पश्चिम बंगाल में BJP सरकार के पहले पुलिस एनकाउंटर की पूरी कहानी
पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 12 साल की बच्ची के साथ रेप के मामले में पुलिस ने चार लोगों को आरोपी बनाया है और एनकाउंटर में इन्हीं में से एक आरोपी मारा गया है

जुलाई की 8 तारीख को पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में नाबालिग बच्ची के साथ गैंगरेप और हत्या के मामले का एक आरोपी पुलिस कार्रवाई में मारा गया. पुलिस के मुताबिक, घटना के क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान उसने भागने की कोशिश की थी.
इस दौरान पुलिस मुठभेड़ में आरोपी प्रभास मंडल की गोली लगने से मौत हो गई. वह नाबालिग बच्ची के साथ गैंगरेप के मामले में नामजद चार आरोपियों में से एक था. 5 जुलाई को 12 साल की बच्ची का शव दक्षिण 24 परगना के एक तालाब से बरामद हुआ था.
इसके बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और हिंसक प्रदर्शन हुए. पुलिस के मुताबिक, प्रभास मंडल को घटना का क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए बारुईपुर स्थित सूर्यापुर के घटनास्थल पर ले जाया गया था. पुलिस का दावा है कि पुनर्निर्माण शुरू होने से ठीक पहले उसने एक पुलिसकर्मी की सरकारी पिस्तौल छीन ली, पुलिस टीम पर एक गोली चलाई और भागने की कोशिश की.
इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की. घायल प्रभास मंडल को बारुईपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस जांच के मुताबिक, प्रभास मंडल ने कथित तौर पर बच्ची को अपने तीन साथियों के पास ले जाकर फंसाया था. आरोप है कि गैंगरेप के बाद बच्ची के शव को एक बोरे में भरकर तालाब में फेंक दिया गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची को तालाब में फेंके जाने के समय वह जिंदा थी.
छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) और बारुईपुर पुलिस ने 6 जुलाई को चार में से तीन आरोपियों प्रभास मंडल, आनंद सरदार और दिवाकर सरदार को गिरफ्तार किया था. चौथे आरोपी कबीर मोल्ला को बसीरहाट से पकड़ा गया.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. हालांकि, इन दावों की पुष्टि अभी अदालत में होना बाकी है. इस जघन्य अपराध के बाद लोगों में भारी गुस्सा फैल गया. प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दीं, रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाया, पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ कर आगजनी की कोशिश की.
इतना ही नहीं, इस दौरान भीड़ ने शक के आधार पर इंद्रजीत मंडल नाम के एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी. 7 जुलाई को बारुईपुर पहुंचे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बच्ची के परिवार और भीड़ हिंसा में मारे गए इंद्रजीत मंडल के परिवार से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता को 72 घंटे के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया.
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "पूरे मामले की जांच की जा रही है. प्रारंभिक जांच किया गया है. मैंने DGP से 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है. उसके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. अगर शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस की एक फीसद भी लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी,"
सार्वजनिक हिंसा पर अधिकारी ने कहा कि करीब 200 संदिग्धों की पहचान कर ली गई है. उन्होंने कहा, "सभी को गिरफ्तार किया जाएगा. सरकार उन्हें सबक सिखाएगी." आरोपी प्रभास मंडल की मां ने पुलिस मुठभेड़ में बेटे की मौत को उसके किए गए अपराध की सजा बताया है.
बच्ची के परिवार का आरोप है कि अगर गुमशुदगी की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की होती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी. इन आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर पुलिस की लापरवाही साबित होती है, तो जिम्मेदारी तय की जाएगी. बच्ची के परिवार के अनुरोध पर बीजेपी सरकार ने सूर्यापुर में एक पुलिस चौकी स्थापित करने की घोषणा की.