"दिखावे की इस दुनिया में मैं अपनी सचाई तलाशना चाहती हूं"
भूमि पेडनेकर अमेजन प्राइम के क्राइम ड्रामा 'दलदल' में पुलिस अधिकारी रीटा फरेरा की भूमिका निभा रही हैं.

सवाल+जवाब
● द रॉयल्स की सोफिया और दलदल की रीटा के बीच कुछ समानताएं हैं. आप उन्हें कैसे देखती हैं?
हां, मर्दों के वर्चस्व वाली दुनिया में दोनों ही अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं और दोनों के अपने ट्रॉमा हैं. लेकिन दलदल की दुनिया अलग है. रीटा टूटी हुई है. उसका ग्रे-डार्क किरदार पेचीदा है. मन में हिंसक विचार आते हैं पर सहानुभूति भी है. अपनी जिंदगी में हुए हर अच्छे को वह खत्म कर देना चाहती है क्योंकि उसे लगता है कि वह खुशी के काबिल नहीं है.
● ओटीटी पर महिला पुलिसकर्मियों वाली कहानियां काफी सफल साबित हो रही हैं. दलदल इस भीड़ में कैसे अलग है?
दलदल में ऐसी कोई भी चलताऊ बात नहीं है जो इस शैली की कहानी में मान ली जाती है. यह धीमी रफ्तार का रोचक मनोवैज्ञानिक ड्रामा है जो किरदार की मानसिकता समझने की कोशिश करता है. मैंने महिलाओं पर आधारित तमाम पुलिस शो देखे हैं और मुझे वे पसंद आए. मुझे लगता है कि हम हकीकत से हताश हो चुके हैं, शायद इसीलिए भ्रष्ट मर्दों को सबक सिखाती महिलाओं को देखना मुझे अच्छा लगता है.
● 2025 में बड़े पर्दे पर मजबूत महिला किरदारों की कमी रही. क्या यही वजह है कि कई अभिनेत्रियां ओटीटी स्ट्रीमिंग की ओर रुख कर रही हैं?
इसकी शुरुआत दर्शकों से होती है जबकि सारा बोझ निर्माताओं और कलाकारों पर डाल दिया जाता है. मैंने कई महिला प्रधान कॉमेडी फिल्में की हैं जिन्हें लोग सिनेमाघरों में देखने नहीं गए. आजकल मर्दानगी भरी फिल्मों की बाढ़ आ गई है. मुझे चिंता होती है. अगर मैं इस समय डेब्यू करती तो शायद ही 10 साल टिक पाती. शुक्र है कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म फल-फूल रहे हैं और वहां महिला प्रधान कहानियों को जगह मिल रही है.
● 2026 में आपकी क्या योजनाएं हैं?
पिछला साल मेरे लिए खुद को नए सिरे से समझने और गढ़ने का रहा. मैंने खुद को बहुत कुछ सिखाया, अलग तरह के अनुभव लिए और खुद को ऐसे लोगों के बीच रखा जहां मैं सबसे कम जानने वाली इंसान रहूं. मैं केवल शोहरत, फिल्मों की संख्या या भारी-भरकम चेक के पीछे नहीं भाग रही बल्कि ऐसे काम करना चाहती हूं जिस पर गर्व कर सकूं. दिखावे की इस दुनिया में मैं अपनी सचाई तलाशना चाहती हूं. मैं एक महीने में फिर से शूटिंग सेट पर लौटने वाली हूं.