"क्लाइमेट चेंज हम सभी के वजूद से जुड़ा मामला है"
अभिनेत्री जीनत अमान ने डिस्कवरी और एनिमल प्लैनेट पर दिखाई जा रही नई डॉक्युमेंट्री सीरीज 'एंबर्स ऑफ होप' को स्वर देने के बारे में बात की है

सवाल+जवाब
● आपको क्यों लगा कि क्लाइमेट चेंज के खिलाफ लड़ाई में अपनी भी आवाज जोड़नी चाहिए?
क्लाइमेट चेंज तो हम सभी के वजूद से जुड़ा मामला है, जो हममें से हरेक पर असर डाल रहा है. बेशक ज्यादा खतरे की जद में वे समुदाय हैं जो इस तबाही के लिए सबसे कम जिम्मेदार हैं. सबसे पहले उन पर ही इसका कहर टूट रहा है. लेकिन यह संकट विश्वव्यापी है.
● एंबर्स ऑफ होप साइन करने से पहले क्लाइमेट चेंज और उसके असर से आप कितनी वाकिफ थीं?
मुझे इसके बारे में बस छोटी-मोटी जानकारी थी लेकिन एंबर्स ऑफ होप ने इसको लेकर मेरी समझ व्यापक बनाने में खासी मदद की. खास तौर पर इससे मुझे यह समझ पाने की एक दृष्टि मिली कि इस आपदा का सामना करने और उससे हमें बचाने के लिए साधारण इंसान कितना असाधारण काम कर रहे हैं.
● क्लाइमेट चेंज से निबटने या पर्यावरण से जुड़े दूसरे मुद्दों से निबटने के लिए क्या आपने अपने निजी जीवन में किसी तरह का बदलाव किया?
देखिए, इस बारे में मेरा तो यही कहना है कि इसके लिए संस्थागत और राजनैतिक बदलाव की जरूरत है. वही एक ऐसी चीज है जिसके जरिए उस स्तर का बदलाव लाया जा सकता है जितने की जरूरत है. लेकिन हां, व्यक्तिगत स्तर पर मैंने विदेशी यात्राएं कम कर दी हैं, जिसमें लंबी उड़ानों की जरूरत पड़ती थी. इसी तरह से चीजें खरीदने की अपनी आदत के मामले में भी अब मैं खासा संयम बरतती हूं.
● किन्हीं और मकसदों को भी आप अपना समर्थन देती हैं?
पशुओं का कल्याण, उनकी बेहतरी का मुद्दा मेरे दिल के बहुत करीब है. मुल्क में घरेलू हिंसा के बारे में आवाज उठाने को लेकर भी मैं खासी उत्सुक हूं.
—अमित दीक्षित