बाहर भी बन गई जमीन

प्रियंका चोपड़ा जोनास सिटाडेल के साथ एक नया मुकाम हासिल करने, अमेरिका में इतने साल गुजारने और हॉलीवुड में बतौर दक्षिण एशियाई अपनी पहचान बनाने के अनुभवों पर.

रूसो ब्रदर्स के शो सिटाडेल में प्रियंका
रूसो ब्रदर्स के शो सिटाडेल में प्रियंका

मुंबई में प्रचार का वह तीसरा दिन था पर प्रियंका चोपड़ा जोनास अब भी जोश और जज्बे से भरी थीं. वैसे तो यह किसी ऐक्टर के काम का हिस्सा ही होता है कि वह मीडिया के सामने उत्साह से लबरेज दिखे. मगर प्रियंका के लिए इसकी वजह वह छोटी-सी क्लिप भी है जिसमें उन्होंने अभी-अभी फोन पर अपनी एक बरस की बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनास को नन्हे-डगमगाते कदमों से चलते हुए देखा है.

इस 40 वर्षीया अदाकारा के अमेजन प्राइम वीडियो के सबसे महंगे शो में से एक सिटाडेल के प्रमोशन में व्यस्त होने की वजह से मालती का जिम्मा प्रियंका की मां मधु चोपड़ा ने संभाल रखा है. प्रियंका यही कोई तीन साल बाद भारत आई हैं. पिछली दफा वे 2019 में द स्काइ इज पिंक के प्रमोशन के लिए आई थीं. इस दौरान काफी कुछ घट चुका है—उन्होंने न्यूयॉर्क में नया भारतीय रेस्तरां खोला, सरोगेसी से बच्चा हासिल किया, और रूसो ब्रदर्स के बैनर तले बने बड़े बजट के ऐक्शन शो सिटाडेल की शूटिंग की.

गौरतलब है कि खुफिया एजेंट नादिया सिंह की भूमिका निभाने के लिए चोपड़ा को उतनी ही रकम मिली जितनी कि गेम ऑफ थ्रोन्स (2011-2019) और बॉडीगार्ड (2018—) से चर्चित हुए उनके मेल को-ऐक्टर रिचर्ड मैडन को दी गई है. वे कहती हैं कि भारतीय फिल्म उद्योग अब भी अभिनेत्रियों को समानता का हक देने की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया. ''भारतीय सिनेमा के सौ साल पूरे हो गए. यहां कई अभिनेत्रियों ने एकदम बराबर वाले को-लीड की भूमिका निभाई. फिर भी अभिनेताओं को 25 गुना ज्यादा पैसा मिला. गैर-बराबरी की कोई इंतेहा ही नहीं है.’’

ऐसा भी नहीं कि चोपड़ा अपनी पहली ही वेबसीरीज में समान मेहनताने की उम्मीद कर रही थीं. ''मैं उन लोगों में नहीं जो पैसे के लिए काम करते हैं. मैंने दो बार ऐसा किया था—उन फिल्मों के नाम मत पूछिएगा. मैं जानती थी कि वे चलने वाली नहीं हैं.’’ वे फिल्में वाकई नाकाम रहीं पर चोपड़ा ने सबक सीख लिया. सिटाडेल के सौदे का श्रेय वे हॉलीवुड में अपने एजेंट युनाइटेड टैलेंट एजेंसी (यूटीए) को देती हैं.

उन्हीं के शब्दों में, ''मुझे नहीं पता कि क्या यह इसलिए हुआ क्योंकि अमेजन स्टुडियो में स्टुडियो हेड महिला (जेनिफर साल्के) हैं, पर उन्होंने पूरा जोर लगा दिया.’’ चोपड़ा कॉन्ट्रैक्ट कन्फर्म करने के लिए आए फोन को याद करती हैं: ''मेरा पूरा करियर आंखों के आगे कौंध गया... मैं इसे शिद्दत से महसूस करने के लिए थोड़ी देर बैठ गई.’’ उन्हें याद है कि यह खबर सुनकर उनके पति निक जोनास ने कैसे शैंपेन की बोतल खोली थी.

