"हममें से हर कोई अपने में अनूठा है और अपनी जिंदगी से हमने कुछ-न-कुछ अनूठा रचा है"

दिग्गज अभिनेता आशीष विद्यार्थी अपने लाइव स्टोरीटेलिंग शो 'कहानीबाज़' के बारे में इंडिया टुडे से बात करते हैं

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आशीष विद्यार्थी

सवाल+जवाब

आपके कहानीबाज रचने के पीछे का किस्सा क्या है आखिर?

स्टैंड-अप कॉमेडी करते हुए मुझे एहसास हुआ कि मेरे पास कुछ ऐसे किस्से थे जिसे लोग बड़े चाव से सुनते थे. लोग बताते कि मेरी ये कहानियां खासी प्रेरणा देने वाली हैं. पिछले दिसंबर में मुंबई के रॉयल ओपरा हाउस में एक शो की ओपनिंग के लिए मुझे बुलाया गया. अपनी कहानी मैंने 20 मिनट तक सुनाई. वहीं मुझे यह समझ आ गया कि मैं 'कहानीबाज’ के लिए तैयार हूं.

इसकी खास बात क्या है?

देखिए, मैं कहानियां लिखता हूं. ये कहानियां जिए गए जीवन से निकली होती हैं. कहानीबाज भी उन्हीं में से एक हैं. इसमें मेरी जिंदगी से जुड़े किस्से हैं, जिन लोगों से मैं मिला और जिस तरह के अनुभव हासिल हुए, उन्हीं सबको बुना गया है. ये बताते हैं कि हममें से हर कोई अपने में अनूठा है, और अपनी जिंदगी के साथ हमने किस तरह से कुछ-न-कुछ अनूठा रचा है.

आप ऐक्टर हैं, स्टैंडअप कॉमिक भी करते हैं, मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं और एन्फ्लुएंस भी. इतने सारे रोल इतनी आसानी से कैसे निभा लेते हैं?

मैं कोई संतुलन-फंतुलन नहीं साधता. रचना मुझे पसंद है, बाकी चीजें स्वाभाविक ढंग से होती जाती हैं. ब्रांड पनीला किए जाने की बात पर मैं कहता हूं कि मैं तो उसी को सेलिब्रेट करता हूं और यह कोई बुरी बात नहीं. खुद को पनीला कर मैं एक से दूसरी चीज में प्रवाहित हो जाता हूं.

आप दूसरे और कौन-से प्रोजेक्ट‍्स पर काम कर रहे हैं?

कई फिल्मों और सीरीज का काम चल रहा है. अलग-अलग प्लेटफॉर्म और अलग-अलग भाषाओं में भी. बैंडवाले सीरीज प्राइम वीडियो पर आ गई. इसके अलावा हैं राकास (तेलुगु), हॉक्स, बलरामन दिनागलू (कन्नड़) और स्टॉर्म, जिसके जरिए हृतिक रोशन ओटीटी पर प्रोडक्शन का आगाज कर रहे हैं.

—दीपा नटराजन लोबो

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