शक्तिमान शाह
देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर स्पष्ट और ठोस रवैया अपनाया है—जम्मू-कश्मीर से लेकर असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और आतंक से अधिक प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को सशक्त बनाने तक.

केंद्रीय गृह मंत्री 54 वर्षीय अमित शाह शीर्ष के राजनेताओं की फेहरिस्त में दूसरे नंबर पर हैं.
क्योंकि कड़ी मेहनत, राजनैतिक सूझबूझ और कुशल कार्यान्वयन के जरिए उन्होंने भाजपा को चुनाव जीतने वाली मशीन में बदल दिया है
क्योंकि वे देश में सबसे ताकतवर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार हैं. राजनीति की समझ, पार्टी संगठन पर मजबूत पकड़ और प्रशासनिक क्षमताओं के कारण उन्हें व्यापक रूप से मोदी का उत्तराधिकारी माना जाता है
क्योंकि उन्हें फैसले लेने वाले केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में देखा जाता है, जिसने देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर स्पष्ट और ठोस रवैया अपनाया है—जम्मू-कश्मीर से लेकर असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और आतंक से अधिक प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को सशक्त बनाने तक
देशभक्त
युवा दिनों में गुरुदत्त की फिल्मों के दीवाने शाह अब राष्ट्रवादी विषयों पर फिल्में देखना पसंद करते हैं. 2015 में आई अक्षय कुमार की फिल्म बेबी उनकी पसंदीदा फिल्मों में से एक है
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