ऑनलाइन डिलिवरी के विरोध में व्यापारियों का बिगुल
कोरोना वायरस के बढ़ते संकट के बीच आनलाइन डिलिवरी के बढ़ते व्यापार के बीच स्थानीय व्यापारियों के बीच काम-धंधा चौपट हो जाने की आशंका सता रही है. व्यापारियों ने आनलाइन डिलिवरी कंपनियों के खिलाफ पेशबंदी शुरू कर दी है.

कोरोना वायरस के बढ़ते संकट के बीच आनलाइन डिलिवरी के बढ़ते व्यापार के बीच स्थानीय व्यापारियों के बीच काम-धंधा चौपट हो जाने की आशंका सता रही है. व्यापारियों ने आनलाइन डिलिवरी कंपनियों के खिलाफ पेशबंदी शुरू कर दी है.
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा से मिलकर खुदरा व्यापारियों की परेशानियों से अवगत कराया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों को सभी वस्तुओं की बिक्री की अनुमति दी है जो कि देश एवं प्रदेश के व्यापारियों के साथ अन्याय है.
गुप्ता का कहना है कि लॉक डॉउन की अवधि में जब पूरे देश के बाजार बंद हैं ,ऐसे में ई कॉमर्स कंपनियों को बिक्री की अनुमति देने से राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश एव देश के परम्परागत व्यापारियों में अत्यधिक नाराजगी है.
व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि 15 मई तक ऑनलाइन कारोबार को पूरी तरह प्रतिबंधित करना चाहिए क्योंकि लॉकडाउन में व्यापार बंद होने के बावजूद छोटे,मध्यम व्यापारी अपने कर्मचारियों को वेतन और सुविधाएं दे रहे. मकान मालिकों को किराया दिया जा रहा है और यही नहीं बंद अवधि का बिजली बिल भी शासन द्वारा अभी तक माफ नहीं किया गया है. ऐसे में इलेक्ट्रानिक, कपड़ा समेत अन्य कारोबार के लिए केवल ऑनलाइन ई-ट्रेडिंग करने वाली कंपनियों के लिए अनुमति देने से लाखों छोटे कारोबारियों की आर्थिक बरबादी लगभग तय है.
भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के मीडिया प्रभारी सुमित गुप्ता कहते हैं कि रिटेल और होलसेल वस्तुओं की डोर टू डोर डिलिवरी देने की मांग यदि सरकार मांग ले तो सभी व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी. इससे व्यापारियों का का आर्थिक संकट दूर होगा और राजस्व भी विदेश नही जा पाएगा.
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