उसी पुराने अंदाज में अन्नू की मां

तपी-तपाई अभिनेत्री गीतांजलि कुलकर्णी गुल्लक  के पांचवें सीजन में एक बार फिर शांति मिश्रा के अपने पुराने दमदार अंदाज में नजर आ रही हैं. इंडिया टुडे हिंदी पर उनसे खास बातचीत पढ़िए.

Cinema
गीतांजलि कुलकर्णी

रंगमंच के शौकीन उन्हें पिया बहरूपिया में उनके मजेदार काम के लिए जानते हैं. विलियम शेक्सपियर के नाटक ट्वेल्थ नाइट पर आधारित रंगकर्मी अतुल कुमार की इस सांगीतिक प्रस्तुति ने खूब वाहवाही हासिल की थी. इसमें निभाए वायोला के किरदार की बदौलत उन्हें चैतन्य तम्हाणे की पहली फिल्म कोर्ट  में अपने करियर का एक निर्णायक रोल वकील का मिला.

हालांकि ज्यादातर लोगों के लिए वे वेब सीरीज गुल्लक की शांति मिश्रा याने प्यारी-सी 'अन्नू की मम्मी’ ही हैं. इस हफ्ते दर्शक ओटीटी पर गीतांजलि कुलकर्णी को अनदेखा नहीं कर सकते. सोनीलिव ने रोजमर्रा के तजुर्बों से बुने लोकप्रिय कॉमेडी ड्रामे गुल्लक का सीजन पांच रिलीज किया है, तो माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की सितारा मौजूदगी से सजी नेटफ्लिक्स की ब्लैक कॉमेडी मां बहन में उन्होंने एक सहायक भूमिका अदा की है.

कुलकर्णी की फिल्मो-ग्राफी पर नजर डालिए तो आपको पता चलेगा कि उनका सबसे शानदार काम स्वतंत्र किस्म की फिल्मों-सीरीज में सामने आया है. चेहरे पर मुस्कान के साथ वे कहती हैं, ''स्टार्ट-अप प्रोजेक्ट‍्स में मैं वाकई बहुत अच्छा करती हूं.’’ लेकिन वे स्वीकार करती हैं कि कोर्ट के बाद हिंदी या मराठी (उनकी मातृभाषा) फिल्मों के ज्यादा ऑफर नहीं मिलने से वे 'हैरान और परेशान’ थीं.

उन्हें मान्यता तो मिली, और उसके चलते ऑडिशन के बुलावे भी आए. कुलकर्णी ने चतुराई से उन भूमिकाओं से किनारा कर लिया जो उन्हें मां की प्रधान भूमिकाओं के बंधे-बंधाए खांचे में रखती थीं और इसके बजाए काम की खास और अलग प्रक्रियाओं के लिए पहचाने जाने वाले निर्देशकों और पटकथाओं के आधार पर फिल्में चुनीं.

अपनी अभिनय प्रक्रिया के बारे में कुलकर्णी कहती हैं कि वे किरदार में पूरी तरह डूबने के लिए बहुत ज्यादा 'रिहर्सल और तैयारी’ पर भरोसा करती हैं. इसी वजह से उन्होंने टेलीविजन की मगजमारी से परहेज किया और रंगमंच का सहारा लिया (फिलहाल वे मराठी नाटक करुणाष्टके के साथ ट्रैवल कर रही हैं). वे कहती हैं, ''टीवी में आपको बहुत ज्यादा वक्त नहीं मिलता. रटकर बोल देना मेरा हुनर नहीं है.’’

रिहर्सल खासकर गुल्लक के सीजन पांच के लिए मददगार साबित हुईं, जब प्यारी मम्मी के बेटे अन्नू का किरदार निभाने वाले वैभव राज गुप्ता ने रोल छोड़ दिया. ऐसे में अन्नू बने नए अभिनेता अनंत वी. जोशी के साथ उनका पारिवारिक रिश्ता कायम करना जरूरी था.

कुलकर्णी कहती हैं, ''मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा कि एक अभिनेता (वैभव) और कंपनी (द वायरल फीवर) के बीच समझौते के लिए सारे कलाकार साथ आकर दखल दें. हम सबने बहुतेरी कोशिशें कीं पर बात बन न सकी.’’

इसके अलावा फिल्म मां बहन में कुलकर्णी को 'ऊटपटांग किरदारों और अजीबोगरीब संवादों’ के चलते बहुत मजा आया. लेखिका पूजा तोलानी ने सुरेश त्रिवेणी की फिल्म के लिए इनका तानाबाना बुना है. ओटीटी की वजह से कुलकर्णी को वह काम मिला जिसके लिए वे बहुत पहले से हकदार थीं.

लेकिन उनका मानना है कि यह जगह अब पहले जितनी जीवंत नहीं रह गई है. वे कहती हैं, ''मैं इनकार नहीं करूंगी कि इससे मुझे मदद मिली क्योंकि सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्मों में हमें स्क्रीन स्पेस नहीं मिल पाता.

सीरीज का फॉर्मेट लंबा होता है और हर सीजन में हम अपनी भूमिकाओं को गहराई से खंगाल पाते हैं. पर बीते दो-तीन साल मुश्किल रहे. मौके कम हो गए.’’ कुलकर्णी को उम्मीद है कि गुल्लक और मां बहन के दोहरे धमाके से उनका शूटिंग कैलेंडर फिर व्यस्त हो जाएगा.  

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