क्लीनेस्ट रेलवे स्टेशनः बदलाव के दिग्गज

27 अलग-अलग तरह की मशीनों की मदद से तीन शिफ्ट में काम करते हैं और निरंतर स्टेशन को साफ बनाए रखते हैं. सफाई करने वाले कर्मचारियों के लिए भोजन करने और खाली समय में आराम करने के लिए अलग से शेल्टर भी बना हुआ है.

साफ-सुथरा  जोधपुर स्टेशन के एक प्लेटफॉर्म पर काम करते सफाईकर्मी
साफ-सुथरा जोधपुर स्टेशन के एक प्लेटफॉर्म पर काम करते सफाईकर्मी

क्लीनेस्ट रेलवे स्टेशन

विजेता:  जोधपुर

जीत की वजह: 2016 में इसे स्वच्छता में भारत के रेलवे स्टेशनों में 187वां स्थान हासिल हुआ था, और आज इसने भारत के सबसे स्वच्छ रेलवे स्टेशन का दर्जा हासिल कर लिया है

यह स्टेशन 2016 के एक सर्वे के अनुसार, रेलवे स्टेशनों में 187वें स्थान पर था. फिर 2018 तक उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन की रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर आ चुका था. अब इसने भारत के सबसे साफ रेलवे स्टेशन के लिए इंडिया टुडे सफाईगीरी अवॉर्ड जीता है.

कुल 150 से ज्यादा लोग दस्तानों-मास्क से लैस होकर, 27 अलग-अलग तरह की मशीनों की मदद से तीन शिफ्ट में काम करते हैं और निरंतर स्टेशन को साफ बनाए रखते हैं. सफाई करने वाले कर्मचारियों के लिए भोजन करने और खाली समय में आराम करने के लिए अलग से शेल्टर भी बना हुआ है. स्टेशन अधिकारी उनके लिए प्रेरित करने वाले अभियान भी चलाते हैं. स्टेशन पर 180 डस्टबिन और प्लास्टिक की बोतलों को नष्ट करने वाली मशीन भी लगी है.

इस मशीन से निकला 450 किलो कूड़ा रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जा चुका है. स्टेशन में एक कंपोस्ट पिट भी है, जिसका इस्तेमाल स्टेशन परिसर के हरे-भरे इलाके को खाद उपलब्ध कराने में किया जाता है.

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