गुजरात के मांजलपुर में BJP की जीत हुई लेकिन वोट शेयर दे रहे अलग संकेत!
सीधे मुकाबले में BJP का वोट शेयर 2022 के मुकाबले 8.5 प्रतिशत अंक घटा जबकि कांग्रेस का 18 प्रतिशत अंक बढ़ा. इससे मतदाताओं के रुझान का संकेत मिलता है

गुजरात के वडोदरा शहर की मांजलपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के नतीजे में पहली नजर में कोई बड़ा उलटफेर नहीं दिखा. लेकिन आंकड़ों पर गौर करें तो तस्वीर अलग नजर आती है. BJP के सतेंद्र पटेल ने कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 30,630 वोटों से हराकर सीट बरकरार रखी.
उपचुनाव में 37.5 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव में यह 60.15 प्रतिशत था. कुल 82,579 वोट पड़े. इनमें से सतेंद्र पटेल को 55,481 वोट यानी 67.19 प्रतिशत वोट मिले. वहीं, रबारी को 24,851 वोट यानी 30.09 प्रतिशत वोट मिले.
2022 में BJP को 75.77 प्रतिशत और कांग्रेस को 12.2 प्रतिशत वोट मिले थे.
यह उपचुनाव BJP और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला था. किसी तीसरी पार्टी ने चुनौती नहीं दी. आम आदमी पार्टी (AAP), जिसने 2022 में मांजलपुर से चुनाव लड़कर 9.97 प्रतिशत वोट हासिल किए थे, इस बार मैदान में नहीं उतरी. कोई निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव नहीं लड़ा. इससे चुनावी माहौल को समझने का साफ अवसर मिला.
2022 में मांजलपुर में 1,58,548 वोट पड़े थे. BJP के दिवंगत विधायक योगेश पटेल को 1,20,133 वोट मिले थे. उन्होंने कांग्रेस के ताशवीन सिंह को हराया था, जिन्हें 19,379 वोट यानी 12.22 प्रतिशत वोट मिले थे. बाकी बचे करीब 19,000 वोटों में अधिकांश AAP के विनय चव्हाण को मिले थे.
2022 में पूरे गुजरात में जो हुआ था, वही तस्वीर बड़े स्तर पर भी दिखती है. AAP ने 181 सीटों पर चुनाव लड़ा, 12.92 प्रतिशत वोट हासिल किए और पांच सीटें जीतीं. BJP का वोट शेयर 2017 के 49.05 प्रतिशत से बढ़कर 52.5 प्रतिशत हो गया, यानी 3.45 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई.
तब BJP की सीटें 99 से बढ़कर 156 हो गईं. दूसरी ओर, कांग्रेस का वोट शेयर 41.44 प्रतिशत से गिरकर 27.28 प्रतिशत रह गया और उसकी सीटें 77 से घटकर 17 रह गईं. 2022 में जिसे BJP के पक्ष में जबरदस्त लहर माना गया था, उसे अब चुनाव मैदान में मौजूद उम्मीदवारों की संख्या के संदर्भ में भी देखा जा सकता है.
मांजलपुर का चुनावी रिकॉर्ड भी यही कहानी छोटे स्तर पर दिखाता है. वैध मतों के आधार पर BJP को 2012 में 67.4 प्रतिशत, 2017 में 66.4 प्रतिशत, 2022 में 75.7 प्रतिशत और 2026 के उपचुनाव में 69.1 प्रतिशत वोट मिले. वहीं कांग्रेस को 2012 में करीब 29.7 प्रतिशत, 2017 में 30.8 प्रतिशत, 2022 में 12.5 प्रतिशत और इस बार 30.9 प्रतिशत वोट मिले. इनमें 2022 अकेला ऐसा चुनाव था, जब AAP भी मैदान में थी.
योगेश पटेल का 2 जून को लंबी बीमारी के बाद निधन हो जाने से यह सीट खाली हुई थी. उन्होंने 2012 से लगातार तीन बार मांजलपुर सीट जीती थी. इससे पहले वे रावपुरा का प्रतिनिधित्व कर चुके थे. वे 15वीं विधानसभा (2022) के अस्थाई अध्यक्ष (प्रो-टेम स्पीकर) भी रहे थे.
जीत हासिल करने वाले सतेंद्र पटेल, वडोदरा नगर निगम के पूर्व पार्षद और शहर स्तर पर BJP के पदाधिकारी रह चुके हैं. उन्हें एक ऐसे मजबूत शहरी निर्वाचन क्षेत्र की विरासत मिली है, जिसने पिछले दो दशकों में सत्तारूढ़ BJP से अपना समर्थन नहीं बदला है.
कई लोग इसे 31 साल से सत्ता में रहने के बावजूद BJP के अपने शहरी गढ़ को बनाए रखने का उदाहरण मानेंगे. लेकिन इसके साथ जुड़े एक छोटे आंकड़े को भी पढ़ना चाहिए. 2022 की बड़ी जीत सिर्फ लोकप्रियता का नतीजा नहीं थी, बल्कि चुनावी गणित का भी परिणाम थी