प्रधानमंत्री ने नवीन पटनायक को दोस्त कहा, भाजपा नेता क्यों सोच में पड़ गए?

2024 की अपनी पहली सार्वजनिक सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्तारूढ़ बीजू जनता दल पर एक भी कटाक्ष नहीं किया. उनकी बजाय कांग्रेस पर ही निशाना साधते रहे

इलस्ट्रेशन: सिद्धांत जुमडे
इलस्ट्रेशन: सिद्धांत जुमडे

ओडिशा के भाजपा नेताओं को तो विश्वास ही नहीं हो रहा था. 3 फरवरी को संबलपुर में राज्य के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को अपना मित्र कह रहे थे. ओडिशा (जहां चुनाव होने वाले हैं) में 2024 की अपनी पहली सार्वजनिक सभा में मोदी ने सत्तारूढ़ बीजू जनता दल पर एक भी कटाक्ष नहीं किया. उनकी बजाय वे कांग्रेस पर ही निशाना साधते रहे.

यह सब उस वक्त हो रहा था जब कार्यकर्ता पटनायक के शासन को खत्म करने के लिए दिन-रात काम रहे थे. वैसे यह सब एकतरफा नहीं था. नवीन बाबू ने भी ''मोदीजी'' की भरपूर तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने ''भारत को एक नई दिशा दी है. हम एक आर्थिक महाशक्ति बनने की राह पर हैं.'' आम चुनाव अब नजदीक हैं और हैरान-परेशान ओडिशा भाजपा ने मानो हथियार डाल दिए हैं. उन्हें पड़ोसी राज्य बिहार की ओर देखना चाहिए, शायद चीजें समझ आ जाएं.

ऊ बंगला में के जाई?

नीतीश कुमार भले बतौर मुख्यमंत्री डटे हुए हैं, लेकिन नवंबर 2015 से बिहार ने सात उपमुख्यमंत्री देख लिए हैं. कुछ लोग इस पद को बदकिस्मत बता रहे हैं पर कुछ अन्य इसके लिए 5 देशरत्न मार्ग पर स्थित बंगले को जिम्मेदार बता रहे हैं. राजद नेता तेजस्वी यादव 2016 में उपमुख्यमंत्रियों के इस आधिकारिक आवास में सबसे पहले आए थे लेकिन जुलाई 2017 में उनका विकेट गिर गया. यादव के बाद फरवरी 2019 में सुशील मोदी इस पद पर आए.

एक साल बाद भाजपा तो नीतीश के साथ थी लेकिन सुशील उस परिदृश्य से बाहर हो गए. उस आवास के अगले दो निवासियों तारकिशोर प्रसाद (भाजपा) और तेजस्वी का कार्यकाल भी अल्प ही रहा जब नीतीश ने 2022 और 2024 में पाला बदल किया. अब जद(यू)-भाजपा की नई सरकार में सियासी हलकों में यह उत्सुकता है कि दोनों उपमुख्यमंत्रियों सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा में से किसे वह बंगला अलॉट होता है.

इत्र के आंगन में असली रण

सपा प्रमुख अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट समाजवादी पार्टी (सपा) का गढ़ मानी जाती है, भले ही साल 2019 में डिंपल यादव यहां से चुनाव हार गई थीं. अब चर्चा है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव खुद इस सीट से चुनाव लड़ सकते हैं. इधर 3 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ी रैली करके कन्नौज से चुनाव अभियान की शुरुआत की. उन्होंने 352 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं का शिलान्यास भी किया. यानी भाजपा से मुकाबला करने के लिए अखिलेश को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी. 

नया तेलंगाना !

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने फैसला किया है कि अब से राज्य का कोड 'टीजी' होगा, 'टीएस' नहीं जैसा कि उनके पूर्ववर्ती के. चंद्रशेखर राव ने तय किया था. अब सभी वाहनों के रजिस्ट्रेशन बदल जाएंगे. राज्य की प्रतीक और तेलंगाना तल्ली (मां तेलंगाना) जिसकी प्रतिमा पूरे राज्य में स्थापित हुई है, उसे भी फिर से डिजाइन किया जा रहा है. और कवि एंडी श्री का जय जय हे तेलंगाना आधिकारिक गीत होगा. ऐसा लगता है कि कांग्रेस सरकार आम चुनाव आने तक कोट्टा (नया) तेलंगाना बनाने पर उतारू है.

खिसक लें

संसद के बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद शाम 4:30 बजे भाजपा सांसदों के लिए फिल्म द वैक्सीन वॉर की स्क्रीनिंग रखी गई थी. पिछले साल आई यह फिल्म कोविड-19 से बचाव के लिए भारत की स्वदेशी को-वैक्सीन पर केंद्रित है. कश्मीर फाइल्स वाले विवेक अग्निहोत्री इसके निर्देशक हैं. संसद की लाइब्रेरी बिल्डिंग में इसकी स्क्रीनिंग में भाजपा सांसदों को अनिवार्य रूप से शामिल होने को कहा गया क्योंकि इसे दिखाने का आइडिया सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का था. पार्टी के कुछ ऐसे सांसद जिन्होंने यह फिल्म देख रखी थी और जिन्हें यह कोई खास पसंद नहीं आई थी, यह शिकायत करते नजर आए कि उन्हें अपना टाइम खोटा करना पड़ेगा. कुछ सांसद होशियार निकले. वे शुरू में तो रहे पर जल्द ही सरक लिए. किसी ने देखा तो नहीं ना!

अर्कमय दत्ता मजूमदार, अमिताभ श्रीवास्तव, आशीष मिश्र, अमरनाथ के. मेनन और हिमांशु शेखर

Read more!