ग्लोबल आतंक के खिलाफ भारत-रूस सेना का युद्धाभ्यास 'इंद्र'
ग्लोबल आतंकी खतरों से निपटने के लिए भारत और रूस की सेना ने संयुक्त युद्धाभ्यास की शुरुआत की है. भारतीय फौज और रूसी फौज के इस साझा आयोजन को एक्सरसाइज इंद्र 2019 नाम दिया गया है. इसमें दोनों ही देशों की तीनों सेनाएं जल, थल और वायु शामिल हैं.

ग्लोबल आतंकी खतरों से निपटने के लिए भारत और रूस की सेना ने संयुक्त युद्धाभ्यास की शुरुआत की है. भारतीय फौज और रूसी फौज के इस साझा आयोजन को एक्सरसाइज इंद्र 2019 नाम दिया गया है. इसमें दोनों ही देशों की तीनों सेनाएं जल, थल और वायु शामिल हैं.
सेना के लफ्टिनेंट जनरल डीएस आहूजा ने कहा है कि भारत और रूस की सेना का यह संयुक्त युद्धाभ्यास ग्लोबल टेररिजज्म की लड़ाई में विजय प्राप्त करने के लिए है. इसमें हम दूसरे देशों को भी आतंक के खिलाफ लड़ाई में पूरी मदद कर पाएंगे.
11 दिसम्बर से 19 नवंबर तक चलने वाले इस साझां युद्धाभ्यास को झांसी की बबीना आर्मी कमांड के साथ गोवा और पुणे में एक साथ शुरू किया गया. बबीना में इसके उदघाटन कार्यक्रम में भारतीय और रूसी सेना ने परेड के बाद अपने-अपने टैंक्स मैदान में दौड़ाकर ताकत दिखाई. इसके साथ ही वायुसेना के हैलीकॉप्टरों ने आकाश में बेहद कठिन करतब कर सभी को चौंकाते हुए अपनी ताकत और तैयारी का प्रदर्शन किया.
संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल डीएस आहूजा व रूस की सेना के प्रमुख कमाण्डर मेजर जनरल सेकोव ओलेग ने प्रेस को दिए साझा बयान में कहा कि संयुक्त युद्धाभ्यास की जो इंद्र सीरीज चल रही है यह इसका 11वां आयोजन है. आर्मी नेवी और एयरफोर्स की एक्सरसाइज पहली बार रशिया में 2017 में हुई थी. इसके बाद इंडिया में पहली बार 2019 में हो रही है. जिसमें थल सेना की ट्रेनिंग बबीना में हो रही है. नेवी का कार्यक्रम गोवा में और एयरफोर्स का पुणे में युद्धअभ्यास हो रहा है.
लेफ्टिनेंट जनरल डीएस आहूजा ने कहा कि एक्सरसाइज का प्रमुख लक्ष्य ग्लोबल आतंकवाद से निपटना है. भारत और रूस दोनों देशों की सेना ज्वाइंट ऑपरेशन कर आतंकवाद के खिलाफ खुद को और एडवांस कर रही है. ले. जनरल ने कहा कि भारत और रूस दोनों ही देश ऐसे हैं जिन्होंने आतंकी हमलों का सामना किया है. यहां आतंकी घटनाओं में भारी जनहानि भी हुई है, लेकिन दोनों ही देशों ने आतंकवाद को अपनी सैन्य क्षमताओं और कमांडो एक्शन से हराया है. इस एक्सरसाइज के जरिये दोनों देश मिलकर ज्वाइंट प्लानिंग और ज्वाइंट ऑपरेशन कर सकें और टेररिज्म को पूरी तरह मिटा सकें इस पर मिलकर काम कर रहे हैं.
ले. जनरल डीएस आहूजा कहते हैं कि यह संयुक्त युद्धाभ्यास सिर्फ अपने देश को ही मदद मांगने वाले दूसरे देशों की मदद के लिए भी तैयार रहने को लेकर है.
आतंकी घटनाओं से सुरक्षित रखने के लिए हम एक दूसरे से तकनीकी एक्शन सीखें और इस किस्म का तालमेल हो अगर कोई तीसरा देश हम से मदद मांगे तो हम दोनों उस देश की मदद कर सकें. इसका मकसद ग्लोबल टेरेरिज्म की जो लड़ाई है उस पर विजय प्राप्त करना है. एक्सरसाइज इंद्रा इसी लक्ष्य को लेकर ज्वाइंट ऑपरेशन कर रहा है. इसमें दोनों देशों के करीब 1200 जवानों के साथ टैंक्स, एयरक्राफ्ट, जहाज, हैलीकॉप्टर आदि शामिल हैं.
बबीना में शुरू किए गए भारत और रूस आर्मी के संयुक्त युद्धाभ्यास के उदघाटन समारोह में ले. जनरल डीएस आहूजा बतौर चीफ गेस्ट पहुंचे थे. ले. जनरल डीएस आहूजा ने रूस के पूर्वी सेन्य जिले की पांचवीं सेना के प्रमुख कमाण्डर मेजर जनरल सेकोव ओलेग के साथ परेड की समीक्षा की.
इस सैनिक युद्धाभ्यास में दोनों देशों की संबधित सेवाओं के कंपनी के आकार के मैकेनाइज्ड टुकडिय़ां, फाइटर, ट्रान्सपोर्ट एयरक्राफ्ट एवं नौसेना के जहाज भाग ले रहे हैं. इस सैन्य युद्धाभ्यास में भारतीय सेना की ओर से गार्ड रेजीमेंट की टुकड़ी भाग ले रही है. सैन्य युद्धाभ्यास का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत अतंकवाद विरोधी कार्रवाई में सैनिकों को संयुक्त प्रशिक्षण प्रदान करना है. सैन्य युद्धाभ्यास - इंद्र 2019 भारत और रूस के बीच लम्बे समय तक रणनीतिक संबंधों को मजबूत करेगा.
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