इंडिया टुडे कॉन्क्लेवः वैचारिक समुद्र मंथन

2019 इंडिया टुडे कॉन्क्लेव, मुंबई में देश की प्रमुख हस्तियों औऱ विचारकों ने मौजूदा समय के ज्वलंत मुद्दों पर किया मंथन

फोटोः बंदीप सिंह
फोटोः बंदीप सिंह

भारत मंदी से कैसे निबट सकता है? रोजगार का संकट कितना गंभीर है? अनुच्छेद 370 के बिना कश्मीर का भविष्य क्या है? भारत की सेनाएं कितना तैयार हैं? क्या भारतीय लोकतंत्र मुश्किल में है? महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव कौन पार्टी जीतेगी? देश के सामने जल संकट क्यों मुंह बाए खड़ा है? किसका अधिकार ज्यादा महत्वपूर्ण है—प्रवासियों का या नागरिकों का? कोई तन-मन के बीच संतुलन कैसे साध लेता है? हम किशोरवय के लोगों में अवसाद से कैसे निबटें? क्या भविष्य में रोबो के साथ सेक्स होगा? सोशल मीडिया के जरिए प्रभाव कैसे डाला जाता है? भारतीय सिनेमा का नया हीरो कौन और कैसा है?

मुंबई में दो दिवसीय इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में इस तरह के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर 55 प्रभावशाली लोगों और विद्वानों ने बातचीत की. भारतीय अर्थव्यवस्था निश्चित रूप से चर्चा का विषय रही, जिसकी इस बात से पुष्टि हो गई कि कॉन्क्लेव के पहले ही घंटे में केंद्र सरकार ने अब तक के सबसे बड़े आर्थिक प्रोत्साहन की घोषणा कर दी—कॉर्पोरेट टैक्स की दरें कम कर दी गईं.

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और नितिन गडकरी, रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास और नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने यह कहते हुए उम्मीद जताई कि इससे हालात बेहतर होंगे जबकि अर्थशास्त्रियों और उद्योग के दिग्गजों ने अर्थव्यवस्था के बारे में अपना आकलन पेश किया. बहस का दूसरा बड़ा मुद्दा था अनुच्छेद 370. इस पर केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने बात की.

''सारी शक्तियां आज तेज विकास की योजना बना रही हैं...जब आप ठान लेते हैं तो पूरी कायनात आपको सफल बनाने में मदद करने लगती है.''

पीयूष गोयल, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री

खास बातें

  • बजट के बाद चार 'मिनी बजट' प्रोत्साहनों को नीचे तक पहुंचाने में मदद करेंगे: पीयूष गोयल
  • सरकार को विकास तेज करने के लिए संपत्ति की बिक्री करनी चाहिए: साजिद चिनाय
  • कॉर्पोरेट टैक्स में 1,45,000 करोड़ रु. की कटौती से विकास तेज होगा: नीलकंठ मिश्रा
  • केंद्र को एनआरआइ उद्यमियों का स्वागत करना चाहिए: प्रकाश हिंदुजा
''सरकार ही अधिपति है, आप उससे बातचीत बंद नहीं कर सकते...लेकिन रिजर्व बैंक निर्णय लेने के मामले में 100 फीसद से ज्यादा स्वायत्ता है.''

शशिकांत दास, रिजर्व बैंक के गवर्नर

''हम स्वीकार करते हैं कि अर्थव्यवस्था में समस्या है, लेकिन इसे वैश्विक मंदी के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए, मांग-आपूर्ति के बीच मेल नहीं है और बिजनेस साइकिल से जुड़े मामले हैं.''

नितिन गडकरी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री

खास बातें

  • एक के बाद एक आर्थिक झटकों ने संकट से जूझने की संस्थाओं की क्षमता को खत्म कर दिया: टी.वी. मोहनदास पै
  • केंद्र ने आखिरकार कैंसर की पहचान कर ली है. कर में नई कटौती कीमोथेरेपी की शुरुआत है: निरंजन हीरानंदानी
  • भारत ने पिछले पांच साल के दौरान 7.5 प्रतिशत की दर से विकास किया...अगर कैंसर होता तो यह विकास नहीं हो सकता था: अमिताभ कांत
  • वाहन निर्माता पहले ही काफी छूट दे रहे हैं, अब ज्यादा की खास गुंजाइश नहीं है: आर.सी. भार्गव/पवन गोयनका
  • नकदी बड़ा मुद्दा है. टैक्स टेररिज्म बंद होना चाहिए: अजय पीरामल
  • कर में कटौती से कीमत घटाने की खास गुंजाइश नहीं है. जीएसटी की दरें कम होनी चाहिए: अदि गोदरेज
भारतीय अर्थव्यवस्था में जान कैसे फूंकें

''कर एवं विनिवेश से मिले पैसे से विकास में तेजी आएगी. कर वसूली बढ़ रही है और सार्वजनिक क्षेत्र के 24 उपक्रमों के विनिवेश से 52,000 करोड़ रु. उगाहे जा सकते हैं.''

