बंगाल की रथ यात्राओं में सरकार की एंट्री से क्या बदलेगा?
BJP सरकार ने पश्चिम बंगाल में सभी रथ यात्रा आयोजन समिति को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और प्रशासनिक सहयोग देने का ऐलान किया है

पश्चिम बंगाल सरकार ने पहली बार राज्य की सभी रथ यात्रा आयोजन समितियों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है. इसके साथ ही जिला प्रशासन को इस साल के रथ यात्रा उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
इस संबंध में सूचना एवं संस्कृति विभाग ने 27 जून को अधिसूचना जारी की. जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया गया है कि वे 16 जुलाई से शुरू होने वाले नौ दिवसीय रथ यात्रा उत्सव से पहले, 13 जुलाई तक सभी रथ यात्रा आयोजन समितियों के अधिकृत प्रतिनिधियों को 5 लाख रुपये के चेक सौंप दें.
निर्देश में रथ यात्रा को राज्य के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहारों में से एक बताया गया है, जिसमें पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु आते हैं. जिला प्रशासन को इसके सुचारु आयोजन के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है.
आयोजन समितियों को आर्थिक सहायता देने के अलावा सरकार ने प्रत्येक जिले को रथ यात्रा मार्गों और प्रमुख स्थानों पर 'सेवा शिविर' लगाने के लिए 1 लाख रुपये भी मंजूर किए हैं. अधिसूचना के मुताबिक, इन शिविरों में पीने का पानी, ओआरएस के पैकेट, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन चिकित्सा सहायता, सूचना केंद्र तथा बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सहायता की व्यवस्था होगी. इसके अलावा जिला प्रशासन जरूरत के अनुसार अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करा सकेगा.
अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी चेक वितरण कार्यक्रम के दौरान रथ यात्रा समितियों के प्रतिनिधियों को वर्चुअली संबोधित करेंगे. जिला मजिस्ट्रेटों को पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन, लोक निर्माण, अग्निशमन सेवा, स्थानीय निकायों और रथ यात्रा समितियों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाएं बेहतर तरीके से संचालित की जा सकें.
एक महत्वपूर्ण प्रावधान के तहत जिला मजिस्ट्रेटों को अतिरिक्त रथ यात्रा समितियों के नाम भी आर्थिक सहायता के लिए सुझाने का अधिकार दिया गया है. अधिसूचना में कहा गया है कि अगर किसी समिति का ऐतिहासिक महत्व, जनभागीदारी, आयोजन का स्तर या अन्य कोई उपयुक्त कारण हो तो विस्तृत औचित्य के साथ उसका नाम भेजा जा सकता है.
अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से पहले से चिन्हित समितियों के अलावा और भी समितियां इस सहायता का लाभ उठा सकेंगी. फिलहाल करीब 26 समितियों को मान्यता प्राप्त है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, "संभवतः पहली बार राज्य सरकार ने रथ यात्रा के लिए इतनी व्यापक सहायता व्यवस्था तैयार की है, जिसमें आर्थिक सहायता के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी शामिल हैं. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बड़े और ऐतिहासिक महत्व वाले रथ यात्रा आयोजनों को सुचारु रूप से आयोजित करने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हों."
पश्चिम बंगाल में कई प्रमुख रथ यात्राएं आयोजित होती हैं. इनमें इस्कॉन की कोलकाता रथ यात्रा और हुगली की महेश रथ यात्रा प्रमुख हैं. माना जाता है कि महेश रथ यात्रा की शुरुआत 16वीं शताब्दी में हुई थी और इसे पुरी के बाहर सबसे पुरानी रथ यात्राओं में से एक माना जाता है. सरकार की इस घोषणा के साथ अब रथ यात्रा में राज्य की भूमिका पहले की तुलना में काफी बढ़ जाएगी, क्योंकि आर्थिक सहायता, प्रशासनिक समन्वय और श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाओं को एक ही सरकारी पहल के तहत शामिल किया गया है.