कम्यूनिटी मोबिलाइजरः वैश्विक मिशन

डॉ. कार की समुदाय नीत सकल स्वच्छता परियोजना (सीएलटीएस) में किसी समुदाय को खुले में शौच की अपनी प्रवृत्ति का खुद ही विश्लेषण करने को प्रोत्साहित किया जाता है.

गुर सीखकर बनें गुरु डॉ. कमल कार कोलकाता के नारायणपुर इलाके में
गुर सीखकर बनें गुरु डॉ. कमल कार कोलकाता के नारायणपुर इलाके में

कम्युनिटी मोबिलाइजर

विजेता: समुदाय नीत सकल स्वच्छता परियोजना (डॉ. कमल कार)

जीत की वजह: खुले में शौच से मुक्त बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार करना

बांग्लादेश में एक गांव में काम करने के दौरान कृषि और पशु विज्ञानी डॉ. कमल कार को सामुदायिक भागीदारी की अहमियत का एहसास हुआ. वे स्वच्छता और स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए 70 से ज्यादा देशों में काम कर चुके हैं.

उन्होंने करीब 300 गांव वालों से कहा कि वे गांव का मैदानी नक्शा बनाएं और उसमें शौच के लिए इस्तेमाल आने वाले खुले स्थानों को हल्दी से चिन्हित करें. उन लोगों ने अपना काम खत्म किया तब तक करीब-करीब पूरा नक्शा ही हल्दी के रंग में रंग चुका था. गांव वालों को खुद पर शर्म महसूस हुई और उन्होंने इसे सुधारने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली. डॉ. कार की समुदाय नीत सकल स्वच्छता परियोजना (सीएलटीएस) में किसी समुदाय को खुले में शौच की अपनी प्रवृत्ति का खुद ही विश्लेषण करने को प्रोत्साहित किया जाता है.

इसकी शुरुआत 1990 के दशक में हुई और उसका इस्तेमाल हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में किया जा चुका है. इसी से सबक लेकर विश्व बैंक और यूनिसेफ जैसे विश्व संगठनों ने अपनी रणनीतियों में बदलाव करके अब लोगों की प्रवृत्तियों को बदलने पर जोर दिया है. उसका इस्तेमाल 40 देशों में किया जा चुका है और वह कम से कम सात देशों में राष्ट्रीय स्वच्छता रणनीति का आधार बन चुका है.

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