महाभारत और रामायण के बाद अब कृष्ण कथा
देवदत्त पटनायक, लेखक, अपनी नई किताब, प्रशंसकों, आलोचकों और अपने काम पर

श्यामः ऐन इलस्ट्रेटेड रीटेलिंंग ऑफ भागवत के लेखक देवदत्त पटनायक से सोपान जोशी ने की बातचीत
आपकी ताजा किताब श्यामः ऐन इलस्ट्रेटेड रीटेलिंग ऑफ भागवत के पीछे क्या कहानी है?
महाभारत और रामायण के बारे में लिखने के बाद अगले कदम के तौर पर तीसरे सबसे महत्वपूर्ण हिंदू ग्रंथ भागवत पुराण तक पहुंचना लाजिमी ही था. मुझे और कोई ग्रंथ मिला भी नहीं जो जन्म से लेकर मृत्यु तक कृष्ण कथा कहता हो.
आपने अपनी किताबों के लिए चित्रकारी भला किस तरह शुरू कर दी?
मेडिकल के छात्रों के लिए ड्रॉइंग स्वाभाविक-सी चीज है. पर 90 फीसदी लोग समझ नहीं पाते कि अपनी किताबों का चित्रकार मैं ही हूं. कई चित्रकारों ने इसकी काफी तारीफ की है.
आपके काम पर पाठकों की कैसी प्रतिक्रिया रही है?
मेरे पाठक बताते हैं कि मैंने चीजों को आसान बनाया और पहुंच में ला दिया है, मेरा लेखन अत्यंत सूचनाप्रधान है, इसमें एक समग्र भारतीय नजरिया है, इसमें ताजगी, रवानी है.
और आलोचकों के बारे में क्या कहेंगे?
पौराणिक लेखन में ज्यादा आलोचकों की दिलचस्पी नहीं रही है. उपनिवेश के दिनों से ही पुराणशास्त्रों के साथ सौतेला व्यवहार हुआ है. इस विधा पर सिर्फ अकादमिक सामग्री है और अकादमिक लोग एक-दूसरे के लिए लिखते हैं. मैं हर रोज नया तलाशता हूं. और मेरा कोई एक तयशुदा नजरिया नहीं होता.
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