उम्रदराज मतदाताओं को पोस्टल बैलेट से मत देने का मिल सकता है मौका
80 साल या इससे अधिक उम्र के लोगों को पोस्टल बैलेट के माध्यम से मत देने की सुविधा देने का विचार. पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में मिल सकती है यह सुविधा.

इस साल होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में उम्रदराज मतदाताओं को नई सुविधा मिल सकती है. चुनाव आयोग उन विकल्पों को अंतिम रूप देने में जुटा है जिसके तहत 80 साल या इससे अधिक उम्र के मतदाता पोस्टल बैलेट से वोट दे सकते हैं. इस तरह के सुझाव विभिन्न राजनीतिक दलों की तरफ से आयोग को मिले हैं, जिसपर आयोग विचार कर रहा है.
चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुद्दुचेरी में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होंगे. आयोग के सदस्य इन राज्यों का दौरा कर वहां चुनाव तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं. समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव के अलावा पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी आयोग मिल रहा है. इसी सिलसिले में सभी राज्यों के राजनीतिक दलों की तरफ से सुझाव आया है कि कोरोना काल में वोटिंग में ज्यादा से ज्यादा मतदाता हिस्सा ले सकें यह सुनिश्चित करना चाहिए. लेकिन कोरोना की वजह से 80 साल या इससे अधिक उम्र के लोगों को उनके घर वाले पोलिंग बूथ तक भेजने के इच्छुक नहीं दिख रहे हैं. ऐसे में यदि यह प्रावधान किया जाए कि 80 साल के अधिक उम्र के वोटर, पोस्टल बैलेट से अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें तो बेहतर होगा.
सूत्रों का कहना है कि राजनीतिक दलों के इस सुझाव को लेकर चुनाव आयोग गंभीरता से विचार कर रहा है. यह विकल्प स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए किस तरह से अनुकूल हो इसकी औपचारिकता पूरी की जा रही है. राज्य सरकारें अपने डेटा से चुनाव आयोग को उन बुजुर्गों की सूची भी मुहैया कराने को तैयार है जो 80 साल से अधिक उम्र के हैं. राज्यों के डेटा को आयोग अपने मतदाता सूची से वेरिफाइ करने के बाद इस विकल्प को लागू करने का फैसला ले सकता है. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा बुधवार को अपनी टीम के साथ तमिलनाडु में चुनाव तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे और वहां भी राजनीतिक दलों ने बुजुर्गों के लिए पोस्टल बैलेट सुविधा मुहैया कराने की अपील की. आयोग की टीम बृहस्पतिवार और शुक्रवार को पुद्दुचेरी के दौरे पर है.
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