जंगल से आज तक मंगल

अभिनेता राजपाल यादव नई सीरीज-फिल्मों, राजनीति, नाम बदलने और नए नाटक की तैयारी पर.

अभिनेता राजपाल यादव
अभिनेता राजपाल यादव

 भूल-भुलैया-2, थाइ मसाज, अर्ध और अब कटहल. अभिनेता राजपाल की सेकंड इनिंग में वापसी पूरी तरह से हो गई है?

राजपाल कभी पुराने पड़े ही नहीं. मुझे नहीं मालूम कौन सी इनिंग है ये. पिछले 23 साल में एक सीन से लेकर बतौर लीड करीब 200 फिल्में कर चुका हूं. हर साल 9-10 फिल्मों का औसत है. एक क्रिकेटर कितने भी रन बना ले या विकेट ले ले, उसके लिए हर दिन की पहली गेंद एक परीक्षा है. मैं भी वैसी ही यात्रा पर हूं.

 एक दौर था 2005 के आसपास का. आप लीड रोल में आने लगे थे. मैं, मेरी पत्नी और वो तो सिनेमाघरों में 3-3 महीने तक चली थी...

2005 वाला दौर बहुत अच्छा था. पर उससे अच्छा 1987 से पहले का दौर था: रामलीला, थिएटर की ट्रेनिंग, पढ़ाई, खर्चा निकालने को कचहरी में काम, बीएनए में साम और शाम, किला और किला के रूप में डिक्शन की जर्नी, शाम को सुबह में बदलने का एनएसडी का दौर. 2000 में जंगल रिलीज हुई, तब से आज तक मंगल है.

 आप आत्मकथा लिख रहे थे. अपना नाम भी राजपाल नौरंग यादव कर लिया है.

आत्मकथा किसी को बोल के लिखवा रहा हूं. 2030 के आसपास तक पूरी होगी. लॉकडाउन के दौरान कुछ नया करने के ख्याल में सूझा कि आप भले महानायक हों पर बाप के नाम के बगैर पासपोर्ट नहीं बन सकता. तब से नाम में पिता का नाम जोड़ा है.

 आप राजनीति में भी गए. तो अब क्या आप सारे पड़ावों से होकर पूरी तरह अभिनय में लौट आए हैं?

राजनीति मेरा प्रिय विषय है. अभिनीति और राजनीति. अभिनेता न होता तो या तो मीडिया या राजनीति यानी अभिव्यक्ति वाली ही किसी फील्ड में होता. कहीं रील है तो कहीं रियल. और मैं गया ही कब था? बीच में कुछ नए ऐक्टरों के साथ काम किया. लॉकडाउन में भी 4-5 फिल्में रिलीज हुईं.

 प्रोड्यूसर-डायरेक्टर क्या फिर से आपको लीड में रखकर देख पा रहे हैं?

एक वेबसीरीज प्राइमरी पाठशाला तैयार है रिलीज को, जिसमें मैं बब्बन पांडे नाम का लीड किरदार कर रहा हूं. जून में आ रही निखिल भट्ट की डिटेक्टिव फिल्म अपूर्वा में अहम रोल है. चार-पांच सपोर्टिंग फिल्में 70 एमएम की हैं और 4-5 वेबसीरीज. जुलाई- अगस्त में ड्रीमगर्ल-2 रिलीज होगी. अगले तीन महीने धपाधप आप राजपाल को देखेंगे.

 यानी अभी थिएटर करने की संभावना नहीं है.

एक सोलो प्ले एक और रावण की तैयारी चल रही है. इसी बीच 10-15 दिन की रिहर्सल होनी है. निलय उपाध्याय उसके लेखक हैं. दीवाली से पहले ओपन हो जाएगा. यह दिल्ली, मुंबई और लखनऊ वगैरह में मंचित होगा.

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