मंदिर-मंदिर मोदी

पीएम मोदी ने अयोध्या में रामलला की पूजा की और शाम को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सरयू तट पर दीपोत्सव समारोह की शुरुआत की

 मंदिरों का दौराः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
मंदिरों का दौराः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के कई प्रतिष्ठित मंदिरों के दौरे में व्यस्त हैं. उनके गृह राज्य गुजरात में चुनाव होने वाले हैं और उन्होंने 30 सितंबर से 9 अक्तूबर के दौरान राज्य के तीन मंदिरों का दौरा किया. पीएम ने 12 अक्तूबर को उज्जैन में 850 करोड़ रुपए के महाकालेश्वर मंदिर कॉरिडोर विकास परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया.

उसके एक हफ्ते बाद उन्होंने गुजरात के माधवपुर गांव में श्री कृष्ण रुक्मणी मंदिर के विकास की आधारशिला रखी. उसके अगले दिन वे उत्तराखंड के केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम में थे. तो 23 अक्तूबर को दीवाली की पूर्वसंध्या पर पीएम मोदी ने अयोध्या में रामलला की पूजा की और शाम को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सरयू तट पर दीपोत्सव समारोह की शुरुआत की. इस दीपोत्सव में 15 लाख से अधिक दीये जलाकर अधिकतम दीये जलाने का विश्व  रिकॉर्ड बनाया गया.

पूजा या शिकार?

असम के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता हेमंत बिस्व सरमा ने हाल में राजस्थान में मंदिर का दौरा किया तो सियासी गलियारों में हलचल मच गई. दरअसल, सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच कांग्रेस की सत्ता का संघर्ष अब भी अनसुलझा है. श्री सालासर बालाजी मंदिर और खाटू श्याम मंदिर जाने के अलावा सरमा ने राज्यपाल कलराज मिश्र और स्पीकर सी.पी. जोशी से भी भेंट की. इसे शिष्टाचार भेंट करार देने के बावजूद, सरमा के सियासी कौशल—जो महाराष्ट्र और गोवा में भी दिखा—को देखते हुए इसने सबको विचलित कर दिया है.

नेक सलाह

अक्तूबर की 21 तारीख को स्वास्थ्य विभाग के एक कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक अधिकारी को जम्हाई लेते हुए देख लिया. अधिकारी को मुख्यमंत्री न सही, कम-से-कम लोगों पर ध्यान देने की हिदायत देते हुए नीतीश ने कहा, ''यह स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम है. आपको अच्छा महसूस करना चाहिए.''  

वार रूम में सेंध

राजस्थान कांग्रेस ने अपनी गोपनीय मीटिंग और रणनीति तय करने के लिए जयपुर में वार रूम बनाया है. इसके प्रभारी गोविंद सिंह डोटासरा चाहते थे कि इसमें किसी तरह के सीसीटीवी कैमरा या अन्य उपकरण नहीं लगाए जाएं लेकिन पिछले दिनों चोरों ने इसमें सेंध लगा दी जिससे प्रभारी को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी. अब वार रूम ही नहीं पूरे बंगले के चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. सयाने बता रहे हैं कि चोरों ने सत्ताधारी पार्टी के अहम दफ्तर के उपकरणों पर हाथ साफ करके सरकार के सुशासन की पड़ताल की है.

पर कतरने की तैयारी

सुनने में आ रहा है कि भाजपा आम आदमी पार्टी के कर्ता-धर्ता अरविंद केजरीवाल को घेरने के लिए नई रणनीति पर काम कर रही है. गुजरात चुनाव में आप की सक्रियता को देखते हुए ऐसा किया जा रहा है. केजरीवाल के खिलाफ अब कई सामाजिक संगठनों और थिंक टैंक को सक्रिय करने की कोशिश हो रही है. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर राय बनी है कि अगर स्वतंत्र माने जाने वाले संगठन तर्कों और तथ्यों के आधार पर केजरीवाल की आलोचना करेंगे तो लोगों को इन बातों पर अधिक यकीन होगा. शुरुआत गुजरात से ही होने की उम्मीद है.

—साथ में अमिताभ श्रीवास्तव, हिमांशु शेखर और आनंद चौधरी

Read more!