"मेरे जैसा आदमी तो हर तरह के संगीत का मजा लेता है"
गायक सुखविंदर सिंह मोटिवेशनल बंदिशों से आगे निकलकर अब रूमानी और क्लब सांग शैली की ओर वापसी कर रहे. पेश है इंडिया टुडे से उनकी बातचीत के संपादित अंश

● लापता लेडीज में आपने 'डउटवा' गाना गाया है. इस गाने से जुड़े अपने अनुभव जरा साझा कीजिए.
'डउटवा' मेरी पसंद का गाना है क्योंकि इसमें चटपटे बोल के साथ उम्दा मेलडी भी है. इसे गाने का मौका देने के लिए मैं संगीतकार राम संपत का शुक्रगुजार हूं. आप देखिए कि यह खासा अहम पीस है जो फिल्म के नैरेटिव को आगे ले जाता है.
● गबरू गैंग फिल्म के गाने 'मुझे इश्क हुआ' के साथ रोमांटिक ट्रैक पर लौटते हुए कैसा लगा आपको?
पिछले कुछेक सालों में सिंघम, टाइगर जिंदा है, दबंग और दबंग 2 जैसी फिल्मों में मैंने मोटे तौर पर मोटिवेशनल किस्म के टाइटल ट्रैक गाए हैं. अच्छे बोल वाले रोमांटिक और क्लब सांग गाने की मेरी बड़ी चाहत थी. इसीलिए इस बारे में मैंने नए जमाने वाले ऐसे म्यूजिक डायरेक्टर्स से संपर्क साधा जो इस क्राफ्ट के उस्ताद हैं. मुझे इश्क हुआ गाना कुछ इसी तरह से तैयार हुआ. ये हल्का-फुल्का-सा गाना है जिस पर काम करते हुए मुझे बहुत मजा आया.
● अब थोड़ी बातचीत जल्द रिलीज होने वाली फिल्म रायन में आपके गाने के बारे में. ए.आर. रहमान के साथ फिर से काम करने का अनुभव कैसा रहा?
'कोई तोड़ न इसका' गाने पर बात करने को हम इसकी रिकॉर्डिंग के दो दिन पहले ही मिले. शानदार ऑर्केस्ट्रेशन के साथ यह खांटी एआर रहमान की शैली वाला म्यूजिक है. इसे सुनने के बाद काफी देर तक इसका असर आप पर तारी रहता है क्योंकि इसकी क्वालिटी खासी सघन है. रहमान के साथ काम का तजुर्बा हमेशा की तरह खासा समृद्ध करने वाला रहा.
● आप स्लमडॉग मिलिनेयर सरीखी ऑस्कर अवार्ड विजेता फिल्म समेत कई अंतरराष्ट्रीय उपक्रमों का हिस्सा रहे हैं. क्या भविष्य में भी आप दुनिया भर के संगीतकारों के साथ प्रोजेक्ट करना चाहेंगे?
दुनिया के कई आर्टिस्ट मेरे साथ काम करने की तमन्ना रखते हैं. अगर सचमुच कोई दिलचस्प प्रस्ताव आता है तो उसे करने में मुझे खुशी होगी. मेरे जैसा आदमी तो हर तरह की मौसीकी का मजा लेता है; उसके तमाम पहलुओं को सीखना मुझे खासा रोमांचित करता है. देखिए, किसी भी तरह की चूहा दौड़ में मेरा बिल्कुल यकीन नहीं. इसलिए किसी भी चीज के लिए मैं किसी तरह की हड़बड़ी में बिल्कुल नहीं हूं.
—गीतिका सचदेव