बेस्ट सैनिटेशन ऐपः स्वच्छता का एक क्लिक

स्वच्छता-एमओएयूए लोगों को नागरिक कुप्रबंधन के मुद्दों को उठाने और अधिकारियों को जवाबदेह बनाने के लिए एक पारदर्शी मंच देना

बेस्ट सैनिटेशन ऐप
बेस्ट सैनिटेशन ऐप

विजेता-स्वच्छता एमओयूए

जीत की वजहः लोगों को नागरिक कुप्रबंधन के मुद्दों को उठाने और अधिकारियों को जवाबदेह बनाने के लिए एक पारदर्शी मंच देना

अगली बार अगर आपको कोई सार्वजनिक शौचालय बहुत गंदा दिखे या किसी पार्क या सड़क पर कूड़ा बिखरा पाएं तो आप स्वच्छता-एमओएचयूए ऐप डाउनलोड कर वहां तस्वीरों के साथ अपनी शिकायत दर्ज करा दें. दिल्ली के 62 वर्षीय बृजेंद्र पवार जब सुबह की सैर को एक पार्क में गए तो वहां बर्बाद भोजन बिखरा दिखा और उन्होंने तस्वीरें पोस्ट कर दीं.

अगस्त 2016 में लॉन्च किए गए, इस ऐप्लिकेशन का संचालन केंद्रीय आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय करता है. सरकार कहती है, प्रतिदिन लगभग 8,000 शिकायतें दर्ज की जाती हैं और शिकायत निवारण दर 90 प्रतिशत से अधिक है.

इस ऐप को दस लाख से अधिक बार डाउनलोड किया गया है. इस पर कचरा फैलाने, सड़कों पर झाड़ू नहीं लगाए जाने, मृत जानवरों के पड़े होने और गंदगी या सार्वजनिक शौचालयों के सेवा में नहीं होने जैसी विभिन्न श्रेणियों के तहत शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं.

ऐप 4,041 शहरों में उपलब्ध है और मंत्रालय की ओर से जारी की जाने वाली स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट की रैंकिंग को अंतिम रूप देने में नागरिकों का फीडबैक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

शहरी स्थानीय निकायों के लिए स्वच्छता रैंकिंग चार मापदंडों पर आधारित है—उपयोगकर्ता पंजीकरण, उपयोगकर्ता जुड़ाव, एजेंसी जवाबदेही और प्रतिक्रिया.

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