बेंगलुरू ने खोज लिया सड़क किनारे पार्किंग का इलाज?
बेंगलुरू में सड़क किनारे पार्किंग की समस्या से निपटने के लिए कर्नाटक सरकार नए नियम ला रही है. प्रस्तावित व्यवस्था में रिहायशी पार्किंग के लिए सालाना 15,000 से 25,000 रुपये तक का परमिट शुल्क देना पड़ सकता है

बेंगलुरु की सड़कों पर पार्किंग की अव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए नए पार्किंग नियम लाने की तैयारी है. कर्नाटक के शहरी विकास विभाग ने इनका मसौदा जारी किया है. इसमें शहर में पार्किंग की व्यवस्था के तरीके में बड़े बदलाव का प्रस्ताव है.
सबसे पहले, सार्वजनिक पार्किंग अब मुफ्त नहीं होगी. हालांकि साइकिल और ऑटोरिक्शा स्टैंड इसके दायरे से बाहर रहेंगे. इसमें घर के पास सड़क पर वाहन खड़ा करने वाले स्थानीय निवासी भी शामिल होंगे.
नए नियमों का मुख्य उद्देश्य ज्यादा घनत्व वाले मार्गों पर यातायात के लिए सड़क की जगह खाली कराना है. इसके साथ ही पांचों नगर निगमों के स्वामित्व वाली जमीन पर सड़क से हटकर पार्किंग की सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है.
खाली प्लॉट के मालिकों को पार्किंग स्थल, जिसमें बहुमंजिला पार्किंग भी शामिल है, विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने की योजना है.
दुनिया के सबसे ज्यादा जाम वाले शहरों में शामिल बेंगलुरु में इस समय करीब 25 लाख निजी कारें और 86.7 लाख दोपहिया वाहन स्थानीय स्तर पर रजिस्टर्ड हैं. सभी श्रेणियों के वाहनों और परिवहन वाहनों को मिलाकर बेंगलुरु में रजिस्टर्ड वाहनों की कुल संख्या 1.281 करोड़ है.
शहर में नए वाहन भी तेजी से जुड़ रहे हैं. वित्त वर्ष 2026-27 के पहले तीन महीनों में 40,840 कारें और 1,42,491 दोपहिया वाहन नए रजिस्टर्ड हुए.
ऐसे में पार्किंग की समस्या लगातार गंभीर होती गई है. खासकर 2022 के बाद से, जब ट्रैफिक पुलिस ने बेतरतीब तरीके से खड़े वाहनों को उठाकर ले जाना बंद कर दिया था.
शहरी भूमि परिवहन निदेशालय की ओर से 2020 में तैयार पार्किंग नीति 2.0 में कहा गया था, "सड़कों पर, खासकर कारोबारी इलाकों में, पार्किंग की बढ़ती मांग केवल पिछले एक दशक में वाहनों और आबादी की लगातार बढ़ती संख्या की वजह से नहीं है. इसके पीछे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की अक्षमता, पैदल चलने वालों के लिए खराब बुनियादी ढांचा, पहले और आखिरी चरण की आवाजाही के लिए कमजोर कनेक्टिविटी और पार्किंग शुल्क जैसी मांग प्रबंधन व्यवस्था का अभाव भी है."
नीति में कहा गया था, "नागरिक निकाय और अन्य सार्वजनिक व निजी संस्थाओं ने कुछ जगहों पर सड़क से हटकर पार्किंग का बुनियादी ढांचा, यानी बहुमंजिला पार्किंग स्थल, तैयार किया है. लेकिन यह तरीका सफल नहीं रहा, क्योंकि सड़क किनारे पार्किंग अब भी अनियंत्रित, मुफ्त और बिना किसी प्रभावी कार्रवाई के चल रही है."
इसी वजह से 11 अगस्त को प्रकाशित ‘ग्रेटर बेंगलुरु क्षेत्र (पार्किंग) नियम, 2026’ के मसौदे में कहा गया है कि "सड़क से हटकर बनाए गए सार्वजनिक पार्किंग स्थल के आसपास एक निश्चित क्षेत्र में सड़क किनारे पार्किंग पर पूरी तरह रोक होगी ताकि वाहन चालक पार्किंग के लिए ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करें."
इसके अलावा, सड़क किनारे पार्किंग के लिए सुझाया गया न्यूनतम शुल्क ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग की तुलना में दोगुना होगा. मसौदा नियमों में ग्रेड ए सड़कों पर कारों के लिए सड़क किनारे पार्किंग का न्यूनतम शुल्क 80 रुपए प्रति घंटा और इन्हीं मार्गों पर ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग के लिए 40 रुपए प्रति घंटा रखने का सुझाव दिया गया है.
पार्किंग की अधिक सुविधाएं विकसित करने के लिए नियमों में खाली प्लॉट के मालिकों को संपत्ति कर और ट्रेड लाइसेंस से छूट देने का प्रस्ताव है, अगर वे वहां सार्वजनिक पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराते हैं. हालांकि उन्हें साल में कम से कम 250 दिन पार्किंग की सेवा देनी होगी और रोजाना 12 घंटे इसका संचालन करना होगा.
इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि नए नियम सड़कों पर रिहायशी पार्किंग को परमिट के जरिए सीमित करना चाहते हैं. मसौदे में कहा गया है, "आर्टेरियल और सब-आर्टेरियल सड़कों को छोड़कर अन्य सड़कों पर रिहायशी पार्किंग की अनुमति केवल उन वाहनों के मालिकों को दी जा सकती है, जिन्हें रिहायशी पार्किंग परमिट जारी किया गया हो." यह मसौदा अब जनता की राय के लिए खुला है.
मसौदे में कहा गया है, "रिहायशी पार्किंग परमिट किसी वाहन और उस वाहन नंबर से जुड़े व्यक्ति के नाम पर ही जारी किया जा सकता है. यह परमिट उन्हीं निवासियों को मिलेगा जो ऐसी रिहायशी इमारतों में रहते हैं, जहां भवन उपनियमों में तय न्यूनतम पार्किंग की आवश्यकता का उल्लंघन नहीं हो रहा है."
मसौदे में यह भी कहा गया है कि लाभार्थी के उसी इलाके में रहने की पुष्टि के बाद परमिट का हर साल नवीनीकरण किया जाएगा. रिहायशी पार्किंग परमिट की सालाना फीस छोटी कारों के लिए 15,000 रुपए, सेडान के लिए 20,000 रुपए और एसयूवी के लिए 25,000 रुपए होगी.