हाथियों के कुनबे में दुर्लभ मेहमानों की एंट्री, कॉर्बेट की यह घटना क्यों है खास?

कार्बेट टाइगर रिजर्व में एक हथिनी ने दो जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है और दोनों स्वस्थ हैं. वन्यजीव विशेषज्ञ इसे दुर्लभ घटना बता रहे हैं

Elephant gives birth to twin calves in Corbett (Video grab : sanjay chhimwal)
अपने जुड़वां बच्चों के साथ हथिनी (साभार : संजय छिम्वाल )

उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में एक हथिनी ने जुड़वां शावकों को जन्म दिया है और यह घटना अपने आप में बेहद दुर्लभ मानी जा रही है.  नैनीताल, पौड़ी और अल्मोड़ा जिलों में फैले कॉर्बेट के जंगलों में हथिनी को अपने दोनों नवजात बच्चों के साथ विचरण करते देखा गया. यह दृश्य न सिर्फ पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है बल्कि वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है.

बीती 9 मई को बिजरानी रेंज के ‘जड़पहाड़’ क्षेत्र में गश्त के दौरान वन विभाग की टीम की नजर पहली बार इस हथिनी और उसके शावकों पर पड़ी. इसके बाद 12 और 13 मई को गर्जिया पर्यटन क्षेत्र में सफारी के दौरान पर्यटकों ने भी इस दुर्लभ नजारे को देखा और कैमरों में कैद किया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दोनों शावक अपनी मां के साथ खेलते और दूध पीते दिखाई दे रहे हैं.

विशेषज्ञों के अनुसार, हाथियों में जुड़वां बच्चों का जन्म बेहद असामान्य होता है. हथिनी का गर्भकाल करीब 22 महीने का होता है जो स्तनधारियों में सबसे लंबा माना जाता है. आमतौर पर वह एक ही शावक को जन्म देती है. जुड़वां जन्म के मामलों में अक्सर मां या किसी एक बच्चे के जीवित बचने की संभावना कम रहती है. ऐसे में दोनों शावकों का स्वस्थ और सक्रिय होना वन्यजीव वैज्ञानिकों के लिए सुखद संकेत है.

कॉर्बेट नेशनल पार्क के निदेशक साकेत बडोला ने इस घटना को प्रकृति का अद्भुत करिश्मा बताया. उन्होंने कहा कि वन विभाग लगातार हथिनी और उसके बच्चों की निगरानी कर रहा है. साथ ही कर्मचारियों को सतर्क रहने और पर्यटकों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं क्योंकि बच्चों की सुरक्षा को लेकर हथिनी आक्रामक हो सकती है.

प्रकृति प्रेमी और वन्यजीव फोटोग्राफर संजय छिम्वाल ने भी सफारी के दौरान इस परिवार को देखा. उनके मुताबिक, दोनों शावक पूरी तरह सुरक्षित थे और अपनी मां के साथ सहज नजर आ रहे थे. उन्होंने इसे अपने जीवन के सबसे दुर्लभ वन्यजीव अनुभवों में से एक बताया.

वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, कॉर्बेट क्षेत्र उत्तराखंड में हाथियों का सबसे बड़ा आवास है, जहां 1200 से अधिक हाथी पाए जाते हैं. कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और शिवालिक एलीफेंट रिजर्व एशियाई हाथियों के संरक्षण के लिए देश के अहम क्षेत्रों में गिने जाते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि जुड़वां शावकों का सुरक्षित जन्म इस बात का संकेत है कि कॉर्बेट का प्राकृतिक वातावरण वन्यजीवों के लिए अनुकूल बना हुआ है.

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