राजीव कुमार, उपाध्यक्ष, नीति आयोग

खास बातें

  • अब पहले से ज्यादा चुनाव हो रहे हैं, फिर भी दुनिया कम लोकतांत्रिक होती जा रही है
  •  भले ही धांधली भरे चुनाव कराने वाले निरंकुश और तानाशाह चुनाव न कराने वालों से ज्यादा समय तक सत्ता में रहते हैं
  • वोटर रजिस्ट्रेशन डेटाबेस में धांधली करना चुनाव में घपले का बड़ा तरीका है
  • भारतीय ईवीएम को बढ़त है क्योंकि वे इंटरनेट से जुड़ी नहीं हैं
  • किसी भी मशीन में छेड़छाड़ हो सकती है. इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी हर मशीन संवेदनशील है. जिसकी भी ईवीएम तक पहुंच है, वह उसे हैक कर सकता है

''जब तक लोकतंत्र में स्पष्ट और सही सूचना का प्रवाह न हो रहा हो तब तक वह असली लोकतंत्र नहीं है...खतरे के संकेत हैं कि भारतीय लोकतंत्र का सफाया हो सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह की राजनीति करते हैं उससे भारत के सामने वह संभावना बन जाती है''

ब्रायन क्लास, हाउ टु रिग ऐन इलेक्शन; द डेस्पॉट्स अकंपलिस और द डेस्पॉट्स एप्रेंटिस के लेखक

''भाजपा ने मात्र 37 फीसद वोट से चुनाव जीता. भारत के अधिकांश लोगों ने हिंदुत्व को खारिज कर दिया''

शशि थरूर, सांसद, कांग्रेस

''2019 का चुनाव हिंदुत्व पर रायशुमारी नहीं था...राजनैतिक इच्छा मोदी के भारत को परिभाषित करेगी.''

स्वपन दासगुप्ता, राज्यसभा सदस्य, भाजपा

''पाकिस्तान हमेशा गलतफहमी में रहा...उनका मानना था कि हमारा नेतृत्व स्ट्राइक की इजाजत नहीं देगा.''

बी.एस. धनोआ, वायु सेना प्रमुख, पुलवामा आतंकी हमले के बाद सीमा पार बालाकोट हवाई हमले पर

भारत में विपक्षी राजनीति पर पुनर्विचार

खास बातें

  • कांग्रेस भले चुनाव हार गई हो लेकिन पार्टी मर नहीं गई है, वह भारत के हर गांव में जिंदा है: पृथ्वीराज चव्हाण
  • भाजपा और कांग्रेस में कोई फर्क नहीं है. भाजपा कट्टत्रर हिंदुत्व की पार्टी है, जबकि कांग्रेस नरम हिंदुत्व की पार्टी है: प्रकाश आंबेडकर
  • वीर सावरकर पहले हिंदू हृदय सम्राट थे. उनके बाद बाला साहेब ठाकरे ने उनकी जगह ली: संजय राउत
''राजनीति में, आप अपने सपने नहीं पाल सकते. अगर आप दूसरे के सपने साकार करते हैं तो लोग आपको स्वीकार कर लेंगे.''

आदित्य ठाकरे, अध्यक्ष, युवासेना

''अगर मेरे नेता कहेंगे कि दिल्ली जाओ तो मैं जाऊंगा....हमारे पास कोई विकल्प नहीं है, हम पार्टी कार्यकर्ता हैं.''

देवेंद्र फडऩवीस, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र

''ऊंची कामयाबी हासिल करने वाले भी बेहद निराश लोग हो सकते हैं और दोनों बातें साथ चल सकती हैं...क्योंकि आप दिमागी रूप से अस्वस्थ हैं, सिर्फ इसी से आप अपने काम में कम कामयाब नहीं होंगे.''

