दिल्ली-पंजाब वाला बिजली मॉडल लेकर गोवा पहुंची AAP, बनेगी बात?
BJP सरकार के खिलाफ बढ़ती सत्ता-विरोधी लहर और कांग्रेस में लगातार हो रही टूट व दल-बदल के बीच अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (AAP) वोटरों को लुभाने के लिए बिजली बिल के मुद्दे पर फोकस कर रही है

गोवा में आम आदमी पार्टी (AAP) का मानना है कि सत्ता तक पहुंचने का रास्ता बिजली के मुद्दे से होकर जाता है. इसी सोच के तहत पार्टी ने मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं.
इनमें घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली और 24 घंटे बिजली आपूर्ति शामिल है. यह सब विधानसभा चुनाव से पहले हो रहा है, जो अगले साल की शुरुआत में या फिर अटकलों के मुताबिक इस साल के अंत तक भी हो सकते हैं.
2022 के विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ BJP मुश्किल स्थिति में थी लेकिन उसने 40 में से 20 सीटें जीत लीं. इसकी एक बड़ी वजह यह रही कि रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी (RGP), AAP और तृणमूल कांग्रेस (TMC) जैसी पार्टियों ने सत्ता-विरोधी वोटों का बंटवारा कर दिया जिससे कांग्रेस को नुकसान हुआ.
पिछले विधानसभा चुनाव में AAP ने दो सीटें जीतीं थी. बैनाउलिम सीट से वेंजी वीगास ने पूर्व मुख्यमंत्री और स्थानीय मजबूत नेता चर्चिल अलेमाओ को हराया, जबकि क्रूज सिल्वा ने वेलिम सीट जीती. TMC एक भी सीट नहीं जीत सकी लेकिन उसकी सहयोगी महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) ने दो सीटें जीतीं और राज्य मंत्रिमंडल में शामिल हो गई.
सितंबर 2022 में कांग्रेस के 11 में से आठ विधायक BJP में शामिल हो गए. इनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत, विपक्ष के नेता माइकल लोबो और नुवेम के विधायक अलेक्सियो सिकेरा भी शामिल थे. इससे विधानसभा में BJP और मजबूत हो गई. कांग्रेस को उम्मीद है कि 2012 से लगातार तीन कार्यकाल तक सत्ता में रहने के कारण BJP के खिलाफ बढ़ती नाराजगी का उसे फायदा मिलेगा. वहीं AAP को भरोसा है कि कांग्रेस में लगातार हो रहे दल-बदल और टूट से नाराज मतदाता उसे बड़ा राजनीतिक मौका देंगे.
पणजी में मीडिया से बात करते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गोवा के लोग बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लगातार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं कर पा रही, फिर भी लोगों से भारी-भरकम बिल वसूले जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जनवरी 2024 से मई 2025 के बीच सिर्फ 16 महीनों में 19,000 बार बिजली गुल हुई. वहीं इस साल जनवरी से मार्च के बीच 2,133 बार बिजली कटौती हुई.
केजरीवाल ने मांग की कि दिल्ली और पंजाब की तरह गोवा में भी घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाए. उन्होंने कहा कि इस पर 345 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जो राज्य के कुल बजट का लगभग एक फीसद है. उन्होंने 15 जून तक के सभी घरेलू बिजली बकाये माफ करने की भी मांग की.
उनका कहना था कि इससे 76 फीसद उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और वे नए सिरे से शुरुआत कर सकेंगे. केजरीवाल ने 24 घंटे बिजली आपूर्ति की भी मांग की. उन्होंने दावा किया, "यह बिजली की कमी का नहीं, बल्कि प्रबंधन का सवाल है." उन्होंने बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए मुख्यमंत्री सावंत को सिखाने की भी पेशकश की.
केजरीवाल ने कहा कि अगर 31 जुलाई तक ये मांगें नहीं मानी गईं तो AAP सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी. उन्होंने गोवा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCP) एक्ट की विवादित धारा 39(A) को लेकर भी राज्य सरकार पर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया, "इस धारा के तहत मंजूर की गई हर परियोजना एक घोटाला है. इसमें भ्रष्टाचार की बू आती है."
AAP ने वादा किया है कि सत्ता में आने पर वह धारा 39(A) को खत्म कर देगी. यह धारा जमीन की श्रेणी बदलने की अनुमति देती है, जिसके तहत हरित क्षेत्र या नो डेवलपमेंट जोन (NDZ) को व्यावसायिक विकास के लिए सेटलमेंट जोन में बदला जा सकता है.
इसका पूरे राज्य में विरोध हुआ है खासकर करापुर-सरवन इलाके में. केजरीवाल ने करापुर-सरवन के उन ग्रामीणों से भी मुलाकात की जो प्रस्तावित बड़ी हाउसिंग परियोजना का विरोध कर रहे हैं. दरअसल, इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मुंबई के एक रसूख वाले बिल्डर को दी गई है.
AAP के गोवा प्रदेश अध्यक्ष वाल्मीकि नाइक ने कहा, "बिजली बिल का मुद्दा अब बड़ा बन गया है. 24 घंटे बिजली नहीं मिल रही लेकिन बिल लगातार बढ़ रहे हैं." उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार सही बिजली आपूर्ति देने में नाकाम है लेकिन लोगों से बिल जरूर वसूल रही है.
22 जून को नाइक ने केजरीवाल की मांगों को दोहराते हुए मुख्यमंत्री सावंत को पत्र भी लिखा. स्मार्ट मीटर लगाने की विवादित योजना को लेकर विरोध के बाद सावंत सरकार ने फिलहाल इसे रोक दिया है. बैनाउलिम से AAP विधायक वेंजी वीगास ने कहा कि BJP सरकार अपने कार्यकर्ताओं तक को बिजली नहीं दे पा रही है. उन्होंने कहा कि 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने पर होने वाला 345 करोड़ रुपये का खर्च सरकार के कार्यकाल में हुए घोटालों से भी कम है.
इस महीने की शुरुआत में AAP कार्यकर्ताओं ने बिजली मंत्री रामकृष्ण उर्फ सुदीन धवलीकर के निजी आवास के बाहर बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर प्रदर्शन किया. धवलीकर महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) से हैं, जिसके विधानसभा में दो विधायक हैं.
बढ़े हुए बिजली बिलों के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों में लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री और मडगांव के विधायक दिगंबर कामत भी शामिल थे. उन्होंने अपने क्षेत्र के लोगों के साथ बिजली विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की. कामत 2007 से 2012 तक कांग्रेस में रहते हुए गोवा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. गोवा में बिजली की अधिकतम मांग 2023-24 में 776 मेगावाट, 2024-25 में 810 मेगावाट और 2025-26 में बढ़कर 864 मेगावाट हो गई है. आने वाले समय में इसके और बढ़ने की संभावना है.