फुरसत-भविष्य का डिजाइनर

सव्यसाची मुखर्जी फैशन की दुनिया में दो दशक पूरे कर चुके हैं. अब वे 20 वर्ष आगे की देख-सोच रहे हैं

बंदीप सिंह
बंदीप सिंह

अभी तक के अपने सफर से आप संतुष्ट हैं?

सुकून से ज्यादा घबराहट है. अब बड़ी चुनौती यह है कि आप मार्केट में कैसे टिकें और अगले 20 साल के लिए कैसे खुद को तैयार करें. इस ब्रांड को अपने बाद के दिनों में टिकाऊ बनाए रखने के लिहाज से कड़ी मेहनत कर रहा हूं. इसलिए असल लड़ाई तो अब शुरू हो रही है.

तो इस ब्रांड को पुख्ता करने के लिए क्या करेंगे?

कभी-कभी किसी आइडिया पर काम करते रहना, उसे दोहराना जरूरी लगता है. दोहराव के लिए लगातार मेरी खिंचाई भी होती रही है. लेकिन हम दरअसल एक किस्म की आगे की विरासत लोगों के दिलोदिमाग में बैठाने की कोशिश कर रहे थे. ब्रांड के लिए जब मैं एक बड़ी सौगात छोड़कर जाऊंगा तो मुझे यकीन है कि पीछे के लोग दूसरे डिजाइनर्स रखेंगे, ये डिजाइनर्स ब्रांड के आर्काइव से चीजें चुनेंगे और उसे आगे ले जाएंगे.

आपके ताजा शो का नाम चीन के काशगर बाजार के ऊपर है. आप कभी वहां गए हैं?

ना, मैं कभी नहीं गया. 1999 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी में अपना डिजाइन कलेक्शन करने के दिनों में मैं एक मध्यवर्गीय लड़का था, जो कभी जहाज पर नहीं बैठा था. उस कलेक्शन का नाम काशगर बाजार था. मैं एक ऐसा कलेक्शन करना चाहता था जो संस्कृतियों का संगम हो. काशगर मेरे लिए एक पौराणिक स्थान-सा है.

आपके पेशे में इतने लंबे अर्से तक शीर्ष पर बने रहने का आखिर राज क्या है?

मैं यह कहते हुए अपनी पीठ ठोंकने वाला हूं कि मैं कड़ी मेहनत और अनुशासन पसंद बंदा हूं. न शराब पीता हूं, न सिगरेट, न ड्रग लेता हूं न पार्टीबाजी करता हूं. न ही मैं बाहर घूमता हूं जहां लोगों से मैं सुनना चाहूं कि मैं कितना अच्छा हूं. अपना भोलापन बचाए रखने के लिए थोड़ी-सी असुरक्षा जरूरी है.

***

Read more!