आवरण कथाः लेनदेन का नया शगल
स्टार्ट-अप में टीम का नया सदस्य संस्थापक के साथ काम करता है, कंपनी जॉइन नहीं करता, वह मिशन जॉइन करता है, बिजनेस नहीं, वह खूबियां हासिल करता है वैल्युएशन नहीं. उन्हें सहेज कर रखें और आपके पास अपने स्टार्ट-अप की एक संस्कृति होगी

क्या
पाइन लैब्स भारत और एशिया के ऑफलाइन व्यापारियों के क्रेडिट कार्ड और कस्टमर इनसाइट सॉल्यूशंस मुहैया कराती है.
कौन
संस्थापक लोकवीर कपूर आइआइटी कानपुर के इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं, उन्होंने आइआइएम बेंगलूरू से एमबीए किया है. सह संस्थापकों में राजुल गर्ग (बी.टेक, आइआइटी, दिल्ली) और तरुण उपादे (एम.एससी, आइआइटी दिल्ली) शामिल हैं.
कब
18 मई, 1998
बड़ा विचार
इसकी शुरुआत भारतीय रिटेल पेट्रोलियम सेक्टर में कार्ड आधारित पेमेंट और लॉयल्टी सॉल्यूशंस मुहैया कराने से हुई. महामारी के दौरान इसने व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट मॉडल अपनाने में मदद की है.
सफलता की पहली सीढ़ी
जब उन्हें एहसास हुआ कि उसके डिजिटल सॉल्यूशंस को दूसरे क्षेत्रों में बढ़ाया जा सकता है.
धन की व्यवस्था
इसने सात दौर में 13.82 करोड़ डॉलर उगाहे. इसमें नौ निवेशकों ने पैसा लगाया, जिनमें लोन पाइन कैपिटल और मास्टरकार्ड सबसे नए हैं. इसका आखिरी दौर दिसंबर 2020 में था.
इसने मार्च 2009 में सेकोइया के 10 लाख डॉलर से प्रारंभिक पूंजी निवेश का दौर शुरू किया, उसके बाद अप्रैल 2017 के दूसरे दौर में मैडिसन इंडिया कैपिटल ने निवेश किया, जिसकी राशि बताई नहीं गई.
तीन महीने बाद फ्लिपकार्ट ने 710 करोड़ रु. निवेश किया. कंपनी ने 2018 में एक्टिस से 2.2 करोड़ डॉलर और फिर पेपाल तथा टेमासेक होल्डिंग्स से 50 लाख डॉलर जुटाए.
जनवरी 2020 में मास्टरकार्ड के निवेश के बाद कंपनी को यूनिकॉर्न का दर्जा मिल गया, उसका बाजार मूल्य 1.6 अरब डॉलर रहा. इसी साल कंपनी का बाजार मूल्य 2 अरब डॉलर से ऊपर का आंका गया.
निवेशक की बात
''पाइन लैब्स फिनटेक सेक्टर में हो रहे ढांचागत परिवर्तन का फायदा उठा रही है, जिसमें सॉफ्टवेयर और पॉइंट-ऑफ सेल पर पेमेंट का इंटीग्रेशन, छोटे और मझोले उपक्रमों का डिजिटाइजेशन और तेजी से अपनाए जा रहे अभी खरीदें-बाद में पैसा दें (बाइ-नाऊ-पे-लैटर) के प्रस्ताव शामिल हैं.''
—माला गांवकर,
पोर्टफोलियो मैनेजर और एमडी, लोन पाइन कैपिटल
बिजनेस मॉडल
भारत और एशिया में 1,50,000 से ज्यादा व्यापारी पाइन लैब्स प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं. यह हर साल 30 अरब डॉलर के लेनदेन को संपन्न कराता है.
भविष्य की योजनाएं
भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों के विभिन्न बाजारों में डिजिटल पेमेंट क्रांति के विस्तार को जारी रखना.
—निधि सिंगल