आवरण कथाः भारत की ऊंची उम्मीदें

दृढ़ संकल्प और समर्पण ने इस बैडमिंटन तारिका को खेल उपलब्धियों की नई ऊंचाइयां नापने में मदद की है.

क्वीन ऑफ द कोर्ट सितंबर में  चाइना ओपन के दौरान चांगझू शॉट खेलती सिंधु
क्वीन ऑफ द कोर्ट सितंबर में चाइना ओपन के दौरान चांगझू शॉट खेलती सिंधु

पी.वी. सिंधु, 24 वर्ष

बैडमिंटन खिलाड़ी

पुसरला वेंकटा सिंधु को बीती 25 अगस्त को सेंट जकोबशेल, बासेल, स्विट्रलैंड में बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन विश्व चैंपियनशिप जीतने वाला पहला भारतीय बनने में केवल 37 मिनट लगे थे. वे पहली ऐसी महिला खिलाड़ी हैं, जिन्होंने लगातार तीन साल—2017, 2018 और 2019 में—विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई. यह अपने आप में दुर्लभ उपलब्धि है. इस साल उन्हें जीत भी हासिल हुई.

विश्व चैंपियनशिप में 2013 तथा 2014 में कांस्य और 2017 तथा 2018 में रजत पदक जीत चुकी सिंधु इस दर्शनीय खेल के इतिहास में सर्वकालिक महानतम एकल महिला खिलाडिय़ों में शुमार हैं. महिला एकल मुकाबलों में पदक जीतने के लिहाज से अब वे चीन की पूर्व ओलंपिक चैंपियन झांग निंग के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर है. निंग ने इतने ही पदक 2001 से 2007 के बीच जीते थे.

उनके शानदार कला-कौशल और आज के दौर के लिहाज से अपरिहार्य शारीरिक क्षमता के अतिरिक्त लगातार खेल कौशल के शीर्षस्तर पर बने रहने की प्रतिबद्धता और अपने सर्वश्रेष्ठ से भी बेहतर प्रदर्शन करने की इच्छा उन्हें औरों से अलग बनाती है. यही वह बात है जो टोक्यो ओलंपिक, 2020 की ओर बढ़ते हुए भारत के लिए उम्मीदें पैदा करती है. भारत ने अब तक जिन 24 ओलंपिक खेलों में भाग लिया है, उनमें निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ही एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने व्यक्तिगत मुकाबले में ओलंपिक स्वर्णपदक जीता है.

शीर्ष पर रहते हुए किसी खिलाड़ी की तकनीक, प्रहार क्षमता और मानसिकता सभी बातों को एक साथ मौजूद होने की जरूरत होती है. सिंधु ने अब तक प्रतिद्वंद्वियों को परास्त करने के लिए किसी दिन विशेष पर असाधारण शारीरिक और मानसिक क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है. आगे के समय में भी अगर वे इस कौशल को और मांजती हैं तो कोई कारण नहीं कि पांच फीट आठ इंच लंबी सिंधु ओलंपिक स्वर्णपदक लाने की देशवासियों की उम्मीदों पर खरी न उतरें. पिछले रियो ओलंपिक 2016, में वे रजत पदक जीत चुकी हैं. उनके मौजूदा फॉर्म को देखते हुए कहा जा सकता है कि टोक्यो में होने जा रहे आगामी ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में बैडमिंटन कोर्ट पर दबदबा कायम करते हुए निश्चित ही भारत की 'गोल्डेन गर्ल' होने के निर्विवाद दावे पर हक साबित कर सकेंगी.

सुर्खियों की वजह

सिंधु महिला एकल जीतने वाली खिलाडिय़ों में चीन की झांग निंग के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं. निंग ने 2001 से 2007 के बीच इतने ही पदक जीते थे

वे सबसे ज्यादा भुगतान पाने वाली गैर क्रिकेट खिलाड़ी और सरकारी कर्मचारी हैं. वे लेक व्यू गेस्ट हाउस, हैदराबाद में ओएसडी हैं जो कि डिप्टी कलेक्टर रैंक का पद है.

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