BJP के 100 करोड़ के मानहानि नोटिस को उमर अब्दुल्ला ‘लव लेटर’ क्यों बता रहे?

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर बीजेपी ने 100 करोड़ रुपए के मानहानि के मुकदमे की चेतावनी देते हुए नोटिस भेजा है. लेकिन उमर इसे अपने लिए ‘लव लेटर’ और सम्मान की निशानी बता रहे हैं

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और BJP के बीच जुबानी जंग अब और तेज हो गई है. केंद्र शासित प्रदेश में विपक्ष की भूमिका निभा रही BJP ने उमर अब्दुल्ला को कानूनी नोटिस भेजकर 100 करोड़ रुपए के मानहानि के मुकदमे की चेतावनी दी है. यह नोटिस उस आरोप के बाद भेजा गया, जिसमें उमर ने कहा था कि उनकी सरकार गिराने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायकों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है.

यह नोटिस BJP की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष सतपाल शर्मा की ओर से एक वकील के जरिए भेजा गया है. इसमें उमर अब्दुल्ला के आरोपों को ‘झूठा, बेबुनियाद और अपमान करने वाला’ बताया गया है.

पिछले हफ्ते श्रीनगर में अपनी दादी अकबर जहां अब्दुल्ला की 26वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया था कि BJP उनकी सरकार को अस्थिर करने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश कर रही है. उनका दावा था कि उनकी पार्टी के कुछ विधायकों को पाला बदलने के बदले 20 से 30 करोड़ रुपए, मंत्री पद और जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया गया.

हालांकि उमर अब्दुल्ला ने किसी भी BJP नेता का नाम नहीं लिया था. इसके जवाब में BJP ने उनसे सात दिन के भीतर बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की. तीन पन्नों के कानूनी नोटिस में कहा गया कि अगर उन्होंने अपने बयान वापस नहीं लिए तो उनके खिलाफ सिविल और क्रिमिनल केस दर्ज कराया जाएगा. इसमें 100 करोड़ रुपए का मानहानि का मुकदमा भी शामिल होगा.

नोटिस में कहा गया कि उमर अब्दुल्ला के आरोप ‘झूठे, दुर्भावनापूर्ण और पूरी तरह तथ्यहीन’ हैं. इससे BJP की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष की प्रतिष्ठा और सम्मान को नुकसान पहुंचा है.

उमर अब्दुल्ला ने इस कानूनी नोटिस का मजाक उड़ाते हुए इसे ‘लव लेटर’ बताया. उन्होंने कहा कि इससे सिर्फ यह साबित होता है कि वह ऐसी राजनीतिक ताकत हैं, जिसे BJP नजरअंदाज नहीं कर सकती. उन्होंने कहा, "मुझे एक वकील का पत्र मिला है और मैं इसे अपने लिए बड़ा सम्मान मानता हूं. जम्मू-कश्मीर में मैं शायद अकेला ऐसा नेता हूं, जिसे BJP की ओर से ऐसा 'लव लेटर' मिला है."

उन्होंने कहा, "मैं इसे सम्मान का प्रतीक मानता हूं कि मैं ऐसी राजनीतिक ताकत हूं, जिसे वे नजरअंदाज नहीं कर सकते." उमर ने BJP पर राजनीतिक लड़ाई की बजाय कानूनी लड़ाई लड़ने का आरोप लगाया. उन्होंने चेतावनी दी कि अब नेशनल कॉन्फ्रेंस भी उन BJP नेताओं को कानूनी नोटिस भेजेगी जिन्होंने उनकी पार्टी के खिलाफ मानहानि के आरोप लगाए हैं.

उन्होंने कहा, "पिछले कुछ महीनों से जम्मू-कश्मीर में BJP के वरिष्ठ नेताओं, खासकर एक नेता ने बार-बार नेशनल कॉन्फ्रेंस और उसके नेतृत्व के खिलाफ कई मानहानिकारक और बेबुनियाद आरोप लगाए हैं. अब हम उस खास BJP नेता और कुछ अन्य नेताओं को कानूनी नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू करेंगे. देखते हैं, यह मामला कहां तक जाता है."

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति देने के लिए दिल्ली पुलिस से जवाब का इंतजार किया जा रहा है. उमर अब्दुल्ला लगातार जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग उठा रहे हैं. उन्होंने 12 जुलाई को जम्मू में एक रैली के दौरान ऐलान किया था कि इस मुद्दे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस नया अभियान शुरू करेगी. इसके तहत 20 जुलाई को नई दिल्ली में प्रदर्शन किया जाएगा. उनका कहना था कि केंद्र सरकार का वादा पूरा होने का लगभग दो साल तक इंतजार किया जा चुका है.

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