भारत वाला

ब्रिटिश अभिनेता देव पटेल भारत से मिलने वाली प्रेरणा और बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म के बारे में बता रहे हैं

ब्रिटिश अभिनेता देव
ब्रिटिश अभिनेता देव

ब्रिटिश अभिनेता देव पटेल भारत से मिलने वाली प्रेरणा और बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म के बारे में

● आपने हाल ही डिज्नी+ हॉटस्टार पर नेशनल जियोग्राफिक की सीरीज इंडिया फ्रॉम अबव के लिए अपनी आवाज दी है. इससे भारत के बारे में आपकी क्या राय बनी?

मुझे जिस चीज ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया वह थी हर परिस्थिति में अपने को ढाल लेने की भारतीयों की प्रतिभा. आप चाहे कच्छ के रण के नमक किसान हों या लोकटक झील (मणिपुर) पर पूरा पारिस्थितिकी तंत्र खड़ा करने वाले. ढाल लेने की इस सोच के चलते ही भारत ने इतनी तेज तरक्की की है. इस पर आपको फख्र भी होता है और प्रेरणा भी मिलती है. यही इस शो की खास बात है.

● इसे करने के बाद आप किसी जगह जाना पसंद करेंगे?
भारत में सारी जगहों को देखने के लिए हवाई सफर का खर्च उठाने को अभी मुझे दोएक और फिल्में करनी होंगी.

● मुंबई में रहकर निर्देशन में कदम रखने के अनुभव को लेकर क्या ख्याल उभर रहे हैं?
दो भिन्न चीजों की निकटता के मामले में मुंबई का जवाब नहीं. खूबसूरत दक्षिण मुंबई में समृद्ध इतिहास और आधुनिकता अगल-बगल खड़े मिलते हैं. स्क्रिप्ट पर मुझे छह साल लगे हैं. यह कहानी मैं दिल से सुनाना चाहता हूं और इसके केंद्र में हिंदुस्तान है क्योंकि यह देश मेरी प्रेरणा रहा है. इस साल के शुरू में मैं कास्टिंग के लिए मुंबई में ही था. उन अभिनेताओं और उनके अभिनय कौशल से मैं खासा रोमांचित हूं.

● अब आपको आपकी जातीय पहचान से हटकर रोल मिल रहे हैं. आपको लगता है यह फिल्म इंडस्ट्री में सबको समोने और विविधता लाने की दिशा में एक कदम है?
एकदम. यह इसलिए मुमकिन हुआ है क्योंकि कुछ साहसी फिल्मकार एक खास तबके के नखरों को दरकिनार कर मेरे साथ फिल्म बनाने को तैयार हैं. दूसरे ऐक्टर्स के लिए दरवाजे खोलने का श्रेय मैं अर्मांदो इयानुच्ची और डेविड लोवेरी को देता हूं.
 

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