बंदरगाहों के बादशाह

अडानी समूह की सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनियों में से छह कंपनियों के शेयरों का मूल्य 30 वर्षों में 600 गुना तक बढ़ गया अडानी पावर अब भारत की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी है

एपी
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ऊंचे और असरदार की फेहरिस्त में तीसरे नंबर पर हैं 57 वर्षीय गौतम अडानी, अडानी ग्रुप के चेयरमैन हैं.

क्योंकि कॉलेज की पढ़ाई को बीच में ही छोडऩे वाले गुजरात के व्यवसायी, जो प्रधानमंत्री मोदी के करीबी माने जाते हैं, अपने व्यापार को एक आक्रामक विस्तार देने की होड़ में हैं.

इस साल गुजरात में ही 50,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की घोषणा कर चुके हैं और बंदरगाहों, पॉवर ट्रांसमिशन, कोयला और खनन के पुराने व्यवसायों में विविधता लाते हुए एयरोस्पेस और डिफेंस, डेटा सेंटर्स, शहरी जल प्रबंधन, सड़क, रेल, मेट्रो और हवाई अड्डों के व्यवसायों में उतरे हैं

क्योंकि उनकी देखरेख में, अडानी समूह की सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनियों में से छह कंपनियों के शेयरों का मूल्य 30 वर्षों में 600 गुना तक बढ़ गया और कंपनी का संयुक्त राजस्व 13 अरब डॉलर (89,700 करोड़ रुपये) का हो गया है

क्योंकि अडानी पावर अब भारत की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी है, जिसकी स्थापित क्षमता 10,480 मेगावाट है; और अडानी पोट्रर्स ऐंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) सबसे बड़ा वाणिज्यिक बंदरगाह ऑपरेटर है जहां से देश के लगभग एक-चौथाई कार्गो का परिवहन होता है.

क्योंकि समूह ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में, 10,000 करोड़ रुपये की कारमिकेल खदान से कोयले का उत्पादन करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए उसके करीब पहुंच चुका है

क्योंकि यह समूह निजीकरण की ओर बढ़ रहे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआइ) की ओर से संचालित छह एयरपोट्रर्स के लिए सबसे अधिक बोली लगाने वाला है

पारिवारिक व्यक्ति

अपनी दो साल की पोती के साथ समय बिताना पसंद करते हैं, जिसे वे अक्सर खुद किंडरगार्टेन तक लेकर जाते हैं

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