राजस्थान: एक गैंग, दो हत्याकांड, आखिर कौन हैं इनके पीछे के किरदार?
राजस्थान में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी और राजू ठेहट की हत्या भले ही दो अलग-अलग समय पर हुई हो लेकिन दोनों घटनाओं में एक ही क्रोनोलॉजी दिखती है

5 दिसंबर को सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या हुई थी
राजपूत समाज के नेता सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के बाद पूरे राजस्थान में उबाल है. हत्याकांड के विरोध में राजस्थान का राजपूत समाज सड़कों पर उतर आया है. 6 दिसंबर को हत्याकांड के विरोध में बुलाए गए बंद के दौरान कई जगहों पर हिंसक घटनाएं और तोड़फोड़ हुई.
राजपूत समाज ने हत्यारों को गिरफ्तार किए जाने तक सुखदेव सिंह गोगामेड़ी का शव लेने से इंकार कर दिया है. हालांकि, पुलिस ने हत्यारों की पहचान कर ली है लेकिन अभी तक वो पुलिस की पकड़ में नहीं आ पाए हैं. 5 दिसंबर को दोपहर 1-2 बजे के बीच जयपुर के जनपथ स्थित श्याम नगर में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी.
बदमाशों की पहचान हरियाणा के महेंद्रगढ़ के नितिन फौजी और मकराना के रोहित राठौड़ के रूप में हुई है. विदेश में बैठकर गैंग संचालित कर रहे लॉरेंस विश्नोई के गुर्गे रोहित गोदारा ने सुखदेव सिंह की हत्या की जिम्मेदारी ली है. गोगामेड़ी का शव मानसरोवर के मेट्रो मास हॉस्पीटल में रखा गया है. अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में राजपूत समाज के लोग मौजूद हैं.
राजस्थान के सुखदेव सिंह गोगामेड़ी और राजू ठेहट हत्याकांड. ये दोनों घटनाएं भले ही अलग-अलग वक्त और अलग-अलग जगहों पर हुई हैं लेकिन दोनों में कई समानताएं हैं. 3 दिसंबर, 2022 की सुबह 10 बजे सीकर शहर में गैंगस्टर राजू ठेहट को जिस तरह से गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतारा गया था ठीक वैसे ही 5 दिसंबर को दोपहर 1-2 बजे के बीच जयपुर में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को गोलियों से छलनी कर दिया गया.
आइए, इन दोनों हत्याकांड की क्रोनोलॉजी पर नजर डालते हैं.
हत्याकांड में एक ही गैंग
सुखदेव गोगामेड़ी और राजू ठेहट की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस विश्नोई गैंग के गुर्गे रोहित गोदारा ने ली है. गोदारा राजस्थान के बीकानेर जिले के कालू थाने का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है और उस पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित है.
राजू ठेहट की हत्या के बाद रोहित गोदारा ने ट्वीट किया था, ‘‘आज ये राजू ठेहट की हत्या हुई है, उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी मैं रोहित गोदारा, लॉरेंस विश्नोई गैंग लेता हूं. ये हमारे बड़े भाई आनंदपाल और बलबीर की हत्या में शामिल था, जिसका बदला आज हमने इसको मारके पूरा किया है. बात हमारे और दुश्मनों की तो उनसे भी जल्द मुलाकात होगी.’’
कुछ ऐसा ही ट्वीट रोहित गोदारा ने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के बाद किया. ट्वीट के जरिए उसने कहा, ‘‘मैं रोहित गोदारा कपूरीसर, गोल्डी बरार. आज ये जो सुखदेव गोगामेड़ी की हत्या हुई है इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी हम लेते हैं, यह हत्या हमने करवाई है. यह हमारे दुश्मनों से मिलकर उनका सहयोग करता था और रही बात हमारे दुश्मनों की तो वह अपने घर की चौखट पर अपनी अर्थी तैयार रखें, जल्द ही उनसे भी मुलाकात होगी.’’ दोनों हत्याकांड के बाद एक जैसी भाषा और एक जैसी धमकी.
हत्या का एक जैसा तरीका
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी और राजू ठेहट की हत्या का तरीका भी लगभग एक जैसा ही था. बदमाशों ने हत्या की घटना को अंजाम देने से पहले अच्छी तरह से रेकी की थी. घटना के लिए ऐसे शूटर्स चुने जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था. सुखेदव सिंह हत्याकांड में शामिल नितिन फौजी हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के दोंगड़ा गांव का रहने वाला है और भारतीय सेना में अलवर में कार्यरत था. 9 नवंबर को वह घर से गाड़ी ठीक कराने की बात कहकर निकला था और उसके बाद उसने परिजनों से कोई संपर्क नहीं किया.
