हंसी-दिल्लगी ही है बेहतरीन दवा
कुछ शख्सियतें बता रही हैं इस 'नए किस्म के सामान्य होते' वक्त में कौन-से शो और फिल्में देखी जाएं.

रोजमर्रा की मेरी नई जिंदगी कोरोना से लड़ते हुए, एक वक्त में एक ही शो
पहले कुछ दिन मैंने कंटेजन देखी, नेटफ्लिक्स शो पैंडेमिक देखा और टेडएक्स पर उन लोगों की बातचीत सुनी जिन्होंने इस महामारी के कदमों की आहट सुनी थी. फिर मैंने कर्ब योर एंथुसियाज्म के 10 सीजन एक साथ देखे क्योंकि मैं कुछ कॉमेडी चाहती थी.
अब मेरा इरादा ऑस्कर के लिए नामजद कई फिल्में देखने का है, जिन्हें मैं उनकी रिलीज के वक्त देखना चूक गई थी, और नेटफ्लिक्स का शो देहली क्राइम भी. नेटफ्लिक्स और एमजेन प्राइम पर यह सब देखते हुए पकड़ी गई तो मेरा प्रकाशक तो मुझे मार ही डालेगा, सो वक्त का इस्तेमाल करते हुए इंटरव्यू ट्रांसक्राइब करना खत्म करूंगी और अपनी किताब के लिए रिसर्च करूंगी, जो जिंदगी के वाकयों पर आधारित है. ढेर सारी किताबें भी खरीद लाई हूं.
फिलहाल सॢबयाई लेखक सर्जा पोपोविच की ब्लूप्रिंट फॉर रिवॉल्यूशन पढ़ रही हूं. ट्राइबल फ्यूजन का ऑनलाइन डांस कोर्स भी कर रही हूं. लॉकडाउन मार्च के बाद भी चला तो गिटार सीखना भी शुरू करूंगी. महामारी के ताजा आकड़ों के लिए कोविड19इंफो.लाइव वेबसाइट भी नियमित देख रही हूं.
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