मध्य प्रदेश के पशुपालन मंत्री से विभाग छिनने पर कई तरह की अटकलें
लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस लेने की सरकार ने कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई है. इसके बाद उनके विभाग बदलने को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं

मध्य प्रदेश के मंत्री लखन पटेल से मोहन यादव सरकार ने बिना कोई आधिकारिक वजह बताए पशुपालन विभाग वापस ले लिया है. इससे राज्य के राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. पटेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं. अब उन्हें आनंद विभाग सौंपा गया है.
पशुपालन विभाग अब यादव के पास है. यह मुख्यमंत्री के पास मौजूद 12वां विभाग है. इनमें गृह, वन, सामान्य प्रशासन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण और खनन जैसे अहम विभाग भी शामिल हैं.
15 जुलाई को एक राजपत्र अधिसूचना सार्वजनिक हुई. इसमें पटेल के पास सिर्फ आनंद विभाग दिखाया गया. इसके तुरंत बाद कई तरह की अटकलें लगने लगीं क्योंकि सरकार ने इस बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया और न ही कोई वजह बताई.
एक अटकल यह है कि BJP के केंद्रीय नेतृत्व ने यादव से यह फैसला लेने को कहा था. पशुपालन विभाग के अधीन आने वाले मध्य प्रदेश राज्य सहकारी डेयरी महासंघ को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के प्रबंधन नियंत्रण में रखा गया है. यह बोर्ड केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के अधीन है जिसकी जिम्मेदारी अमित शाह के पास है. जानकारों का मानना है कि राज्य सहकारी डेयरी महासंघ के कामकाज से जुड़े फैसलों में किसी भी तरह की देरी के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं क्योंकि अब इसकी सीधे दिल्ली से निगरानी होगी.
इसके बाद पटेल ने यादव से एक IAS अधिकारी की शिकायत की थी. कुछ लोग इस घटना को भी उनके विभाग छीने जाने की संभावित वजह मान रहे हैं. संबंधित अधिकारी की अच्छी प्रतिष्ठा है. इसके अलावा पिछले महीने पशुपालन विभाग समेत कई अन्य विभागों में तबादले किए गए थे. अधिकारियों की पोस्टिंग को लेकर खींचतान और दबाव की भी खबरें थीं.
एक और वजह है, जिसकी सबसे ज्यादा अटकलें लगाई जा रही हैं. दरअसल पिछले दिनों स्वावलंबी गौशाला योजना के तहत जमीन आवंटन में कथित गड़बड़ियों को लेकर कई शिकायतें मिली थीं. राज्य में ऐसी 14 गौशालाएं स्थापित की जानी हैं. चार के लिए लेटर ऑफ इंटेंट जारी किए जा चुके हैं जबकि सात टेंडर प्रक्रिया में हैं.
बताया जाता है कि मुख्यमंत्री को 15 जुलाई की देर शाम एक फोन आया था. इसके तुरंत बाद राज्यपाल मंगुभाई सी. पटेल की सहमति लेने के बाद लखन पटेल से विभाग वापस लेने के आदेश जारी कर दिए गए.
पटेल बुंदेलखंड क्षेत्र के दमोह जिले की पथरिया सीट से विधायक हैं. वे दूसरी बार विधायक बने हैं. अब वे आनंद विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे. इस विभाग का उद्देश्य नीतियां बनाते समय आनंद की अवधारणा को मुख्यधारा में लाना है. इसके अलावा राज्य के नागरिकों की स्थिति का आकलन करने के लिए आनंद और खुशहाली सूचकांक विकसित करना भी विभाग के काम का हिस्सा है.