तौर पर देखें और मोदी सरकार और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर की कोशिशों के साथ-साथ एक ऐसा माहौल तैयार किया.

आरएसएस सरसंघचालक68 वर्षीय मोहन भागवत राजनेताओं की फेहरिस्त में तीसरे नंबर पर हैं.
क्योंकि वे आरएसएस के प्रमुख हैं, जो भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं को विचारधारा का आधार देता है और हाल के वक्त में देश का सामाजिक और राजनैतिक विमर्श तय करने में अहम भूमिका अदा कर रहा है
क्योंकि मुख्य रूप से आरएसएस ने ही लोकसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत की पटकथा लिखी
क्योंकि उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वे अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को राष्ट्रीय सुलह के मुद्दे के तौर पर देखें और मोदी सरकार और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर की कोशिशों के साथ-साथ एक ऐसा माहौल तैयार किया, जिसमें मुस्लिम नेता समझौते के जरिए इस मुद्दे को सुलझाने के लिए और ज्यादा प्रोत्साहित हुए
सोच में बड़ा बदलाव
भागवत मुसलमानों को लेकर आरएसएस के विचारक एम.एस. गोलवलकर के कट्टर विचारों से सार्वजनिक तौर पर दूर हटे और कहा कि संघ को अनुभवों से सीखना होगा.
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