एमपी में कांग्रेस छोड़ भाजपा में आने वालों के लिए बनी 'न्यू जॉइनिंग सेल'

मार्च की 12 तारीख को कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवारों की दूसरी सूची आई और सूत्रों का कहना है कि असल खींचतान असम की नगांव सीट को लेकर थी

बोरदोलोई को थरूर का साथ देने के बावजूद मिला ईनाम: इलस्ट्रेशन: सिद्धांत जुमडे
बोरदोलोई को थरूर का साथ देने के बावजूद मिला ईनाम: इलस्ट्रेशन: सिद्धांत जुमडे

मार्च की 12 तारीख को कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवारों की दूसरी सूची आई और सूत्रों का कहना है कि असल खींचतान असम की नगांव सीट को लेकर थी. पूर्व सीएम तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई इस मुस्लिम बहुल सीट से लड़ना चाहते थे.

उनके मौजूदा निर्वाचन क्षेत्र कलियाबोर का नाम बदलकर काजीरंगा कर दिया गया है और परिसीमन ने इसके भूगोल और जनसांख्यिकी को बदल दिया है. राहुल गांधी के करीबी गौरव बेफिक्र थे और अपनी टीम को नगांव में तैनात कर दिया था.

पर अंत में सोनिया गांधी ने इस सीट पर मौजूदा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई का समर्थन किया और गौरव को जोरहाट से लड़ने के लिए कहा, जहां 2014 से कांग्रेस को जीत नहीं मिली है. बता दें कि बोरदोलोई ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में पार्टी समर्थित मल्लिकार्जुन खड़गे की बजाए शशि थरूर का समर्थन किया था.

सियासत के 'जयचंद'

राजस्थान की सियासत को 'जयचंद' से विशेष लगाव है. चूरू की राजनीति में तो बीते चार-पांच माह से 'जयचंद' का बोलबाला है. विधानसभा चुनाव के बाद किसी खास नेता के संदर्भ में जयचंद का प्रयोग हो रहा था तो अब लोकसभा चुनाव से पहले किसी अन्य नेता के. तारानगर से विधानसभा चुनाव हारने के बाद भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा था, "मेरी हार में पार्टी के ही जयचंदों की भूमिका रही है." अब लोकसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद सांसद राहुल कस्वां ने कहा, "जयचंदों के बीच रहने वाले जयचंद, जयचंदों की बात करते हैं," आखिर शेखावटी का असली जयचंद कौन है?

आइए-आइए, स्वागत है

मध्य प्रदेश में कांग्रेस वाकई मुश्किल में है. मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रस्थान के साथ पार्टी छोड़ने वालों का सिलसिला जारी है. अभी 9 मार्च को पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी कांग्रेस छोड़ भाजपा में चले गए. एक पूर्व सीएम समेत कुछ अन्य लोग भी भाजपा में करीब-करीब जा चुके थे पर फिलहाल रुक गए. भाजपा में आने की ऐसी होड़ है कि पार्टी ने 'न्यू जॉइनिंग सेल' बनाई है जिसके अध्यक्ष राज्य के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र हैं. यह प्रकोष्ठ स्वागत कार्यक्रम का समन्वय करता है जिसमें प्रेस कॉन्फ्रेंस, मालाएं और अन्य चीजें शामिल हैं. आम चुनाव के मद्देनजर सेल का काम बढ़ गया है.

मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र

सावधान! हम सत्ता में आ चुके हैं

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में अपनी पारी शुरू करने के दो दिन के भीतर ही सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सीएम योगी आदित्यनाथ को नाराज कर दिया. 7 मार्च को पूर्वी जिले मऊ में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे यह पक्का करें कि पुलिस अधिकारी 'उनकी बात अदब से सुनें' क्योंकि वे अब मंत्री हैं. उन्होंने दावा किया कि सीएम के बाद वे राज्य में सबसे शक्तिशाली शख्स हैं. विडंबना कि राजभर ने 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले कहा था कि "योगी को उनके मठ वापस भेज देंगे."

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी प्रमुख ओम प्रकाश राजभर

सहजता का सम्मान 

अपने कहानी संग्रह जिउ-सफरनि दाखोन के लिए 2023 का साहित्य अकादमी पुरस्कार पाने वाले बोडो भाषा के लेखक नंदेश्वर दैमारि ने अपनी सहजता से सबका दिल जीत लिया. 12 मार्च को मौका था दिल्ली के कमानी सभागार में 24 भाषाओं के लेखकों को पुरस्कार अर्पण का. अपनी बारी आने पर असम के उदालगुड़ी जिले के दैमारि बीच मंच पर कुर्सी के पास आए, सैंडल निकाली, हाथ में ली और उसे मंच के एक किनारे ले जाकर रखा, फिर कुर्सी पर बैठे. उनके ऐसा करते ही सभागार तालियों से गूंज उठा. पुरस्कार लेकर जमीन पर उकड़ू बैठ उन्होंने अकादमी अध्यक्ष माधव कौशिक के पैर भी छुए.

- साथ में अफरीदा हुसैन

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