“रिएलिटी शो में रट्टू तोते आते हैं”
अपने परिवार, समाज और रिएलिटी शो के बारे में लोकप्रिय सिंगर सोना मोहपात्रा की बेलौस और बेबाक राय.

अपने परिवार के बारे में बताइए.
मैं आर्मी फैमिली से हूं. ओडिशा से. पापा-मम्मी ने लव-मैरिज की थी. मगर हम बच्चों को यह बात नहीं बताई गई. कहा गया कि दोनों ब्राह्मण हैं. उस वक्त पता चला कि जाति क्या होती है. मैं जब तक इंजीनियरिंग के फर्स्ट ईयर में पहुंची तब मेरी कास्ट को लेकर खबरें फैल गईं. मेकेनिकल के हेड ऑफ द डिपार्टमेंट लोगों को बुलाकर बताने लगे कि कोई मोहपात्रा आई है, गोरी भी है, ब्राह्मण भी है.
तो मैं समझ नहीं पाई कि जाति की बात क्यों हो रही है? ये चीजें इतनी जरूरी क्यों है? वैसे तो मैंने घर से ही सारी चीजें सीखी हैं. मैंने कोई नारीवाद वाली किताबें नहीं पढ़ी. फर्स्ट हैंड सारी चीजें एक्सपीरिएंस की हैं.
बड़े स्टार्स के खिलाफ ट्वीट करने का खामियाजा भुगतना पड़ता है?
मेरा यह हमेशा से मानना है कि जब जो मन करता है, कर लो. मगर इतनी सिरफिरी नहीं हूं. मुझे पता है कि इससे नुक्सान होगा. यह भी पता है कि ऐसा नहीं करूंगी तो इस बदलती दुनिया का हिस्सा नहीं बन पाऊंगी. बैठकर गप्पे मारने से काम नहीं चलेगा. मैं म्यूजिशियन हूं, सिंगर हूं. मेरी लाइफ में बहुत कुछ है मगर मेरी म्यूजिकल जर्नी में लोगों को सिर्फ सलमान खान नजर आया. मैं नहीं चाहती कि लोग मुझे सिर्फ उस वजह से याद रखें.
'अम्बरसरिया’ हिट होने के बाद क्या हुआ?
उस गाने ने 12 करोड़ रुपए कमाए थे. मगर उसके बाद अगला मेन स्ट्रीम ऑफर मुझे पांच साल बाद मिला. दरअसल, इतनी सारी टैलेंटेड फीमेल आर्टिस्ट्स और भी हैं. मगर हमारे 100 मेन स्ट्रीम गानों में सिर्फ 8 गानों में ही फीमेल वॉइस है. वह भी उस देश में, जहां लता-आशा के गानों के बगैर गाने नहीं बनते थे.
हम जितने प्रोग्रेसिव हुए हैं, उतने ही रिग्रेसिव भी हुए हैं. पहले प्रोग्रेसिव राइटर्स होते थे, कविता होती थी. एक जरूरत होती थी कि समाज में बदलाव लाना है. मगर अब सब कुछ बस पैसा होता जा रहा है.
आप सिंगिंग रिएलिटी शोज की जज रह चुकी हैं, उनके बारे में बताइए?
रिएलिटी शोज के बारे में तो बात ही नहीं करनी चाहिए. उसमें तोते आते हैं. कभी नहीं कहा जाता कि आपने म्यूजिक कंपोज किया है, अपना गाना बनाया है, वह सुनाओ. वहां ओरिजनल क्रिएटिविटी के लिए कोई जगह नहीं है.
बस, पॉपुलर गाना रट के आ जाओ, दो-चार बारीक तान बना दो, जज फ्लैट. साथ में रिएलिटी शोज में जो जितना गरीब है, वह चैनल के लिए उतनी ही गुड स्टोरी होती है. इसलिए रिएलिटी शोज ही बंद कर देने चाहिए.
—मेघना वर्मा