अमेरिका दौरा रद्द होने पर ‘बड़े भाई’ मोदी से क्यों खफा हैं रेवंत रेड्डी?

कुछ BJP नेताओं का दावा है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी अमेरिका यात्रा के दौरान न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से मुलाकात करने वाले थे इसलिए विदेश मंत्रालय ने उन्हें अनुमति नहीं दी

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेरे से ही जुड़ो’ के प्रस्ताव और उसके बाद शुरू हुई राजनीतिक अटकलों के कुछ हफ्ते बाद तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी केंद्र से खफा नजर आ रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया है कि मोदी सरकार ने उनके अमेरिका दौरे की अनुमति क्यों नहीं दी, जबकि उनके मुताबिक प्रधानमंत्री खुद पाकिस्तान तक जा सकते हैं.

विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से अमेरिका जाने की अनुमति नहीं मिलने के बाद रेड्डी 24 अगस्त को लंदन से हैदराबाद लौट आए. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि रेड्डी को राजनीतिक मंजूरी नहीं दी गई क्योंकि अमेरिका का दौरा तय मानदंडों के अनुरूप नहीं था.

कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने इस फैसले को संघीय भावना के खिलाफ और तेलंगाना के 4 करोड़ लोगों का अपमान बताया. उन्होंने मोदी पर तेलंगाना के प्रति पक्षपातपूर्ण और उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने और राज्य के विकास को रोकने की साजिश करने का आरोप लगाया.

रेड्डी ने राज्य सचिवालय में मीडिया से कहा, "यह राजनीतिक भेदभाव है और तेलंगाना की प्रगति को रोकने की कोशिश है." उन्होंने सवाल किया कि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को 17 से 28 अगस्त तक अमेरिका और कनाडा जाने और ‘वाइब्रेंट गुजरात’ निवेश कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति कैसे मिल गई जबकि तेलंगाना के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग स्थापित करने के उनके दौरे को रोक दिया गया.

रेड्डी ने कहा, "गुजरात का नेतृत्व तेलंगाना के विकास को रोकने की साजिश कर रहा है. यह तेलंगाना के 4 करोड़ लोगों के साथ किया गया अन्याय है."

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पिछले हफ्ते अनुमति नहीं दिए जाने पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि रेड्डी का अमेरिका का कार्यक्रम उनके पद और यात्रा के उद्देश्य के अनुरूप नहीं था.

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते रहे हैं (फाइल फोटो)

कुछ BJP नेताओं का दावा है कि अनुमति इसलिए नहीं दी गई क्योंकि रेड्डी की न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से कथित तौर पर मुलाकात की योजना थी. केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने रेवंत रेड्डी से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या उनकी मुलाकात "पाकिस्तान समर्थक ममदानी" से होने वाली थी.

किशन रेड्डी ने नई दिल्ली में कहा, "ममदानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना आतंकवादियों से की थी. क्या यह सच है कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ऐसे व्यक्ति से मुलाकात करना चाहते थे?" उन्होंने कहा कि 2005 में तत्कालीन केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी को अमेरिका जाने की अनुमति नहीं दी थी, "लेकिन कांग्रेस के मुख्यमंत्री अब झूठा प्रचार कर रहे हैं."

रेड्डी को 26 अगस्त को हार्वर्ड, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) और नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के परिसरों का दौरा करना था. उन्हें न्यूयॉर्क में कांग्रेस से जुड़े संगठन इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के ‘मीट एंड ग्रीट’ कार्यक्रम में भी शामिल होना था. हालांकि अटकलें थीं कि उनकी ममदानी से भी कथित तौर पर मुलाकात की योजना थी.

रेड्डी पर पलटवार करते हुए तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंदर राव ने मुख्यमंत्री से पहले यह बताने की मांग की कि अमेरिका में वे किन-किन लोगों से मिलने वाले थे और इनका उद्देश्य क्या था. उन्होंने दौरा रद्द किए जाने का बचाव करते हुए कहा कि विदेश मंत्रालय का फैसला "इस सूचना के आधार पर लिया गया कि मुख्यमंत्री अमेरिका में ऐसे कुछ लोगों से मिल रहे थे जो भारत और उसके लोगों को निशाना बनाते हैं."

राव ने याद दिलाया कि रेड्डी के पिछले अमेरिका दौरों को नहीं रोका गया था. मुख्यमंत्री ने अगस्त 2024 में निवेश आकर्षित करने के लिए अमेरिका का दौरा किया था और इसी साल जनवरी में हार्वर्ड कैनेडी स्कूल में एग्जीक्यूटिव लीडरशिप कोर्स में हिस्सा लेने गए थे.

रेड्डी ने इसके जवाब में कहा कि अमेरिका का दौरा विश्वविद्यालयों के साथ बातचीत पर केंद्रित था. उन्होंने कहा, "बिना आधिकारिक अपॉइंटमेंट और भारतीय दूतावास के अधिकारियों की भागीदारी के कोई बैठक नहीं होती. किसी भी बैठक के लिए विदेश मंत्रालय की मंजूरी जरूरी होगी. इसमें कोई गोपनीयता नहीं हो सकती." उन्होंने यह भी कहा कि ममदानी "कोई असामाजिक तत्व नहीं हैं."

ब्रिटेन के दौरे के दौरान रेड्डी ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के ब्लावात्निक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन का दौरा किया और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की एक टीम से भी मुलाकात की. इन सभी मुलाकातों का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में तेलंगाना के साथ सहयोग करना था.

‘तेलंगाना राइजिंग’ के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल में IT और उद्योग मंत्री श्रीधर बाबू तथा वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. यह प्रतिनिधिमंडल 20 अगस्त को दो देशों के दौरे पर रवाना हुआ था. उसे उम्मीद थी कि ब्रिटेन में कार्यक्रम पूरे करने के दौरान ही अमेरिका जाने की अनुमति मिल जाएगी.

लेकिन राज्य के अधिकारियों के मुताबिक, विदेश मंत्रालय ने यह कहते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया कि "राजनीतिक दृष्टिकोण से मंजूरी नहीं दी गई है."

खुद को अमेरिका जाने की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद रेड्डी ने अधिकारियों को अमेरिका का दौरा जारी रखने और शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर करने का निर्देश दिया. 

रेड्डी ने 21 अगस्त को कहा था, "जब राष्ट्र निर्माण और युवाओं के भविष्य की बात हो, तो हम सभी को राजनीति और चुनाव से आगे सोचने की जरूरत है." उन्होंने कहा था, "तेलंगाना राइजिंग को रोका नहीं जा सकता."

हैदराबाद लौटने के बाद रेड्डी ने मीडिया कॉन्फ्रेंस की और प्रधानमंत्री से तेलंगाना के उनके नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल को तय अमेरिका दौरे पर जाने की अनुमति नहीं देने के "राजनीतिक कारण" बताने की मांग की. मुख्यमंत्री ने कहा, "राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध होने चाहिए."

BJP के राव ने कहा कि गुजरात हो या तेलंगाना, मोदी की नजर में सभी राज्य बराबर हैं. उन्होंने कहा, "अमेरिका दौरे की उचित जानकारी दिए बिना मुख्यमंत्री अब झूठ फैला रहे हैं, लोगों को गुमराह कर रहे हैं और तेलंगाना की जनता का अपमान कर रहे हैं."

राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के साथ ही मोदी और रेड्डी के बीच रिश्ते ठंडे पड़ते नजर आ रहे हैं. रेड्डी पहले प्रधानमंत्री को ‘बड़े भाई’ कह चुके हैं.

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