वीर दास की 'हैप्पी पटेल' चले या न चले, लेकिन आमिर खान की प्रमोशन स्ट्रैटजी कैसे कमाल कर गई!

आमिर खान ने अपनी फिल्मों के प्रमोशन के लिए कभी भी कोई अनोखा तरीका नहीं अपनाया, लेकिन इस बार 'हैप्पी पटेल' के प्रमोशन से उन्होंने लोगों का खूब ध्यान खींचा

हैप्पी पटेल की टीम के साथ आमिर खान
हैप्पी पटेल की टीम के साथ आमिर खान

अभिनेता आमिर खान को मिस्टर परफेक्शनिस्ट के रूप में तो खूब जाना जाता है, लेकिन मार्केटिंग में नए प्रयोग करने को लेकर उनकी उतनी चर्चा नहीं होती. इस बार आमिर खान ने 2026 में रिलीज होने वाली अपनी पहली फिल्म 'हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस' के प्रमोशन के लिए एक अनोखी रणनीति अपनाई है.

यह एक जासूसी कॉमेडी फिल्म है, जिसका निर्देशन और लेखन वीर दास ने किया है. इस फिल्म में वीर दास और आमिर खान दोनों ने ही मुख्य भूमिका निभाई है. यह फिल्म 16 जनवरी को रिलीज हो रही है. इससे पहले आमिर और उनकी टीम जमकर फिल्म का प्रमोशन कर रही है.

इसकी शुरुआत एक मजेदार टीजर से हुई, जिसमें आमिर खान और वीर दास को पहले आपस में बात करते हुए दिखाया गया है. कुछ ही देर बाद आमिर खान वीर दास को कोसने लगते हैं और अंत में उनकी पिटाई भी कर देते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी फिल्म खराब है और फ्लॉप हो जाएगी. हालांकि, जैसे ही कुछ लोग टेस्ट स्क्रीनिंग से बाहर आकर इसे अच्छी फिल्म बताते हैं तो, उनका व्यवहार तुरंत बदल जाता है.

"The Most ‘Khatarnak’ Announcement" के नाम से यूट्यूब पर शेयर किए जाने वाले इस वीडियो पर अब तक 13 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं. इसके कुछ समय बाद ही एक और वीडियो आया. 'खतरनाक डबल रोल' नाम के इस वीडियो में अभिनेता-कॉमेडियन सुनील ग्रोवर आमिर खान की हूबहू नकल करके सबका दिल जीत लेते हैं.

वीडियो में ग्रोवर, दास को यह यकीन दिलाते हैं कि वे आमिर खान हैं. वे न सिर्फ आमिर खान के बोलने के अंदाज की कॉपी करते हैं, बल्कि उनके पहनावे, हेयरस्टाइल और हाव-भाव तक को हूबहू अपना लेते हैं.

सीक्वल बनाने के लिए चेक दिए जाते हैं, आंसू बहते हैं और तारीफों की बौछार होती है. अंत में असली आमिर की एंट्री होती है, लेकिन उनके ही सुरक्षाकर्मियों को लगता है कि वे नकली हैं और ग्रोवर ही असली आमिर हैं. वीडियो के कुछ अंश ऑनलाइन ट्रेंड कर रहे हैं. वीडियो ने रिलीज होने के 24 घंटों के भीतर ही यूट्यूब पर 27 लाख व्यूज बटोर लिए.

इसके अलावा, वीर दास फराह खान के लोकप्रिय यूट्यूब चैनल पर भी नजर आए, जहां उन्होंने फराह और उनके रसोइए दिलीप का अपने घर में स्वागत किया और दावत के दौरान फिल्म का प्रचार किया. उन्होंने आखिरी हफ्ते में इंस्टाग्राम पर फिल्म के प्रचार का अपना अनुभव भी साझा किया है.

एक वीडियो में दास कहते हैं, "यह मेरी बिना सोए तीसरी रात है." उन्होंने अपने सामने आए सवालों पर विचार करते हुए कहा, "ये एक ऐसी इंडस्ट्री है जिसमें मैं काफी समय से नहीं रहा हूं, मैं भूल गया था कि यह जगह कितनी गलाकाट स्पर्धा वाली है." उन्होंने अपनी बात यह कहते हुए खत्म की- "थका देने वाला, लेकिन सच में बेहतरीन अनुभव रहा है."

यह पहली बार नहीं है जब खान ने अपने बैनर तले बनी फिल्मों के प्रचार के लिए कोई अनोखा तरीका अपनाया है. धोबी घाट (2010) और डेल्ही-बेली (2011) के लिए आमिर ने एक नया नजरिया अपनाया था, जिसमें उन्होंने बिना किसी इंटरवल के 95 मिनट से ज्यादा समय तक दर्शकों को फिल्म से बांधे रखने का रिकॉर्ड बनाया था. उनकी पहचान ऐसे निर्देशक की बनी, जो लंबी फिल्मों में बिना इंटरवल दर्शकों को कहानी से बांधे रख सकते हैं.

सीक्रेट सुपरस्टार (2017) के लिए, उन्होंने नवोदित गायिका मेघना मिश्रा पर खूब ध्यान दिया. मिताली पालकर, शारिब हाशमी और मोना सिंह जैसे कलाकारों के साथ-साथ इमरान खान और आमिर खान के कैमियो रोल वाली फिल्म 'हैप्पी पटेल' पहली नजर में किसी आम हिंदी कॉमेडी फिल्म जैसी नहीं लगती.

शुरुआत में वीर दास के जरिए अभिनीत पटेल एक विदेश से लौटा देसी एजेंट है जो हिंदी लहजे में बोलता है और एक ऐसे मिशन के लिए गोवा आता है जिसके लिए वह बिल्कुल भी तैयार नहीं है. सीधे शब्दों में कहें तो, यह उस जासूस से बिल्कुल अलग है जिसे हमने धुरंधर में रणवीर सिंह के तौर पर देखा था.

यह देखना बाकी है कि डिजिटल-फर्स्ट मार्केटिंग रणनीति बॉक्स ऑफिस पर कितना मुनाफा दिलाती है, लेकिन खान ने कम से कम मोबाइल के आदी दर्शकों को फिल्म के बारे में बताने में कामयाबी हासिल कर ली है. अब चुनौती यह है कि उन्हें छोटे पर्दे से निकालकर बड़े पर्दे तक कैसे लाया जाए.
 

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