चोपड़ा ने एक दशक से भी कम वक्त में विदेश में जो हासिल किया, वह हैरत में डालने वाला है. एबीसी का सीरियल क्वांटिको (2015-2018) मिलने पर वे चर्चा में आई थीं. यह अमेरिका का पहला शो था जिसमें दक्षिण एशिया के एक भारतीय अदाकार को प्रमुखता से पेश किया गया था. उनके मुताबिक, क्वांटिको ने प्रेरित किया कि ''फिल्मकार मुख्य भूमिकाओं में भारतीय प्रतिभा को कास्ट करने के बारे में सोचें.’’

बेशक पश्चिम का रुख करने वाली वे पहली भारतीय अदाकार नहीं थीं. ऐश्वर्य राय और इरफान खान कई प्रोजेक्ट कर चुके थे. मगर चोपड़ा का सफर इस लिहाज से अलग था कि उन्होंने अमेरिका में ही किल्ली गाड़ी. वे कहती हैं, ''क्वांटिको के बाद मैं और मजबूती से पैर जमाना चाहती थी.’’ जल्द ही बड़ी फिल्मों में छोटी भूमिकाएं मिलीं—बेवॉच (2017) और द मैट्रिक्स रीसरेक्शंस (2021).

चोपड़ा हॉलीवुड में दक्षिण एशियाई होने की जिम्मेदारी को संजीदगी से लेती हैं. वे कहती हैं, '' मैंने लंबे वक्त तक हॉलीवुड में अलग-थलग महसूस किया. कई दूसरे दक्षिण एशियाई साथी भी उसी दौर से गुजर रहे थे. लोगों को परिचय देने, शोरील बनाने और ऑडिशन देने में 10 साल गुजर गए.’’ अब बदलाव आया है. मिंडी कलिंग और अजीज अंसारी ने अपने शो (द मिंडी कलिंग प्रोजेक्ट, 2012-2017; मास्टर ऑफ नन, 2015) खुद लिखे. कुमैल ननजियानी ने फिल्म द बिग सिक (2017) का सह-लेखन किया. ये कुछ प्रमुख दक्षिण एशियाई हैं जो पश्चिमी फिल्म जगत में पहचान हासिल कर रहे हैं.

चोपड़ा और उनकी मैनेजर अंजुला अचारिया ने इस साल मार्च में पैरामाउंट स्टुडियो में साउथ एशियन एक्सेलेंस प्री-ऑस्कर्स पार्टी आयोजित की. इसे लेकर वे अब भी जज्बाती हो जाती हैं. ''इरादा यह दिखाने का था कि हम अकेले नहीं हैं, हम एक दूसरे के साथ हैं.’’ चोपड़ा का इरादा इस आयोजन को वार्षिक अनुष्ठान बनाने का है. वे कहती हैं, ''हम दुनिया के सबसे बड़े फिल्म उद्योगों में से हैं... अंग्रेजी भाषा के मनोरंजन में हमारी मौजूदगी क्यों नहीं है?’’

यही वह बात है जो उनका हौसला बढ़ाती है. चोपड़ा ने अमेजन के साथ फर्स्ट-लुक डील साइन की है और हाल ही में ऐलान किया कि श्रीलंकाई-अमेरिकी फिल्म प्रोड्यूसर तान्या सेल्वारत्नम के संस्मरण पर आधारित एक लिमिटेड सीरीज एज्यूम नथिंग में उनकी स्टार मौजूदगी होगी और वे इसकी को-प्रोड्यूसर भी होंगी. सिटाडेल के बाद अगला प्रोजेक्ट हॉलीवुड की रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म लव अगेन है, जो मई में रिलीज होगी. वे कहती हैं, ''मैं कई और प्रोजेक्ट कर रही हूं जिनमें कैमरे के सामने और पीछे भारतीय और दक्षिण एशियाई हैं. मुझे इसी की तलाश है. अब जब अमेरिका में मेरी एक बुनियाद है, मैं चाहती हूं कि मेरे कंधे भी हों, जो मुझे कभी नहीं मिले.’’ 

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