इंडिया टुडे आर्काइव : राजेश खन्ना में ऐसा क्या था जो वे बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार बने?
एक्टर और फिलहाल तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का यह आर्टिकल इंडिया टुडे के 1 सितंबर, 2021 के अंक में लिखा था

राजेश खन्ना से जुड़ी मेरी पहली याद 1970 की है. फिल्म ऐंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआइआइ) से ताजा-ताजा निकलने के बाद मुझे छोटे रोल मिलने लगे थे, जबकि राजेश खन्ना पहले से ही स्टार थे.
उनके भाव प्रवण चेहरे-मोहरे और तौर-तरीके को देखकर महसूस होता था जैसे कोई जादू हो. कई और भी लोग थे जो शायद फिल्म उद्योग में ऊंचे मुकाम के हकदार थे, लेकिन उनके पास राजेश खन्ना का जलवा नहीं था. उनका दृढ़ विश्वास था कि वे सुपरस्टार हैं, और इसी बात से सारा फर्क पैदा होता था.
राजेश खन्ना को हम वह 'परिघटना’ कहते थे जिसने अपने सहज प्रदर्शन के साथ रोमांस के बारे में भारत की धारणाओं को बदल दिया था. उनकी आभा ने अकेले ही भारतीय सिनेमा के एक ऐसे युग का सृजन किया जिसके केंद्र में मासूमियत थी और जिसके आखिर में हमेशा अच्छे लोगों की जीत होती थी. वह 'अनंत प्रेम’ की जीती-जागती अभिव्यक्ति बन गए थे.
मैंने उनके साथ कई फिल्मों में काम किया, और हालांकि वह देर से आने के लिए बदनाम थे लेकिन यह केवल देखने वाले ही जान सकते हैं कि जब खन्ना सेट पर पहुंचते थे तो पूरा सेट कैसे उनकी ओर खिंचा चला आता था.
औरों को निहत्था कर देने वाली मुस्कान के साथ जब वे सेट पर घूमते तो हर कोई उन्हें लपक लेने को तैयार होता, उनके हर शब्द को पकड़ता और उनका चुटकुला पूरा होने से पहले ही हंसने लगता था.
राजेश खन्ना ऐसे भी थे जो सेट पर अपने भोजन का भुगतान करते थे ('मेरे खाते में लिखो’) और रद्द की गई शूटिंग के लिए अपने निर्माताओं को मुआवजा देते थे. इन सबसे ऊपर, वे बेहद ईमानदार व्यक्ति थे और अपनी भावनाओं को छिपाते नहीं थे.
नई दिल्ली सीट के लिए 1992 में हुए लोकसभा उपचुनाव में जब मैंने उनके खिलाफ चुनाव लड़ा तो राजेश खन्ना मुझसे नाराज हो गए थे (मुझे अभी भी इस फैसले पर अफसोस है क्योंकि मैं उस समय आडवाणी जी को मना नहीं कर सका था).
खन्ना ने गौरव का शिखर देखा तो अपना सर्वश्रेष्ठ देने के बाद एकांत का दौर भी देखा. मुझे याद है कि मैं घंटों उनके घर पर उनके साथ बैठा रहता था. वे कहते थे, ''शेर भूखा मर जाएगा, लेकिन बीड़ी नहीं पिएगा.’’
(एक्टर और फिलहाल तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का यह आर्टिकल इंडिया टुडे के 1 सितंबर, 2021 के अंक में लिखा था. आज राजेश खन्ना का जन्मदिन है)