"मैं अपनी ही लेन में, अपनी ही रेस में और अपनी ही रफ्तार में दौड़ी हूं"

जी5 की क्राइम थ्रिलर सीरीज' ब्राउन' में करिश्मा कपूर निभा रहीं एक खास किस्म का किरदार. इस बारे में उन्होंने इंडिया टुडे हिंदी से बातचीत की है .

करिश्मा कपूर (फाइल फोटो)
करिश्मा कपूर (फाइल फोटो)

ओटीटी पर अभिनेत्रियों के पुलिस वर्दी में या फिर अपराध सुलझाने वाले किरदारों में आने का सिलसिला-सा चल निकला है. रीटा ब्राउन में खास क्या है?

वह सिर्फ एक कॉप नहीं—वह एक टूटी-बिखरी औरत है जो कुछ करना नहीं चाहती. साइकोलॉजिकल थ्रिलर और मर्डर मिस्ट्री वाला यह खासा दमदार शो है, एक ऐसी औरत के बारे में जो पूरी तरह हताश-निराश है, किस तरह वह खुद की मुश्किलों से उबरकर एक इन्वेस्टिगेशन की अगुआई करके एक सीरियल किलर को पकड़वाती है.

नब्बे के दशक में और 2000 वाले दशक के शुरुआती वर्षों में आपको तो सांस लेने की भी फुर्सत नहीं होती थी. लेकिन मातृत्व सुख के बाद आपने ज्यादा काम नहीं किया. अपनी पसंद के काम के बारे में फैसला कैसे करती हैं?

16 की उम्र में ही मैंने काम शुरू कर दिया था. एक दिन में चार शिफ्ट करती थी. काफी मजा आता था. खूब सारी फिल्में की, इस मामले में खुद को खुशकिस्मत समझती हूं. मैंने हमेशा दिल से काम किया. बहुत-सी चीजें करने से मैंने इनकार किया. मैं अपनी ही लेन में, अपनी ही रेस दौड़ी हूं, वह भी अपनी रफ्तार से.

इंडस्ट्री काफी आगे बढ़ चुकी है. कौन-सी चीजें आपको ज्यादा याद आती हैं और कौन-सी बिल्कुल नहीं?

नब्बे के दशक में सेट पर 4-5 महिलाएं दिख जाती रही होंगी. आज कितनी सारी डायरेक्टर्स, स्क्रीनराइटर्स और टेक्निशियन हैं. चीजें आज व्यवस्थित हैं. सेट पर जाने से पहले हमें तैयार स्क्रिप्ट मिलती है और हम कोऐक्टर्स के साथ बातचीत करते हैं.

पहले फिल्में जज्बे और दिल से बनती थीं. हमने वह सब किया. आज के माहौल में भी मैं एन्ज्वॉय करती हूं. पर उस दौर में वह जो अप्रत्याशित-सा कुछ हो जाता था, उसे मैं बहुत मिस करती हूं.

ब्राउन में आपने हेलेन जैसी महान अदाकारा के साथ काम किया है. आप दोनों ही डांस बहुत अच्छा करती रही हैं.

बचपन में मम्मी से हेलेन आंटी के किस्से सुना करती थी. वे बताती थीं कि हर ऐक्ट्रेस को किस तरह डांस में पसीने छूटा करते थे. और हेलेन आंटी! कोरियोग्राफर को देखतीं और उसके बताए स्टेप फटाफट कर डालतीं.

उनकी मसल मेमोरी ही ऐसी थी. मेरे मामले में तो मैं यही सोचती थी कि यह भी हुनर है और मुझे इसको सीखना होगा. उनकी उम्र में इतना ऐक्टिव रहना और उतनी ही दिलचस्पी बनाए रखना तो सचमुच कमाल की बात है.

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