"मुझे ऐसी फिल्में करने में मजा आता है जो मेरी जिंदगी को मुश्किल बनाएं"
नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली फिल्म विजय 69 में अनुपम खेर 69 वर्षीय ट्रायथलॉन एथलीट की भूमिका निभा रहे हैं. उन्हें नई-नई चुनौतियां लेना आखिर क्यों पसंद है? इंडिया टुडे से बातचीत में उन्होंने और क्या बताया

● परदे पर अपनी ही उम्र का किरदार निभाने का फर्क पड़ता है?
पहली बार मैंने ऐसा किया है. सारांश में 65 साल के बूढ़े का रोल करते वक्त मैं 28 बरस का था. इस फिल्म में मेरा किरदार दिल से 28 का ही है. यह एक चक्र पूरा होने जैसा है. अक्षय जब स्क्रिप्ट के साथ मिलने आए, उस वक्त मैं 68 का था. मेरे कैरेक्टर की उम्र सदाबहार 69 थी, जैसा कि आपने दुकानों पर 99 रु. दाम वाली चीजें टंगी देखी होंगी.
● इस रोल ने आपको चैलेंज किया?
बुरी तरह से. मुझे तैरना नहीं आता था. और फिल्म में विजय ट्रायथलॉन करता है जिसका अहम हिस्सा है तैराकी. मैंने अक्षय (रॉय, लेखक-निर्देशक) को बताया कि मैं इसे सीखना चाहूंगा क्योंकि मैं नहीं चाहता कि इसके लिए वे बॉडी डबल इस्तेमाल करें. मैं डर रहा था लेकिन डर पर जीत हासिल की. आपको लगातार नई-नई चीजें सीखनी होती हैं. नाकाम होने का डर ही आपको मीडियॉकर, औसत दर्जे का बना देता है.
● फिल्मों में यह आपका चालीसवां साल है. 28 साल की उम्र में अपनी पहली फिल्म करने वाले अभिनेता को आप क्या सलाह देना चाहेंगे?
यही कि निडर बने रहो. अपनी पहली ही फिल्म में 65 साल के बूढ़े का रोल स्वीकार करना मेरे लिए हिम्मत की बात थी और वह अभी बरकरार है. जोखिम नहीं लेंगे तो जगह नहीं बना पाएंगे. विजय 69 शारीरिक रूप से मेरे लिए बेहद टफ फिल्म थी. इस उम्र में स्पोर्ट्स फिल्म में लीड रोल फख्र की बात है.
● करीब 600 फिल्में करने के बाद अब भी आपको किसी तरह का रोल या कहानी खेलने की चाह बची है?
देखिए, मैं सचमुच खुशकिस्मत हूं कि अब भी मुझे इस तरह के रोल मिल रहे हैं. कुछेक हफ्ते पहले ही रिलीज हुई मेरी द सिग्नेचर को काफी सराहा गया. उस फिल्म ने लोगों को गिरेबान में झांकने को मजबूर किया. मसाला फिल्मों का प्रोडक्ट होने के बावजूद मुझे ऐसी फिल्में करने में मजा आता है जो मेरी जिंदगी को मुश्किल बनाएं. मैंने द कश्मीर फाइल्स, ऊंचाई, खोसला का घोंसला और अ वेन्सडे जैसी फिल्में की ही हैं.
—करिश्मा उपाध्याय