दो‍गुने से ज्यादा मिला दान, राम मंदिर परिसर का आकार पचास फीसद से ज्यादा बढ़ेगा

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 15 जनवरी से चल रहे “निधि समर्पण अभियान” का 27 फरवरी को समापन हो गया. कुल 2,500 करोड़ रुपये से अधि‍क मिला दान. अब 108 एकड़ में बसेगा राम मंदिर परिसर.

अयोध्या में राम जन्मभूमि पर अस्थायी राम मंदिर
अयोध्या में राम जन्मभूमि पर अस्थायी राम मंदिर

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर पर राम मंदिर निर्माण के लिए मकर संक्रांति, 15 जनवरी से चल रहे “निधि समर्पण अभियान” का माघ पूर्णि‍मा,  27 फरवरी को समापन हो गया. देश के विभि‍न्न हिससों में 44 दिनों तक चले इस अभियान में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, अयोध्या और वि‍श्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने 10 लाख से अधि‍क लोगों से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए दान लिया. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बताते हैं, “ट्रस्ट और वि‍श्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता निधि समर्पण अभि‍यान के तहत चार लाख गांवों तक पहुंचने के अपने लक्ष्य में सफल हो गए हैं. हालांकि परिवारों के आंकड़े आने अभी शेष हैं किंतु अनुमानत: दस करोड़ परिवारों से हमारा संपर्क हुआ है.” चंपत राय ने बताया है कि इस विशाल अभियान में नौ लाख कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर संपर्क किया. 38,125 कार्यकर्ताओं के माध्यम से समर्पण निधि बैंको में जमा हुई. उन्होंने कहा कि अंतिम आंकड़े मार्च माह में ऑडिट होने के बाद आएंगे, लेकिन अभी तक की प्राप्ति 2,500 करोड़ रुपये हो गई है.

निधि‍ समर्पण अभि‍यान के शुरू होने से पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में राम मंदिर परिसर निर्माण में करीब 1,100 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया था. इस तरह मंदिर निर्माण में आने वाली लागत से करीब 1,400 करोड़ रुपए अधि‍क ट्रस्ट को प्राप्त हुए हैं. मंदिर निर्माण के लिए अनुमान से अधि‍क धनराशि‍ दान में मिलने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, अयोध्या के परिसर में विस्तार की योजना भी बना रहा है. ट्रस्ट के एक पदाधि‍कारी बताते हैं, “राम मंदिर निर्माण शुरू होने के साथ रामलला के भक्तों की तादात भी बढ़ी है. अभी रोज करीब 25 हजार से अधि‍क श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं. राम मंदिर बनकर तैयार होने पर श्रद्धालुओं की संख्या चार गुना से अधि‍क बढ़ जाएगी. ऐसे में भक्तों के लिए जन सुविधाएं विकसित करने के लिए ट्रस्ट को परिसर के विस्तार की आवश्यकता महसूस हो रही है, जिसको लेकर ट्रस्ट ने प्रशासन के साथ मिलकर कवायद शुरू कर दी है. पूर्व योजना के अनुसार, पांच एकड़ में राम मंदिर और 70 एकड़ में राममंदिर परिसर का निर्माण किया जाना था. अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर परिसर का निर्माण 108 एकड़ में करने की योजना बनाई है.

ट्रस्ट ने राम मंदिर परिसर में बनने वाले यज्ञशाला, जन्मभूमि संग्रहालय, सत्संग भवन सभागार, अध्ययन-अनुसंधान क्षेत्र, रामलीला केंद्र, प्रोजेक्शन थिएटर, प्रदर्शनी कक्ष, बहुआयामी चलचित्रशाला, आदर्श गौशाला, सीता रसोई अन्न क्षेत्र, पार्किंग, अमानती कक्ष, आपातकालीन चिकित्सा सहायता केंद्र सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की रूपरेखा नए सिरे से तैयार करने की तैयारी शुरू की है. 70 एकड़ जमीन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, अयोध्या के पास पहले से मौजूद है. शेष जमीन का प्रबंध करने के लिए अयोध्या में राजस्व विभाग एवं तहसील प्रशासन की टीम ने 3 मार्च से राम जन्मभूमि परिसर के आसपास के क्षेत्रों का सर्वे शुरू कर दिया है. अयोध्या में राजस्व विभाग एवं तहसील प्रशासन की टीम ने बुधवार को राम जन्मभूमि परिसर के आसपास के क्षेत्रों का सर्वे किया. अयोध्या राजस्व विभाग के एक अधि‍कारी बताते हैं, “राम जन्मभूमि परिसर के पीछे स्थित दुराहीकुंआ मोहल्ले में रहने वाले लोगों का ब्यौरा दर्ज किया गया है. क्षेत्र में कितने मकान हैं, मठ-मंदिर व अन्य धार्मिक स्थल हैं उनकी सूची तैयार की जा रही है. इसी बीच राम जन्मभूमि के आसपास स्थित नजूल की भूमि को भी चिह्नित किया जा रहा है.” मंदिर में नींव भरने का काम शुरू होते ही मंदिर परिसर की नई डिजायन भी बनाने की कोशि‍श हो रही है. चंपत राय बताते हैं, “ मंदिर परिसर अब तक नींव खुदाई का 60 फीसद कार्य पूरा हो चुका है. नींव सदियों तक सुरक्षित रहे इसके लिए उसमें कौन-कौन से मटेरियल मिलाए जाएं इसको लेकर आइआइटी चेन्नई के इंजीनियरों का मंथन पूरा हो चुका है, अप्रैल से नींव भराई का काम प्रारंभ कर लिया जाएगा.”

यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार अयोध्या को आध्यात्मिक मेगा सिटी बनाने की कवायद कर रही है. इसके लिए एक विजन डॉक्युमेंट भी तैयार किया जा रहा है जिसका प्रस्तुतिकरण 25 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने होगा. पीएम कार्यालय ने इसकी अनुमति दे दी है. अयोध्या विकास प्राधिकरण इसके लिए तैयारी कर रहा है. “विजन डॉक्युमेंट” के लिए अयोध्या के सभी धार्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक व स्वयंसेवी संस्थाओं से उनकी राय ली जा रही है. अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने बताया, “विजन डॉक्युमेंट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में तैयार हो रहा है. 10 मार्च को मुख्यमंत्री के सामने अब तक लोगों के लिए गए विचार को संकलित कर “विजन डॉक्युमेंट” का प्रजेंटेशन होगा.” इसके बाद मुख्यमंत्री की ओर से मिले आवश्यक दिशा-निर्देश को पूर्ण करते हुए नया प्रजेंटेशन तैयार किया जाएगा. इसे 25 मार्च को प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुत किया जाएगा. प्रधानमंत्री के निर्देशों को पूर्ण करते हुए एक अप्रैल को विजन डाक्युमेंट तैयार हो जाएगा. इसके उपरांत विजन डाक्युमेंट के आधार पर कंसलटेंट टीम अयोध्या के विकास के लिए निर्धारित डीपीआर बनाने का कार्य शुरू करेगी.

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