हत्याकांड की सीसीटीवी फुटेज में नितिन फौजी ही सुखदेव सिंह के सिर में गोली मारता नजर आ रहा है. इस हत्याकांड में शामिल दूसरा युवक राजस्थान के नागौर जिले के मकराना कस्बे का रहने वाला रोहित राठौड़ बताया जा रहा है. सुखदेव तक पहुंचने के लिए इन्होंने जयपुर के झोटवाड़ा निवासी नवीन शेखावत का इस्तेमाल किया और हत्याकांड को अंजाम देने के बाद उन्होंने नवीन को भी गोली मार दी.
इसी तरह राजू ठेहट की हत्या में शामिल हिमांशु और सतीश का राजू के घर के पास संचालित कोचिंग सेंटर में दाखिल करवाया गया और बाद में राजू से जान पहचान होने के बाद शॉर्प जतीन और नवीन बॉक्सर के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया गया. जिस तरह सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को गोलियां मारने के बाद हमलावरों ने वापस आकर उनके सिर पर गोलियां दागी उसी तरह राजू ठेहट की हत्या करने के बाद भी एक हमलावर ने वापस आकर उसे नजदीक से गोली मारी. जिस तरह राजू ठेहट को 25 गोलियां मारी गई उसी तरह सुखदेव गोगामेड़ी पर भी 17 गोलियां दागी गईं.
पुलिस को पहले से सूचना दी गई थी!
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी और राजू ठेहट की हत्या से पहले उन्हें जान से मारने की धमकियां मिली थीं जिसकी पुलिस को सूचना थी. दोनों मामलों में पुलिस को खुफिया रिपोर्ट पहले ही मिल चुकी थी. सुखदेव गोगामेड़ी के मामले में पंजाब पुलिस के स्पेशल डीजीपी (आंतरिक सुरक्षा) की ओर से राजस्थान पुलिस को एक गोपनीय पत्र के जरिए सूचित किया गया था कि भठिंडा जेल में बंद गैंगस्टर संपत्त सिंह नेहरा सुखेदव सिंह गोगामेड़ी को मारने की योजना बना रहा है. इसके लिए वह अपनी गैंग के लोगों के लिए एके 47 की व्यवस्था करने में जुटा है.
यह पत्र मिलने के बाद राजस्थान पुलिस की एटीएस शाखा ने हनुमानगढ़ के पुलिस अधीक्षक और बीकानेर के रेंज आईजी को इस संबंध में सूचित किया लेकिन पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया. कुछ ऐसी ही धमकी सीकर के गैंगस्टर राजू ठेहट को मिली थी जिसके संबंध में उसने पुलिस को सूचित कर दिया था, लेकिन पुलिस ने उसकी सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाए.
कौन है सुखदेव सिंह गोगामेड़ी?
सुखेदव सिंह गोगामेड़ी हनुमानगढ़ जिले के गोगामेड़ी कस्बे के निकट चक 9 डीपीएन में रहता था और गोगामेड़ी थाने का हिस्ट्रीशीटर है. गोगामेड़ी के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, जमीनों और मकानों पर अवैध कब्जे जैसे करीब 21 मामले दर्ज हैं. 2003 में उन्हें हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया गया था और 2013 में उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ था. 28 जुलाई 2017 को हनुमानगढ़ की एक युवती ने सुखदेव के खिलाफ रेप का मामला भी दर्ज कराया था.
28 जनवरी 2017 को जयगढ़ फोर्ट में पद्मावत फिल्म की शूटिंग के दौरान निर्देशक संजय लीला भंसाली को थप्पड़ मारने के प्रकरण में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी चर्चा में आया था. सुखदेव सिंह के साथ फिल्म का विरोध करने पहुंचे करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने भंसाली को थप्पड़ मार दिया था.
राजपूतों को आरक्षण दिलाने के मुद्दे पर 23 दिसंबर, 2006 को सबसे पहले करणी सेना का जन्म हुआ था. गोगामेड़ी राजनीति में पहचान बनाना चाहता था, इसी वजह से 2007 के आस-पास वह करणी सेना के संयोजक लोकेंद्र सिंह कालवी के संपर्क में आया. 2008 में जब एकता कपूर की जोधा-अकबर फिल्म का विरोध शुरू हुआ तो प्रदर्शन में सुखदेव ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. उग्र भाषणों की वजह से उसकी पहचान राजपूत नेता के तौर पर बनी.
लोकेंद्र सिंह कालवी उनके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें करणी सेना में नहीं रखना चाहते थे. यही वजह है कि 2017 में गोगामेड़ी ने श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के नाम से अलग संगठन बना लिया. इसके बाद श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना का भी एक धड़ा उससे अलग हो गया. 2013 में गोगामेड़ी ने बसपा के टिकट पर हनुमानगढ़ जिले के भादरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था जिसमें उसे 33666 वोट हासिल हुए. इस बार वो कांग्रेस से टिकट की मांग रहा था लेकिन अशोक गहलोत ने पत्र लिखकर उसे टिकट देने से इंकार कर दिया था.
