महिला पीएसी बटालियन से योगी का दलित-ओबीसी पर दांव
योगी सरकार ने लखनऊ में वीरांगना ऊदादेवी महिला पुलिस बटालियन तथा बदायूं में वीरांगना अवंतीबाई महिला पुलिस बटालियन की स्थापना का निर्णय लिया है. चुनावी साल में सरकार ने इसके जरिए भाजपा के समर्थक मतदाताओं को संदेश देने की भी कोशिश की है.

उत्तर प्रदेश में पहली बार जल्द ही तीन पीएसी महिला बटालियन वजूद में आ जाएंगी. लखनऊ में वीरांगना ऊदादेवी महिला पुलिस बटालियन तथा बदायूं में वीरांगना अवंतीबाई महिला पुलिस बटालियन की स्थापना होगी. चुनावी साल में योगी सरकार ने महिला पीएसी बटालियन के गठन और उनके नामकरण के जरिए भारतीय जनता पार्टी के समर्थक मतदाताओं को संदेश देने की भी कोशिश की है. लखनऊ और आसपास के जिलों में दलित जाति की पासी उपजाति के मतदाताओं की संख्या काफी है. वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव और वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में पासी जाति ने भाजपा को एकरतफा समर्थन दिया था. वीरांगना ऊदादेवी का पासी समाज में पूजनीय स्थान है. इसी को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने लखनऊ में बनने वाली महिला पीएसी बटालियन का नाम वीरांगना ऊदादेवी के नाम पर रखा है.
वहीं दूसरी ओर रुहेलखंड में लोधी जाति भाजपा की समर्थक मानी जाती है. लोधी समाज में वीरांगना अवंतीबाई का सम्मानीय स्थान है. इनके नाम पर भी बदायूं में गठित होने वाली महिला पीएसी बटालियन के नामकरण का निर्णय लिया गया है. शासन ने इन बटालियन की स्थापना और नाम का आदेश जारी कर दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा की दिशा में अहम कदम बढ़ाए थे. इसी कड़ी में उन्होंने पहली बार सूबे में पीएसी की महिला बटालियन के गठन की घोषणा भी की थी. पीएसी की यह बटालियन महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है. योगी ने कहा था कि इससे प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बेहतर माहौल बनेगा. लखनऊ, गोरखपुर और बदायूं में पीएसी की तीन महिला पुलिस बटालियन की स्थापना की जानी है.
लोक संकल्प कल्याण पत्र 2017 के अनुसार महिलाओं की सुरक्षा के तहत सूबे में पीएसी की तीन महिला बटालियन की स्थापना की जानी है. तीन महिला पुलिस बटालियनों की स्थापना और नामकरण के लिए पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव पर यह निर्णय लिया गया है. अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने इसका आदेश जारी कर दिया है. बताया गया कि गोरखपुर में महिला पुलिस बटालियन के लिए भूमि आवंटन का काम चल रहा है. पीएसी की एक महिला बटालियन में 1,262 पदों पर तैनाती की जाएगी. इनमें एक सेनानायक, तीन उपसेनानायक, नौ सहायक सेनानायक के साथ ही एक शिविरपाल, 24 इंस्पेक्टर, 75 सब इंस्पेक्टर, 108 हेड कांस्टेबल व 842 कांस्टेबल के साथ सफाईकर्मी रसोइया आदि शामिल होंगे.
अभी तक प्रदेश में पीएसी की महिला बटालियन न होने से जिस जगह पीएसी को महिला सुरक्षाकर्मियों की मदद लेनी होती थी वहां महिला पुलिसकर्मियों को बुलाया जाता था. इसी समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला पीएसी के गठन का निर्णय लिया. गोरखपुर में प्रदेश की पहली महिला पीएसी बटालियन का गठन हो गया है. गोरखपुर महिला पीएएसी बटालियन को गोरखपुर मंडल के साथ आजमगढ़, वाराणसी और आजमगढ़ मंडल की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है. इन मंडलों के हर जिले में महिला पीएसी की तैनाती की जाएगी. लखनऊ की महिला बटालियन को सेंट्रल यूपी और बदायूं की बटालियन को पश्चिमी यूपी में लगाया जाएगा.
महिला अपराधों पर और सक्रियता और सख्ती बरतने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “शेरनी दस्ते” की परिकल्पना की है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 जुलाई को गोरखपुर में गोरखनाथ परिसर से “शेरनी दस्ते” को झंडी दिखाकर इस योजना की शुरुआत की. गोरखपुर से शुरू हुई इस योजना के पहले चरण में पुलिस लाइंस में तैनात 100 महिला पुलिसकर्मियों को पीआरवी दस्ते की तरह गश्त करने के लिए जीपीएस सिस्टम, सायरन, फ्लैश लाइट, पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम्, पेपर स्प्रे से युक्त स्कूटी मुहैया कराई गई है. अभी तक महिला पुलिसकर्मियों के पास स्कूटर न होने से केवल थानों की सुरक्षा में पहरेदारी, कोविड हेल्प डेस्क व थाने की जीप पर अन्य पुलिसकर्मियों के साथ ही उनकी तैनाती होती थी. गश्त का काम इनसे नहीं लिया जाता था, जबकि महिलाओ के साथ होने वाले अपराध की निगरानी के लिए में महिला पुलिसकर्मियों की गश्त जरूरी होती है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस विभाग ने महिला पुलिसकर्मियों को महिलाओं से जुड़े अपराध को नियंत्रित करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया है. “शेरनी दस्ते” में एक स्कूटर पर दो महिला पुलिसकर्मी गश्त कर रही हैं.
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