जवाब तो हमारे भीतर ही होते हैं
अभिनेता सुविंदर विकी हालिया रिलीज वेब सीरीज कोहरा, खाकी वर्दी से रिश्ता और अपने किरदारों के ग्रे शेड पर.

आपने कैट में सेहताब सिंह, केसरी में नाइकलाल और अब हाल में रिलीज कोहरा में बलबीर सिंह का किरदार निभाया है. खाकी वर्दी और आपकी ऐक्टिंग के बीच रिश्ता मजबूत होता जा रहा है.
(हंसते हुए) ये आपने अच्छा ध्यान दिया. लेकिन वर्दी का अपना मान-सम्मान तो होता ही है. वर्दी मुझे हमेशा से बेहद पसंद रही है. बचपन में जब हम चोर-पुलिस भी खेलते थे तो मैं पुलिस वाला बनता था. शायद कहीं इच्छा दबी होगी भीतर तो ऊपरवाले ने सोचा होगा दे दो मौका इसे वर्दी पहनने का. शुक्रिया है उसका जो इतने मौके दिए. खैर, मुझे जो किरदार मिलता है, उसे निभाता हूं.
कोहरा में बलबीर सिंह का किरदार एक पिता वाला ज्यादा, पुलिसवाला कम है. चुप ज्यादा रहता है, मौके पर बोलता है. कितनी मुश्किल थी इस रोल की तैयारी?
जब माइलस्टोन का गालिब करना था तब मैं ट्रक ड्राइवरों को बारीकी से ऑब्जर्व करता था. कैट का पुलिसवाला कोहरा के पुलिसवाले से अलग था. तो मैंने खुद के भीतर ही झांका. बलबीर सिंह के दुख-सुख सबकी जिंदगी में थोड़े-थोड़े तो हैं. हम कई बार जवाब बाहर खोजते रहते हैं, लेकिन असल में जवाब तो हमारे ही भीतर होते हैं. तो पूरी कोशिश की इस बार भी कि लोगों का भरोसा बना रहे.
एक तरफ चौथी कूट जैसी आर्ट फिल्म और दूसरी तरफ पूरी तरह कमर्शियल कोहरा. स्क्रिप्ट में खुद से कुछ नया जोड़ने की जरूरत या कोशिश रहती है?
मैं हूं डायरेक्टर्स ऐक्टर. कहानी को अपना सौ फीसद देने की कोशिश करता हूं. जिस प्रोजेक्ट को डायरेक्टर और राइटर साल दो साल से गढ़ रहे हैं उसमें बतौर ऐक्टर महीने दो महीने में कुछ जोड़ने की जरूरत ही नहीं लगती. मैं अपनी तरफ से कोई सुझाव तब तक नहीं देता जब तक एकदम रूह से आवाज न आ रही हो. ऐक्टर का आधा काम तो तभी हो जाता है जब कहानी में उसे उसका चेहरा दिखने लगता है.
आपके किरदारों में एक खासियत यह भी रही कि ये स्याह-सफेद, अच्छे-बुरे में से किसी एक को नहीं चुनते, चाहे माइलस्टोन का गालिब हो या कोहरा का बलबीर.
मुझे हमेशा से ही चैलेंज लेने में मजा आता है. वे किरदार अच्छे लगते हैं जो अपनी बात 'बिटवीन द लाइंस’ कहते हों. जिन्हें देखकर आप तुरंत अच्छा या बुरा शख्स न कह सकें, थोड़ा टाइम लगे उसे समझने में. शायद इसीलिए मेरा पसंदीदा काम है स्क्रीन पर रिऐक्शन देना. चाहे मेरे हिस्से में डायलॉग कम ही आएं, पर जो आएं उन्हें असरदार तरीके से निभाया जा सके.
स्क्रीन पर अब आगे और किस सीरीज या फिल्म में आपकी वापसी होगी? किस तरह की कहानियों के साथ अब मेकर्स आपके पास आते हैं?
एक चीज तो पक्की है, जो आपने शुरू में कही थी वर्दी वाली बात. अब ये अलग तरह के रोल होंगे. अलग कहानियां होंगी. एक शो जल्दी ही आने वाला है जिसकी डबिंग वगैरह का काम हो चुका है. इसके बाद भी सिलसिला जारी रहेगा. उम्मीद है कि लोगों की मुझसे जो उम्मीद है वह पूरी होती रहेगी.