नीरजा बिरला, संस्थापक और चेयरपर्सन, एमपॉवर

खास बातें

  • पानी को बुनियादी अधिकार घोषित किया जाना चाहिए
  • प्रति व्यक्ति पानी उपलब्धता 5,177 क्यूबिक मीटर (1957) से घटकर 1,514 (2011) हो गई है
  • हमें विरानी खेती और कम पानी वाली खेती का विचार करना चाहिए
  • नवंबर से जून तक महाराष्ट्र में तेजी से फैलते दो उद्योग बोरवेल और टैंकरों से पानी लेते हैं
  • 90 फीसदी पानी कृषि कार्य में लगता है, हमें किसानों को पानी का इस्तेमाल घटाने के लिए प्रोत्साहन देने की दरकार है
  • 30 फीसदी से कम शहरों में सीवेज सिस्टम है. इससे शहर के पास जलाशय दूषित हो रहे हैं
  • प्रदूषण का हल कम करने में है. हमें नदियों में पानी का प्रवाह बढ़ाने की जरूरत है
''अगर यह (अनुच्छेद 370 का अंत) कश्मीरियों की भलाई के लिए किया गया है तो उनसे मशविरा क्यों नहीं किया गया?''

इल्तिजा मुफ्ती महबूबा, महबूबा मुफ्ती की बेटी

''संसद देश के 1.3 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करती है. इसके दोनों सदनों ने (अनुच्छेद 370 पर) प्रस्ताव पारित किया है.''

जितेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री, पीएमओ

''पिछले 5-7 साल में नजरिया काफी बदल गया है. भारी जोखिम लेने, नाकामियों को स्वीकार करने और आगे बढऩे को भारत तैयार है.''

रिशाद प्रेमजी, चेयरमैन, विप्रो

''नरेंद्र मोदी एकदम सात्विक हैं क्योंकि वे साधना करते हैं. उनका जीवन सियासत और सेहत के मामले में संतुलित है.''

योगी कैमरॉन, योग और आयुर्वेद के गुरु

''हम लोगों को अलग-थलग नहीं कर रहे हैं. कुछ भले बहुतों के बीच में रह रहे हैं लेकिन वे तब भी अकेला महसूस कर सकते हैं. रोबो लोगों को कम संकोची, ज्यादा मिलनसार बनाते हैं. रोबो के साथ बात करके आप ज्यादा आत्मविश्वास अर्जित कर सकते हैं.''

एलिसन सिल्वा

वकील, नेक्स्टओज के सह-संस्थापक, एआइ और टेक-इंटिमेसीज एक्सपर्ट

''गोरखपुर में एन्सेफेलाटिस से बच्चों की मौत बेहतर निगरानी से टाली जा सकती थी...बीमारी का ज्वार उतरने के बाद भी नमूनों की जांच करनी चाहिए, ताकि वाइरस को पहचाना जा सके.''

डॉ. डब्ल्यू. इयान लिपकिन, विषाणु विज्ञानी

''ब्रेन-इमेजिंग टेक्नोलॉजी से ब्रेन की मैपिंग हो सकती है और अलजाइमर्स जैसी बीमारियों के शुरुआती लक्षण दशकों पहले पहचाने जा सकते हैं.''

डॉ. मुरली दुरैस्वामी, डॉक्टर और फ्यूचरिस्ट, ड्यूक यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन

कर्म पथ पर

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत

उत्तराखंड का ब्ल्यूप्रिंट

खास बातें

  • उत्तराखंड में प्रति व्यक्ति आय 1,98,000 रु. है. वहां 13 पार्क और अभयारण्य हैं और यह बाघों का सबसे अव्वल ठिकाना है. राज्य में औषधीय पौधों की 12,000 प्रजातियां हैं. यहां 25,000 मेगावाट के बिजली संयंत्र हैं
  • सदाबहार सड़कें और रेल तथा वायुमार्ग से कनेक्टिविटी भी उत्तराखंड को खास बनाती है.
  • राज्य योग/आध्यात्मिक ठिकाने की तरह उभर रहा है, सो, सरकार अप्रैल 2020 में कल्याण सम्मेलन आयोजन करेगी
  • पिछले एक साल में उत्तराखंड में 200 से ज्यादा फिल्मों की शूटिंग हुई. राज्य को फिल्मों के लिए सबसे पसंदीदा राज्य अवार्ड मिला.

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