टिकट की आस में उसने अपनी पत्नी का नामांकन पत्र भी दाखिल करवा दिया था. सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की पत्नी शीला कंवर भादरा में साहवा बस स्टैंड के नजदीक स्थित मकान में रहती हैं और वे खुद भी करणी सेना में सक्रिय हैं. जयपुर के जिस मकान में गोगामेड़ी की हत्या हुई है उस पर भी उसका अवैध कब्जा बताया जा रहा है.
24 जून 2017 को राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर आनंद पाल सिंह चूरू के मालासर गांव में एनकाउंटर के बाद इसकी सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलन करने वालों में गोगामेड़ी का नाम सबसे ऊपर था. गोगामेड़ी उस वक्त अपने समर्थकों के साथ आनंदपाल के गांव सांवराद (नागौर) पहुंच गया था और शव को कब्जे में लेकर आंदोलन शुरू कर दिया. इस आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे.
15 अगस्त 2018 को कर्फ्यू के दौरान गोगामेड़ी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा लहराने पहुंच गया था और झंडा लहराने की फोटो उसने सोशल मीडिया पर शेयर की थी.
कौन है संपत नेहरा?
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या की योजना बनाने के लिए जिस संपत्त नेहरा का नाम लिया जा रहा है वह लॉरेंस विश्नोई गैंग का मास्टरमाइंड है. 5 जनवरी, 2018 को जोधपुर में एक व्यवसायी की हत्या के मामले में पेशी पर लाए गए लॉरेंस विश्नोई ने फिल्म अभिनेता सलमान खान को जान से मारने की धमकी दी थी. काले हिरण के शिकार मामले में जब अदालत ने सलमान खान को बरी कर दिया तो लॉरेंस विश्नोई पुलिस पहरे में मीडिया के सामने यह ऐलान कर रहा था, ‘‘सलमान को सजा अदालत नहीं हम देंगे.’’
यह सिर्फ धमकी नहीं थी क्योंकि इसके कुछ दिन बाद ही उसका एक खास गुर्गा संपत्त नेहरा मुंबई पहुंचकर सलमान खान को मारने की साजिश रच रहा था. संपत पिस्तौल लेकर मुंबई पहुंचा और कई दिन तक सलमान खान के घर की रेकी की. दूरी ज्यादा होने के कारण वह पिस्तौल से सलमान खान पर हमला नहीं कर पाया. इसके बाद उसने अपने गांव के एक व्यक्ति दिनेश फौजी से संपर्क कर आरके स्प्रिंग राइफल मंगवाई. संपत के पास राइफल पहुंचती इससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया.
संपत नेहरा कुख्यात गैंग्सटर लॉरेंस बिश्नोई का राइट हैंड माना जाता है. वह राजस्थान के चूरू जिले के राजगढ़ कस्बे का रहने वाला है तथा चंडीगढ़ पुलिस से रिटायर्ड एएसआई रामचंद्र का बेटा है. पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ते हुए संपत नेशनल लेवल डीकैथलॉन (हर्डल रेस) में सिल्वर मेडलिस्ट भी रह चुका है. पंजाब यूनिवर्सिटी में नेहरा स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (एसओपीयू) के बैनर पर छात्रसंघ का चुनाव भी लड़ चुका है. छात्र राजनीति में उतरने के बाद उसका खेल से नाता टूट गया और विश्नोई का साथ पाकर जुर्म की दुनिया में पर्दापण हुआ.
बिश्नोई ने एक शानदार एथलीट और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में मेडल जीतने वाले खिलाड़ी का इस कदर ब्रेनवॉश किया कि वह खेल की जगह जुर्म की दुनिया का बेताज बादशाह बन गया. संपत पर हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में 12 मर्डर सहित करीब 35 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं और वह इन चारों राज्यों की पुलिस का 2 लाख रुपए का ईनामी है. 6 गैर-इरादतन हत्या के मामलों में संपत पर एफआईआर दर्ज हैं.
राजस्थान के चूरू शहर की एक कोर्ट में 17 जनवरी, 2018 को संपत नेहरा गैंग ने अजय जैतपुरा नामक एक युवक को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया. अजय जैतपुरा की मौत के बाद जैतपुरा गैंग की कमान उसी के गांव के प्रदीप स्वामी ने संभाली लेकिन तीन साल बाद 5 फरवरी, 2021 को संपत नेहरा गैंग ने गांव पर हमला कर प्रदीप स्वामी की भी हत्या कर दी. इस गैंगवार में दो निर्दोष ग्रामीणों के साथ संपत नेहरा का एक गुर्गा भी मारा गया.
