छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी की सरकार से तीन मांगें; वांगचुक ने भी बढ़ाया दबाव
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर कई सवाल उठाए

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी
राहुल गांधी ने 22 जुलाई को दिल्ली के इंदिरा भवन में करीब 40 मिनट तक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और NEET पेपर लीक का मुद्दा उठाया. इन घटनाओं के विरोध में काली पट्टी पहने राहुल गांधी ने शुरुआत में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'संसद मार्च' में शामिल छात्रों के वीडियो भी दिखाए. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सुरक्षाबलों ने बेरहमी से लाठीचार्ज किया. उन्होंने दावा किया कि NEET पेपर लीक से करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं.
भारत की शिक्षा व्यवस्था को 'फिक्स सिस्टम' बताते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन एक भी मामले में सजा नहीं हुई. कांग्रेस नेता ने कहा, "हमारे छात्रों ने क्या गलत किया है? सुरक्षा बल उन पर हथियार क्यों तान रहे हैं? उन्हें क्यों पीट रहे हैं? उनके साथ मारपीट और अपमान क्यों किया जा रहा है? धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटा देना चाहिए. वे इस पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं."
इसके साथ ही राहुल गांधी ने सरकार के सामने तीन मांगें रखीं. पहली मांग थी कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें. दूसरी मांग थी कि प्रदर्शनकारियों की पिटाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. तीसरी मांग यह थी कि प्रधानमंत्री पूरे मामले पर छात्रों से माफी मांगें.
सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए सरकार के सामने रखी शर्त
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनिश्चितकालीन अनशन खत्म करने के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा है कि अगर केंद्र सरकार आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ किसी तरह की कानूनी या दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का बिना शर्त आश्वासन देती है, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे. अन्यथा उनका अनशन जारी रहेगा.
28 जून से अनशन पर बैठे वांगचुक ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर अपनी बात रखी है. दोनों मंत्री मंगलवार रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचकर उनसे अनशन खत्म करने की अपील कर चुके हैं. फिलहाल वांगचुक मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं.
वांगचुक ने एक्स पर भी अपना पत्र साझा करते हुए कहा कि सरकार का आश्वासन मिलते ही वे न सिर्फ अनशन खत्म करेंगे, बल्कि युवाओं से भी आंदोलन स्थगित कर सरकार के साथ बातचीत शुरू करने की अपील करेंगे.
उन्होंने अपनी प्रमुख मांगों में NEET पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा, परीक्षा व्यवस्था पर संसद में गंभीर चर्चा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विचार की मांग दोहराई. वांगचुक ने कहा, "मेरी सबसे बड़ी चिंता आंदोलन में शामिल छात्रों की सुरक्षा है और उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए."