सबसे गर्म रहा साल 2023, ट्रेंड के मुताबिक 2024 कैसा होगा?
बीते वर्ष के नवंबर के मुकाबले 2023 में नवंबर का तापमान एक तिहाई डिग्री ज्यादा रहा. इस साल सितंबर महीने में तापमान सबसे ज्यादा दर्ज किया गया था

"दुनिया के तापमान के लिहाज से पिछली छमाही वास्तव में चौंकाने वाली रही है. हाल ये है कि हमारे वैज्ञानिकों के पास इसकी व्याख्या करने के लिए विशेषण खत्म हो गए हैं." कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस की उप निदेशक सामन्था बर्गेस का ये बयान है. कॉपरनिकस एक यूरोपियन क्लाइमेट एजेंसी है जो दुनिया भर में मौसम के बदलते स्वभाव का अध्ययन करती है. एजेंसी ने 2023 को अब तक के इतिहास का सबसे गर्म साल (Hottest Year) घोषित किया है.
ये ट्रेंड तब सामने आया जब 2023 में मई के बाद से हर महीने में तापमान का रिकॉर्ड टूटता गया. हर महीने में उसके पहले से ज्यादा तापमान दर्ज किया गया. बीते वर्ष के नवंबर के मुकाबले 2023 में नवंबर का तापमान एक तिहाई डिग्री ज्यादा रहा. इस साल सितंबर महीने में तापमान सबसे ज्यादा दर्ज किया गया था. रिपोर्ट में ये खुलासा तब हुआ है जब दुबई में कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज़ 28 (COP28) का आयोजन हो रहा है.
COP28 में दुनिया भर के देशों के प्रमुख और वैज्ञानिक इकट्ठा हुए है. इस दौरान दुनिया भर में ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव और उसके समाधान को लेकर चर्चा हो रही है. 2015 के पेरिस जलवायु समझौते के अनुसार ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री तक सीमित करने के लक्ष्य पर काम करने की रणनीति भी बनी है.
कॉपरनिकस के वैज्ञानिकों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तापमान को लेकर जैसा ट्रेंड देखने को मिल रहा है, ये हर साल बढ़ता ही जाएगा. यानी 2024 में तापमान 2023 के मुकाबले ज्यादा हो सकता है. सामन्था बर्गेस कहती हैं, "इस साल नवंबर का औसत तापमान 14.22 डिग्री सेल्सियस था, जो पिछले 30 वर्षों के पूरे औसत से 0.85 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म था. नवंबर, 2023 में पहले की तुलना में 2 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान था. यह कुछ ऐसा है जो पहले कभी नहीं हुआ."
उन्होंने आने वाले वर्षों के लिए तापमान के ट्रेंड पर कहा, "वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों के लगातार उत्सर्जन से गर्मी और बढ़ेगी. इसकी वजह से भयावह बाढ़, आग, गर्मी की लहरें, सूखा जारी रहेगा. जब तक हम जीवाश्म ईंधन पर अपनी निर्भरता के बारे में कुछ नहीं करते, भविष्य में इस लिहाज से एक अच्छा वर्ष होने की बहुत संभावना नहीं है."
शोधकर्ताओं ने 2023 के अंतिम छह महीनों की रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की वजह भी बताई है. इसके लिए कोयला, तेल और गैस के इस्तेमाल की वजह से होता जलवायु परिवर्तन एक प्रमुख वजह है. COP28 के दौरान हो रही चर्चा इसी फैक्टर पर केंद्रित है. कोयला और तेल के दोहन से मौसम को लेकर उभरती समस्याओं को कम करने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है.