संपत नेहरा का नाम सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी जुड़ा है. पंजाब पुलिस उसे 31 मई को प्रोडक्शन वारंट पर दिल्ली से पंजाब ले जाकर पूछताछ कर चुकी है. बाद में उसे वापस तिहाड़ भेज दिया गया. फिलहाल, वह पंजाब की भठिंडा जेल में बंद है.
जेल में बंद रहते हुए लोगों को डरा-धमकाकर रंगदारी वसूलना संपत नेहरा का मुख्य धंधा बन चुका है. कुछ साल पहले उसने चूरू जिले के सादुलपुर खाद्य व्यापार संघ के अध्यक्ष राधेश्याम डोकवे वाले को वॉटसअप कॉल के जरिए एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी. डोकवे को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई गई और संपत्त नेहरा को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर दिल्ली से चूरू लाया गया.
इसी साल मार्च माह में संपत्त नेहरा गैंग के 4 शॉर्प शूटर्स ने चूरू के टाइल्स और सेनेटरी शोरूम में घुसकर व्यापारी की संपत्त नेहरा के साथ वॉट्सअप वीडियो कॉल करवाई. शॉर्प शूटर्स ने व्यापारी से गन पाइंट पर रंगदारी मांगी और दुकान में रखी नकदी लूट ले गए. पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया. शोरूम के सीसीटीवी में सारा घटनाक्रम कैद हो गया.
जयपुर के बिल्डर निश्चल भंडारी से फिरौती मांगने के मामले में भी राजस्थान पुलिस संपत्त नेहरा को दिल्ली की मंडोली जेल से प्रोडक्शन वारंट पर जयपुर लेकर आई. बताया जा रहा है कि संपत नेहरा पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में वारदातों को अंजाम देने के बाद दक्षिण भारत चला जाता था.
दक्षिण भारत में अलग-अलग जगहों पर वह फर्जी पहचान के साथ रुकता था और लॉरेंस उसे हवाला के जरिए पैसे भेजवाता था. लॉरेंस विश्नोई भले ही जेल में बंद रहा लेकिन उसने संपत नेहरा के जरिए कई हत्याएं करवाई. संपत नेहरा का नाम उस वक्त चर्चा में आया, जब उसे हरियाणा पुलिस ने तेलंगाना के साइबराबाद से गिरफ्तार किया था. पुलिस को पूछताछ में उसने बताया था कि लॉरेंस के कहने पर वह बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को मारने वाला था और इसके लिए उसने रेकी करने के साथ तैयारी भी कर ली थी. इसके अलावा वह वारदात को अंजाम देने के बाद विदेश भी भागने की फिराक में था.
19 जनवरी, 2022 को दिल्ली की मंडोली जेल में बंद रहते हुए संपत्त नेहरा ने चूरू शहर में पंखा रोड पर एक सैनेट्री और टाइल्स शोरूम के मालिक को वॉट्सअप कॉल करके एक करोड़ की फिरौती मांगी थी. इस घटना से चार माह पहले 23 सितंबर 2021 को भी गैंगस्टर संपत्त नेहरा ने वीडियो कॉल करके चूरू जिले के सार्दुलपुर के एक बड़े व्यवसायी राधेश्याम डोकवेवाला से एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी. इस मामले में पुलिस गैंगस्टर नेहरा को प्रोडेक्शन वारंट पर गिरफ्तार करके सार्दुलपुर भी लाई थी, लेकिन घटना के चार माह बाद भी नेहरा ने उसी अंदाज में वीडियो कॉल करके फिर फिरौती की मांग कर डाली. 29 जनवरी 2023 को जयपुर के जी क्लब पर हुई फायरिंग की घटना में रितिक बॉक्सर का नाम आया था जो लॉरेंस विश्नोई और संपत्त नेहरा गैंग का सदस्य बताया जाता है.
कौन है रोहित गोदारा?
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या की सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाला गैंगस्टर रोहित गोदारा राजस्थान के बीकानेर जिले की लूणकरण तहसील के कपूरीसर गांव का रहने वाला है. उस पर गंभीर अपराध के करीब 32 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. 2010 से वह अपराध की दुनिया में है. राजस्थान के व्यापारियों से रंगदारी वसूलना उसका मुख्य काम है.
अब तक वह 5 करोड़ से लेकर 17 करोड़ तक की रंगदारी मांग चुका है. पिछले साल 3 दिसंबर को हुई गैंगस्टर राजू ठेहट की हत्या में भी रोहित गोदारा का हाथ बताया जा रहा है. पंजाब के गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी रोहित गोदारा का नाम सामने आया था. रोहित लॉरेंस विश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के लिए काम करता है. 13 जून, 2022 को वो दिल्ली से फर्जी पासपोर्ट पर दुबई भाग गया था. फर्जी पासपोर्ट में उसने अपना नाम पवन कुमार लिखवाया था. उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी है.