कलाबाज बल्लेबाज
बल्ले बोलते तो सूर्यकुमार यादव की धुआंधार बल्लेबाजी की गर्जना में सारे शोर डूब जाते. सफेद गेंद की क्रिकेट में उन्होंने बल्ले के करतबों की नई इबारतें गढ़ दी हैं

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सूर्यकुमार यादव
क्रिकेटर
सूर्यकुमार यादव और उनके बल्ले की जादूगरी को सफेद गेंद वाली क्रिकेट की आकाशगंगा में सबसे ज्यादा जगमगाते सितारे का आगमन कहा जा सकता है. फिर भी वे तमाम शॉट—भौतिकी को धता बताते अपर कट, स्कूप और लॉफ्टेड ड्राइव—जिन्हें देखकर हमारी आंखें फटी की फटी रह जाती हैं, लंबे वक्त के अभ्यास और मेहनत से विकसित हुए हैं. ये शॉट बार-बार लगाए गए, नाकामियों की जांच-पड़ताल की गई, उन्हें सुधारकर चमकाया गया और महारत हासिल की गई.
ए.बी. डिविलयर्स के लिए '360 डिग्री बल्लेबाज' शब्द गढ़ा गया था, यह खिताब अब निर्विवाद ढंग से सूर्यकुमार यादव उर्फ एसकेवाइ के सिर पर सजा है, क्योंकि बल्ले का यह जादूगर मैदान में ऐसे-ऐसे गैप खोज लेता है जिनकी दूसरे बल्लेबाज कल्पना भी नहीं कर पाते. टी20 विश्व कप में अपने बल्ले के कारनामों के दम पर नवंबर में सूर्या दुनिया के नंबर एक टी20 बल्लेबाज बन गए, जहां उन्होंने 189.68 के स्ट्राइक रेट और 59.75 के औसत से 239 रन बटोरे, जो टी20 बल्लेबाज के लिए गैरमामूली कामयाबी है. यही नहीं, सितारों से भरे बैटिंग लाइन-अप में एसकेवाइ अब मुख्य बल्लेबाज हैं.
मगर सूर्या का असर आंकड़ों से परे है. ईशान किशन ने जब बांग्लादेश में सबसे तेज वनडे दोहरा शतक लगाया, तो उनकी तुलना सूर्या से की गई. एसकेवाइ कामयाबी का वह पैमाना बन गए हैं जिससे दूसरों को मापा जाता है.
अभी तक सूर्या का बेहतरीन क्रिकेट के छोटे फॉर्मेट में सामने आया है—शानदार अपर कट, ऑफ-स्टंप पर फेंकी गई शॉर्ट-ऑफ-लेंग्थ गेंदों पर नाटकीय ढंग से झुकना और फिर छक्के के लिए उसे फाइन-लेग पर रवाना कर देना, क्रीज पर यहां से वहां शफल करना, इनसाइड-आउट ड्राइव या इनसाइड-द-लाइन पुल शॉट के लिए फुर्ती से पैरों की स्थिति बदलना. बल्ले को घुमाते हुए स्कूप, स्वीप, और फ्लिक इस तरह लगाए जाते हैं कि विरोधियों के हौसले पस्त हो जाते हैं और कोचिंग की नियमावलियां चकनाचूर हो जाती हैं.
यकीन नहीं होता कि 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने के बाद एसकेवाइ को लंबे वक्त बेंच पर बैठना पड़ा. तब से जब भी वे मैदान के बीच हुआ करते हैं, गेम दो हिस्सों में बंट जाता है—एक तब जब सूर्या क्रीज पर होते हैं, और दूसरा जब वे नॉन-स्ट्राइकर एंड पर होते हैं. यह बीता साल इस सनसनीखेज बल्लेबाज के आगमन का गवाह बना. हम सांस रोककर टेस्ट क्रिकेट में उनका असर देखने का इंतजार कर रहे हैं.
-अमिताभ श्रीवास्तव