SIR पर विवाद के बीच नारा लोकेश चुनाव आयोग का बचाव क्यों कर रहे?

'इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ' में SIR, चुनाव आयोग के कामकाज, युवाओं के लिए रोजगार और आंध्र प्रदेश में निवेश बढ़ाने पर बात हुई. नारा लोकेश ने SIR को लेकर चुनाव आयोग का बचाव करते हुए सिस्टम को बेहतर बनाने की जरूरत बताई

आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश

आंध्र प्रदेश के मानव संसाधन विकास, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार तथा रियल-टाइम गवर्नेंस मंत्री नारा लोकेश ने 30 सितंबर को चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को संभालने के उसके तरीके का बचाव किया. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर चुनाव आयोग को लेकर कोई चिंता की स्थिति आती है तो नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) का घटक होने के बावजूद तेलुगु देशम पार्टी (TDP) उसे उठाती रहेगी.

लोकेश ने कोच्चि में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ के 'आंध्राज नेक्स्ट लीप: गवर्नेंस, ग्रोथ, एजुकेशन एंड ग्लोबल एम्बिशन' सत्र के दौरान अपना यह रुख सामने रखा. SIR विवाद को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की विपक्ष की मांग को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए लोकेश ने बताया कि जब TDP विपक्ष में थी तब उसने खुद SIR पर सफाई मांगी थी.

उन्होंने कहा कि सिस्टम पूरी तरह से सही नहीं है लेकिन चुनाव आयोग इसकी कमियों को दूर करने के लिए काम कर रहा है. आंध्र प्रदेश के अनुभव का जिक्र करते हुए लोकेश का कहना था कि राज्य में SIR प्रक्रिया के दौरान 92 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी थी.

लोकेश ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस आरोप को खारिज कर दिया कि चुनाव आयोग BJP के इशारे पर काम कर रहा है. उन्होंने तर्क दिया कि विपक्षी पार्टियों को बूथ लेवल पर अपने संगठन को मजबूत करने की जरूरत है और उन्हें यह जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि उनके मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज हों. TDP नेता के मुताबिक, "जब आप हार जाते हैं तो चुनाव आयोग पर दोष मढ़ना आसान होता है."

लोकेश ने कहा कि NDA का हिस्सा होने के नाते TDP केंद्र सरकार से जुड़े मुद्दों पर गठबंधन के अंदर अपनी राय रखती रहेगी. उन्होंने पार्टी की भूमिका, गठबंधन में रहते हुए फीडबैक देना बताया.

चर्चा जब Gen Z, रोजगार और शिक्षा की ओर बढ़ी तो लोकेश ने कहा कि रोजगार भारत के युवाओं की सबसे बड़ी चिंता है. उन्होंने आंध्र प्रदेश सरकार के 20 लाख रोजगार पैदा करने के लक्ष्य के बारे में बताया. इसके लिए पाठ्यक्रम में बदलाव, इंडस्ट्री से जुड़े ITI और निवेश पर जोर दिया जा रहा है.

शिक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि 16,000 शिक्षकों की भर्ती की गई है और प्रवेश परीक्षा सिस्टम में सुधार की जरूरत है. उन्होंने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम टेक्नोलॉजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की आंध्र सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया.

लोकेश ने आंध्र प्रदेश को निवेश के लिए एक ऐसे राज्य के तौर पर सामने रखा जो '3S मंत्र' यानी स्पीड, सर्विस और स्टेबिलिटी पर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर, मैन्युफैक्चरिंग और रिन्यूएबल एनर्जी समेत 23 क्लस्टर में निवेश ला रहा है.

हालांकि, उन्होंने गवर्नेंस में कमियों को भी माना. उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य "एनर्जी प्लानिंग में मौका गंवा चुका है". साथ ही उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास तेज होने से आखिरकार आंध्र प्रदेश को अपना कर्ज चुकाने में मदद मिलेगी.

सत्र की खास बातें| नारा लोकेश

  • "क्या यह सिस्टम पूरी तरह सही है? बिल्कुल नहीं. किसी भी सिस्टम की तरह इसमें भी सुधार की गुंजाइश है. लेकिन क्या इसे बेहतर बनाने और जिन समस्याओं को दूर करने की जरूरत है, उन्हें हल करने की कोशिश हो रही है? हां, यह कोशिश हो रही है."
  • "अगर आप हारते हैं तो SIR की भूमिका है. लेकिन वोटों पर नजर रखने के लिए आपका संगठन कहां है? जहां वोट जोड़े जा रहे हैं, क्या आपने उसका होमवर्क किया है? आपका बूथ स्तर का संगठन कहां है? उल्टा आप चुनाव आयोग को दोष दे रहे हैं."
  • "यह जरूरी है कि हर योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची में हो. एक राजनीतिक पार्टी के तौर पर हमने मतदाता सूची की ताकत को समझा है. पहले दिन से हमारा पूरा ध्यान इस पर रहा है."
  • "आज भारत का युवा सिर्फ एक बात कह रहा है, ज्यादा से ज्यादा रोजगार पैदा करें. यही एक एजेंडा है, जिस पर मेरी सरकार भी काम कर रही है. हम सब मिलकर काम कर रहे हैं."
  • "शिक्षा व्यवस्था को भविष्य के भारत की जरूरतों के हिसाब से बदलना होगा, न कि बीते कल के हिसाब से."

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