"खुशी को पाने के लिए आपको असल जीवन की यात्रा करनी पड़ती है"

अपनी नई किताब यू कैन हैव इट ऑल में संत और मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास उपलब्धियों के पारंपरिक मापदंडों को चुनौती देते हुए पाठकों से आग्रह करते हैं कि सच्ची खुशी को पद-प्रतिष्ठा से परे तलाशें.

Q+A
गौर गोपाल दास

सवाल+जवाब

आपकी किताब के शीर्षक का मायने क्या है?

जब सफलता आती है और सब कुछ हमारे मन मुताबिक हो रहा होता है, तो हम सब पा लेते हैं—अच्छा जीवन, पद-प्रतिष्ठा, रौब-दाब. लेकिन जीवन हमेशा ऐसे ही नहीं चलता. अगर आपके पास आंतरिक शांति और आनंद ही नहीं तो आखिर जीने का क्या मतलब? यह किताब आपके जीवन को पुनर्परिभाषित करने का एक प्रयास है. इसमें जीवन को बदलकर रख देने वाले 10 सिद्धांतों को आकर्षक ढंग से पेश किया गया है.

एक शानदार जीवन जीने की रहस्यमय कुंजी क्या है?

सामंजस्य के साथ जीने को ही शानदार जीवन कह सकते हैं. हम वह जीवन जी रहे हैं, जैसी दूसरे हमसे अपेक्षा रखते है—खुद को शिक्षित करना, शादी करना, बच्चे पैदा करना...हम मान्यता पाने के लिए जीते हैं. अपने लिए नहीं जीते. अपनी खुशियों की डोर अपने हाथ में रखना एक शानदार जीवन का सबसे अच्छा नुस्खा है.

जेन ज़ी में आपको क्या खूबी नजर आती है?

जेन ज़ी में अपार क्षमताएं हैं, कौशल है और इस पीढ़ी के लोग बड़े सपने देखते हैं. हमें समझना होगा कि जेन ज़ी के दौर में जन्म लेना उनकी मर्जी या कोई गलती नहीं है. वे सुविधासंपन्न हैं लेकिन असंवेदनशील नहीं.

वे तेज रफ्तार जिंदगी जीते हैं—डिजिटल भुगतान, फटाफट डिलिवरी, तुरंत संतुष्टि आदि. लेकिन असल जिंदगी जीना एक अलग बात है. उन्हें समझना होगा कि खुशी कोई डिजिटल ऐप नहीं. उस खुशी को पाने के लिए आपको असल जीवन की यात्रा करनी पड़ती है.

आपका सबसे बड़ा डर क्या है?

तीन दशक तक संत के तौर पर जीवन बिताने के बाद मेरी फिक्र यही है कि कहीं मेरी शारीरिक और मानसिक क्षमताएं कमजोर न पड़ जाएं और कहीं मेरे जीवन का उद्देश्य धूमिल न हो जाए.

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